NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या यही है बिहार का सुशासन ?
बिहार में तेज़ी से बढ़ते अपराध के बीच नीतीश सरकार के सुशासन की पोल खुलती नजर आ रही है । बिहार में बढ़ते  अपहरण, लूटपाट, छेड़खानी , मार-काट, महिलाओं के साथ दुष्कर्म के घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है ।
मुकुंद झा
16 Jun 2018
GANG rape

बिहार में तेज़ी से बढ़ते अपराध के बीच नीतीश सरकार के सुशासन की पोल खुलती नजर आ रही है । बिहार में बढ़ते  अपहरण, लूटपाट, छेड़खानी , मार-काट, महिलाओं के साथ दुष्कर्म के घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है । बिहार में जंगलराज का डर लोगों को एक बार फिर से  सताने लगा है । पिछले कुछ दिन से इस  तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है जिसके बाद कानून-व्यवस्था पर  सवाल उठने  लगा है । अपराध के मामला में पूरे बिहार में कोई  कमींनही हुई बल्कि ये लगातार बढ़ रहे हैं |

राज्य में कानून –व्यवस्था बिगड़ती जा रही है | राजधानी पटना समेत बिहार के बाकी ज़िलों में लगातार अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है  और सरकारी दावे के अनुसार पुलिस के कड़ी करवाई के निर्देश हैं फिर भी अपराधिक घटना में कमी नहीं दिखती है ।

हालिया मामला बिहार में एक महिला और उसके नाबालिग बेटी से सामूहिक बलत्कार का है,बिहार के गया ज़िले में एक बहुत ही भयावह घटना हुई | जब एक डॉक्टर अपनी पत्नी और अपनी बेटी के साथ बाइक से जा रहे थे तो रास्ते में 10 से 12 लोगों ने उनका रास्ता रोका | डॉक्टर के हाथ पाँव बाँध दिया और थोड़े ही दूर पर उनकी पत्नी और बेटी के साथ दुष्कर्म किया | इसके बाद उनकी पत्नी और बेटी के भी हाथ पांव बांध दिए ,फिर उनका मोबाईल और पैसे भी छीन लिए और तीनों के साथ मारपीट भी की |
वामपंथी दल के नेता निरंजन ने न्यूज़ क्लिक से बात करते हुए कहा कि इस घटना को लेकर अभी भी पूरे इलाके में गस्सा है और इस घटना को लेकर लगातार सभी विपक्षी दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है | कल भी इस पूरे इलाके में बंद का एक सफल आयोजन किया गया था | आज भी ज़िला स्तर पर विरोध प्रदर्शन का आवाहन किया गया है |

इसी मुद्दे पर वामपंथी दल के नेता का कहना है कि  “अभी बिहार में महाजंगल राज है | कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नही है” |
इन दिनों बिहार में ऐसा लग रहा है कि  सुशासन अब दू:शासन में बदल रहा है |क्योंकि बिहार में लगातार इस तरह की घटनएं घट रही हैं | अभी कुछ दिनों मी डिया में कई रिपोर्ट आई थीं की किस तरह से मुजफ्फरपुर में बालिका ग्रह में बालिकाओं के साथ यौन शोषण होता है | इसके साथ ही आय दिन बिहार में लूटपाट की खबरे आती ही रहती है |
बिहार में वर्तमान में नितीश और भाजपा गठबन्धन की सरकार है ये सरकार नितीश के राजद से गठबंधन तोड़ने के बाद बनी थी | इसके पहले  नितीश का कहना था कि राजद के साथ उन्हें राज्य में कानून व्यवस्था लागू  कर पाना मुशिकिल हो रहा है इसलिए वो भाजपा के साथ सरकार बना रहे हैं | परन्तु इसी बीच बिहार में महागठबंधन तोड़कर सत्ता में आई नीतीश और भाजपा की संयुक्त सरकार में होने वाले अपराधों के आंकड़े सामने आए हैं। ये आंकड़े बता रहे हैं कि बिहार की मौजूदा सरकार में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद के साथ गठबंधन के मुकाबले भाजपा से गठबंधन करने के बाद अपराध का ग्राफ तेज़ी  से ऊपर गया है।
जानकारी के लिये बता दें कि बीते साल जुलाई के आखिरी सप्ताह में नीतीश कुमार ने अपने तत्कालीन सहोयगी दल राजद और कांग्रेस के महागठबंधन से अलग हुए थे |
बिहार पुलिस के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2017 में जहां कुल संगीन अपराधिक मामलों की संख्या 20 हजार 96 थी वहीं यह संख्या दिसंबर 2017आते आते बढ़कर 20 हजार 446 हो गई थी। इसी प्रकार अगस्त 2017 में बिहार में कुल 236 हत्या के मामले दर्ज हुए थे जो दिसंबर 2017 आते आते 228 हो गए। बिहार में नीतीश और भाजपा की गठबंधन सरकार आते ही बलात्कार की वारदात में तेज़ी  से बढ़ोत्तरी हुई।
अगस्त 2017 में कुल बलात्कार के 102 मामले, सितंबर में बलात्कार के 118 मामले, और अक्टूबर में 113 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए थे। हालांकि, नवंबर-दिसंबर में बलात्कार के मामलों में कमी आई है। इसी प्रकार सांप्रदायिक दंगों, अपह्रण, चोरी, लूट के मामलों में भी बढ़ोत्तरी हुई है। जानकारी के लिये बता दें कि आंकड़े इस साल के मार्च तक ही हैं।

बिहार पुलिस के वेबसाइट से(स्रोत ;http://biharpolice.bih.nic.in/)

बिहार में मार्च के महीने में दंगे के कुल 1066 मामले दर्ज किए गए थे, और उसके अगले महीने अप्रैल में रामनवमी के मौके पर बिहार के कई जिलों में दंगे  भड़के थे। इन दंगों में भाजपा के कई नेताओं पर दंगा भड़काने का आरोप भी लगा था। जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित चौबे पर भी भागलपुर से मिले हुए क्षेत्र में दंगा भड़काने का आरोप लगा था।

बिहार पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस साल के शुरुआती तीन महीनों में कुल 57 हजार 441 संगीन अपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। जिसमें अपह्रण के2171, हत्या के 667, बलात्कार के 289, लूट डकैती के 71, चोरी के 7172 और सांप्रदायिक दंगा के 2288 मामले दर्ज हुए हैं।

बिहार पुलिस के वेबसाइट से(स्रोत ;http://biharpolice.bih.nic.in/)

एक तरफ जहाँ पूरे राज्य में इस तरह की घटनाओं  को लेकर कोतुहल है वहीं  बिहार की राजनीती में इन दिनों राजनीतिक पारा उफान पर है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंध (राजग) के घटक दलों में आम चुनाव 2019 के मद्देनजर अधिक से अधिक सीटों पर दावा करने की होड़ मची है। इसी बीच बिहार में अपराध का ग्राफ तेजी से ऊपर उठता जा रहा है। सुशासन बाबु का खौफ अपराधियों में लगभग खत्म हो गया है।
बिहार के राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि  बिहार में लोग खुद को सुरक्षित महसूस नही कर रहे हैं | इस तरह की घटना बिहार के लिए आम बात हो गई है | बिहार में शासन का राज नही है ,केवल भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल है |  

Bihar
gaya
gaya rape case
Nitish Kumar
RJD
jdu

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • एनबीए को आईटी नियमों से राहत, वेदांता ज़िंक प्लांट और अन्य ख़बरें
    न्यूज़क्लिक टीम
    एनबीए को आईटी नियमों से राहत, वेदांता ज़िंक प्लांट और अन्य ख़बरें
    09 Jul 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी केरल हाई कोर्ट ने नए आईटी नियमों से एनबीए को दी राहत, वेदांता ज़िंक प्लांट और अन्य ख़बरों पर।
  • उत्तर प्रदेश: ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान 14 जिलों में हिंसक घटनाएं, पुलिस और प्रशासन बने रहे मूक दर्शक
    असद रिज़वी
    उत्तर प्रदेश: ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान 14 जिलों में हिंसक घटनाएं, पुलिस और प्रशासन बने रहे मूक दर्शक
    09 Jul 2021
    उत्तर प्रदेश के कई जिलों से प्रस्तावकों के अपहरण और प्रत्याशियों के बीच गोलियां चलने की खबर है। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया।
  • वन भूमि पर दावों की समीक्षा पर मोदी सरकार के रवैये से लाखों लोगों के विस्थापित होने का ख़तरा
    अयस्कांत दास
    वन भूमि पर दावों की समीक्षा पर मोदी सरकार के रवैये से लाखों लोगों के विस्थापित होने का ख़तरा
    09 Jul 2021
    विशिष्ट मार्गदर्शिका का अभाव और केंद्रीय निगरानी की मशीनरी न होने के कारण राज्य दर राज्य वन भूमि पर अधिकारों के दावों के मामले अलग-अलग हैं।
  • डाटा संरक्षण विधेयक जब तक कानून का रूप नहीं लेता, नई निजता नीति लागू नहीं करेंगे: वॉट्सऐप
    भाषा
    डाटा संरक्षण विधेयक जब तक कानून का रूप नहीं लेता, नई निजता नीति लागू नहीं करेंगे: वॉट्सऐप
    09 Jul 2021
    वॉट्सऐप ने मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष यह भी साफ किया कि इस बीच वह नई निजता नीति को नहीं अपनाने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग के दायरे को सीमित नहीं करेगा।
  • झुग्गियों को उजाड़ने के ख़िलाफ़ एवं उनके पुनर्वास की मांग को लेकर माकपा का नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    झुग्गियों को उजाड़ने के ख़िलाफ़ एवं उनके पुनर्वास की मांग को लेकर माकपा का नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
    09 Jul 2021
    सीपीआईएम ने मांग की है कि जब तक प्राधिकरण या सरकार द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई जाती है तब तक इन झुग्गी बस्ती में रह रहे गरीब लोगों को वहीं पर रहने दिया जाए। और यदि किसी कारणवश उन्हें जनहित…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License