NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्यों सीबीआई को अब भी नजीब का पता नहीं चल पाया है ?
नजीब (27 ), एक छात्र जो की JNU से ऍम .सी कर रहे थे  माहि-मांडवी हॉस्टल से 15 अक्टूबर 2016 से लापता हैं I
तारिक़ अनवर
01 Mar 2018
Translated by मुकुंद झा
najeeb

नई दिल्ली:  केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सोमवार को कहा के उन्हें नजीब की गुमशुदगी के मामले में एक नया  और  बहुत महत्वपूर्ण सुराग मिला है I लेकिन जब  दिल्ल  उच्च न्यायाल  में सीबीआई ने  ये  कहा के वो इस बात का इंतजार कर रही है कि उन्हें उन नौ छात्रों का व्हात्सप्प संदेश और स्थान  विवरण मिले  जिन्होंने नजीब पर हमला किया तो ये आभास होता है कि वह इसमें पूर्णरूप से असफल रही |

दिल्ली पुलिस के द्वारा युवक को ढूंढने में नाकामी के चेलते  ये मामल 16 मई 2017  को CBI सौंपा गया था I लेकिन पिछले साल 14 नवम्बर को हुई सुनवाई में भी CBI  ने कोर्ट में यही कहा था जो इस बार कहा है I

नजीब (27 ), एक छात्र जो की JNU से ऍम .सी कर रहे थे  माहि-मांडवी हॉस्टल से 15 अक्टूबर 2016 से लापता हैं I इसकी पिछली रात को उनकी झपड़ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कुछ छात्रों से हुई थी I

वरिष्ट वकील कोलिन गोंसाल्वेस ,ने नजीब की माता जी की ओर से तर्क देते हुए  कहा की इस तथ्य  को रिकॉर्ड  में रखना चाहिए कि किस  दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रन्च ने एक ऑटो ड्राईवर को पकड़कर  मनगढ़ंत झूठी  थ्योरी  दी जिसमे बतया गया की उसने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय जाने के लिए ऑटो लिया था I सीबीआई ने 14 नवम्बर 2017 ,ये तथ्य कोर्ट के रिकॉर्ड में है की किस तरह से क्राइम ब्रांच अफसरों  ने निरुद्देश्यता से एक ऑटो ड्राईवर को उठा कर उसपर दबाव डालकर झूठा बयान दिलाया I    

जैसे ही मंगलबार सुनवाई पुनः शुरु हुई,  सीबीआई  के वकील ने ये कहा   की सोमवार को सीबीआई मुख्यालय के  बहार प्रदर्शन हुआ था , उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा इस  प्रदर्शनकारियों ने सीबीआई मुख्यालय का गेट ब्लॉक किया I

इस  प्रदर्शन का आवाहन  फातिमा नफीस ने किया था , इसमें  JNU ,दिल्ली विश्वविद्यालय जामिया,AMUऔर अन्य जगहों से आये छात्र शामिल हुए I इसमें  ये आरोप लगया गया की संस्था नजीब को ढूढ़ने की  पर्याप्त कोशिश नहीं कर रहा है  | सीबीआई  SP एस एस  गुरुम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया की सन्स्थ को नया और अतिमहत्वपूर्ण सुराग मिला है जिसे वो आज कोर्ट के सामने प्रस्तुत करेंगे |

उच्च न्यायलय  की खंड पीठ में शामिल जस्टिस एस मुरलीधर और आई एस मेहता ने कहा  की ये एक लोगो की चिंता जाहिर करने का लोकतान्त्रिक तरीका है ,क्योकि केस खीचा जा रहा है |

वकील कोलिन ने कहा जिस तत्पर्ता से जाँच पड़ताल जरूरत थी वो नहीं की गयी और अब न्ययालय में  प्रथना करने आये हैं की आदेश दे की जाँच जल्दी हो सके  |उन्होंने  आरोप लगाया की पुलिस ने एक साल बर्बाद किया |

उन्होंने पुरानी प्रथना को दोहराया कहा की न्यायालय के निगरानी में  जॉंच हो |उन्होंने कहा की  सेवानिवृत्त न्यायाधीशो को एक मॉनिटर समिति नियुक्त की जाए  जो उन सभी कागजातों का  निरीक्षण कर सके जो क्राइमब्रांच और सीबीआई ने दिया है | न्यायाधीशों ने इस याचिका को सीएफएसएल रिपोर्टों को देखने के लिए रोके रखा है ।

पहले भी सीबीआई को न्ययालय द्वरा डाट खानी परी थी क्योकि पाँच महींने से केस लेने  के बाद भी सीबीआई ने अभी तक कोई परीणाम नहीं दिया है क्योकि इनकी नजीब की गुमशुदगी में कोई दिलचस्पी नहीं है |

नजीब के गुमशुदगी के एक महीने बाद ही नजीब की माता जी उच्च न्ययालय गई 25 नवम्बर 2016 को गई की न्ययालय पुलिस को निर्देशित करे की उनके बेटे का पता लगाये |दिल्ली उच्च न्ययालय ने तत्काल ही  दिल्ली पुलिस को निर्दशित किया की सभी दिर्ष्टीकोण को देखे और राजनीती दयेरे के बहार जा करके इस यूवक का पता लगाएं , क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी के दिल से कोई यूँहीं नहीं गायब हो सकता है।

 हालांकि, नजीब के गायब हो जाने के सात महीने बाद भी पुलिस नजीब के ठिकाने के बारे में कुछ नहीं पता चलने से, जांच नौ महीने पहले सीबीआई को  सौंपी गई थी|

पिछले वर्ष अगस्त में जब सीबीआई कोई नई प्रोग्रेस रिपोर्ट नहीं दे पाई तो न्ययालय ने सख्त  शब्दों में सीबीआई को डाट और कहा की ये आपको मजाका के लिए नहीं दिया था |

6 सितम्बर को न्ययालय ने सीबीआई को निर्दशित किया की नजीब को ढूढने  के लिए  कदम उठाए |

फ़ातिम नफीस ने प्रदर्शनकारियों को बतया की बीते डेड साल से जाँच के नाम पे एक इंच भी आगे नहीं बढा है | जिससे ऐसा कोई कारण नहीं है जिससे सीबीआई पर भरोष कायम रहे |इसके साथ ही बिना किसी सबूत के कहानी फैलाई जा रही है की नजीब  ISIS में भर्ती  हो गया है |

उन्होंने JNU विसी पर भी हमला करते हुए कहा की उसे तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए |यदि उसने वाईस चांसलर के तौर पर FIR  किया होता,  तो पुलिस ज़्यादा गंभीरता से लेती | हम चाहते हैं कि सीबीआई ने नौ एबीवीपी छात्रों से  सवाल करे जिन्होंने नजीब पर हमला किया था I

नवाई की अगली तारीख के रूप में अदालत ने 3 अप्रैल की गयी है I

नजीब
सीबीआई
JNU
JNU VC
CBI

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ नया मामला दर्ज किया, कई जगह छापे मारे

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है

सीबीआई को आकार पटेल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मिली अनुमति

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

जेएनयू छात्र झड़प : एबीवीपी के अज्ञात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License