NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केरल चुनाव : एलडीएफ़ का चुनाव प्रचार जारी, यूडीएफ़ और बीजेपी अभी उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया में
केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, जो एलडीएफ़ चुनाव अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं, ने कन्नूर ज़िले के धर्मदाम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव अभियान की शुरूआत की थी, जो अब और भी जगहों पर जारी है।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
15 Mar 2021
Translated by महेश कुमार
केरल

केरल में 15वीं विधानसभा के चुनाव प्रचार की शुरुआत सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने अपनी उम्मीदवारॉन की सूची की घोषणा के साथ की। 6 अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को अभी अपने उम्मीदवारों की सूची की घोषणा करना बाकी है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, जो चुनाव में एलडीएफ का नेतृत्व कर रहे हैं, ने कन्नूर जिले के धर्मदाम निर्वाचन क्षेत्र से मौर्चे के अभियान की शुरूवात की जो उनका खुद का निर्वाचन क्षेत्र भी है। वे एक ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने सफलतापूर्वक पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और ओखी, निपा सहित अभूतपूर्व चुनौतियों से जूझते हुए 2018 और 2019 में आई बाढ़ और कोविड-19 का मुक़ाबला किया, उनका उनके गढ़ में सैकड़ों लोगों ने स्वागत किया, जिन्हें उन्होंने बाद में संबोधित किया।

केंद्रीय गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए, विजयन ने कहा “अमित शाह सांप्रदायिकता का अवतार हैं। वे सांप्रदायिकता को बढ़ाने के लिए लिए भी कुछ भी कर सकते है। बाजूद इसके कि वे अब केंद्रीय मंत्री बन गए हैं लेकिन उनमें कोई बदलाव नहीं आया हैं। वे आज भी एक आरएसएस के नेता है- जो सांप्रदायिकता का प्रचार करते है- और वही आदमी हमें धर्मनिरपेक्षता सिखाने की बात कर रहा है, ”उन्होंने कहा।

शाह की केरल की एक चुनावी रैली के एक दिन बाद विजयन ने यह पलटवार किया था, जिस रैली में शाह ने सोने और डॉलर की तस्करी के मामलों की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसियों पर विजयन को हमला करने के लिए दोषी ठहराया और जानना चाहा कि मुख्य अभियुक्त ने उनके कार्यालय के माध्यम से काम किया था या नहीं और क्या सीएम कार्यालय ने सीमा शुल्क अधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश्स की थी या नहीं। 

स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा जो सत्तारूढ़ एलडीएफ की एक अन्य स्टार प्रचारक हैं, वे कन्नूर में मट्टनूर सीट से चुनाव लड़ रही हैं और यहाँ दौरे पर आई हुई थी।  शैलजा, जिन्होंने 2016 में कुथुपरम्बु निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था, ने इस अपना निर्वाचन क्षेत्र बदल दिया है। उद्योग और खेल मंत्री, ई.पी. जयराजन ने 2016 में मट्टनूर का प्रतिनिधित्व किया था और थॉमस इसाक, ए॰ बालन, जी॰ सुधाकरन, सी॰ रवींद्रनाथ और पी॰ श्रीरामकृष्णन के साथ चुनाव लड़ा था।

शुक्रवार को मट्टनूर में शैलजा टीचर

जबकि एलडीएफ मोर्चा अपने अभियानों में काफी आगे निकल गया है, यूडीएफ और भाजपा अभी भी अपने उम्मीदवारों की पूरी सूची की घोषणा ना बाकी है। यूडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने शुक्रवार को अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग केरल की कुल 140 सीटों में 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। 25 निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है और बाकी की घोषणा बाद में की जाएगी।

पी॰ के॰ कुन्हालीकुट्टी केरल की राजनीति में वापसी करने के लिए सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है और मलप्पुरम के वेंगारा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। कुणालिकुट्टी, जो विधानसभा में वेंगारा का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, ने उस वक़्त ई॰ अहमद के निधन के बाद लोकसभा का उपचुनाव लड़ने के लिए 2017 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होने माकपा के वी॰ के॰ सानु को हराकर जीत को बरकरार रखा। अब वे राज्य की राजनीति में वापस आ गए हैं और अगर यूडीएफ सत्ता पर काबिज हो जाती है तो सरकार में उनकी अहम भूमिका हो सकती है।

कांग्रेस को अभी भी अपने उम्मीदवारों की सूची की घोषणा करनी है। विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला, केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन और ओमन चांडी ने कुछ दिन पहले उम्मीदवारों की सूची पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात की थी।

हालांकि, सीटों को लेकर पार्टी के भीतर घुसपैठ तेज हो गई है। कई कांग्रेस नेताओं ने पार्टी भी छोड़ दी है और कुछ भाजपा में चले गए हैं। पंडलम प्रतापन, जिन्हें कांग्रेस अडूर से उम्मीदवार बनाने के बारे में सोच रही थी, वे उनमें से एक हैं। कुछ कांग्रेस के सदस्य वामपंथी खेमे में चले गए हैं।

कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक, पी.सी. चाको, ने पार्टी की केरल इकाई को  गुटों में बांटने का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिद्वंद्वी खेमाँ टिकटों रस्साकसी कर रहे हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि 6 अप्रैल को केरल विधानसभा के होने वाले चुनावों को लेकर पार्टी के उम्मीदवार दो समूहों- ओमन चांडी के नेतृत्व में 'ए' समूह और रमेश चेन्निथला के नेतृत्व में 'आई' समूह में बांट गए हैं। दिवंगत वयोवृद्ध नेता के॰ करुणकरन और वरिष्ठ नेता ए.के. एंटनी के समय से ये ‘ए’ समूह और ‘आई’ समूह में बंटा है, तब एंटनी ‘ए’ और करुणाकरण ‘आई’ समूह का नेतृत्व करते थे। 

कांग्रेस के भीतर टकराव यहीं खत्म नहीं हो जाता है। हाल ही में मिली रिपोर्टों के अनुसार, कासरगोड, मलप्पुरम और इडुक्की सहित कई जिलों में पार्टी का नेतृत्व प्रस्तावित उम्मीदवारों से संतुष्ट नहीं है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे ऐसे ’उम्मीदवारों’ को लड़ने की अनुमति नहीं देनेग जो उनके परिवेश से परिचित नहीं हैं। 

मलप्पुरम की नीलाम्बुर विधानसभा सीट से युडीएफ उम्मीदवार के रूप में पूर्व कोझिकोड डीसीसी अध्यक्ष टी॰ सिद्दीकी का नाम उभरा है। पहले कहा गया था कि बजाऊ इनके मलप्पुरम डीसीसी अध्यक्ष वी.वी. प्रकाश यहाँ से चुनाव लड़ेंगे। अब, पार्टी कार्यकर्ता और प्रकाश पार्टी से इस्तीफा देने की धमकी दे रहे हैं।

रिपोर्टों से यह भी पता चला है कि कासरगोड से डीसीसी अध्यक्ष सहित कई लोगों ने उम्मीदवार सूची के खिलाफ असंतोष व्यक्त करते हुए इस्तीफा देने की इच्छा व्यक्त की है। पार्टी के सदस्यों ने केरल कांग्रेस जोसेफ समूह को दी जाने वाली थ्रिक्कारिपुर सीट पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। इडुक्की में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व डीसीसी अध्यक्ष रॉय के॰ पॉलोज को टिकट न देने के बाद इस्तीफा देने की धमकी दी है। पांच ब्लॉक पंचायत अध्यक्ष, 15 जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि और अन्य कथित तौर पर पार्टी से इस्तीफा देने के लिए कमर कस चुके हैं।

कन्नूर जिले के इरिकुरूर विधानसभा से कांग्रेस ‘आई’ समूह ने सजीव जोसेफ की उम्मीदवारी का विरोध किया है वे एआईकेसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के करीबी सहायक हैं। श्रीकंदपुरम में स्थित इरिकूर विधानसभा समिति कार्यालय को आई समूह के कार्यकर्ताओं ने बंद कर दिया है जो वकील सोनी सेबस्टियन की उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं। 

त्रिशूर जिले के चलाकुडी में, कांग्रेस के 33 बूथ अध्यक्षों ने मैथ्यू कुझलदान की उम्मीदवारी के विरोध में इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक विरोध मार्च निकाला जिसमें मांग की गई कि उम्मीदवार बाहर के बजाय चालाकुडी से होना चाहिए।

ज़बरदस्त चुनावी मुक़ाबला 

यह देखते हुए कि केरल में नेमोम भाजपा की एकमात्र सीट है, यह सीट भाजपा, एलडीएफ और यूडीएफ के लिए प्रतिष्ठित सीट है। कांग्रेस का कहना है कि वह इस सीट से हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार खड़ा करेगी। ओमन चांडी, रमेश चेन्निथला और के॰ मुरलीधरन के नाम की उम्मीदवारी अफवाह है। हालांकि, एलडीएफ ने राज्य की राजधानी के लोकप्रिय नेताओं में से एक वी॰ शिवकुट्टी को मैदान में उतारा है।
2016 में, भाजपा के ओ॰ राजगोपाल ने सीपीआईएम के शिवकुट्टी को हराकर 8,671 मतों के अंतर से सीट जीत ली थी जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ का उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहा था। माकपा हमेशा से कहती रही है कि भाजपा को खाता खोलने की अनुमति देना कांग्रेस की योजना का हिस्सा था। 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Kerala Election: LDF Begins Campaigning, UDF and BJP Yet to Announce Candidate List

Kerala Elections 2021
Kerala Assembly Elections
LDF candidate list
ldf vs udf
Left Democratic Front Government in Kerala
BJP
Congress
Kerala Polls

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • yogi
    रोहित घोष
    यूपी चुनाव: योगी आदित्यनाथ बार-बार  क्यों कर रहे हैं 'डबल इंजन की सरकार' के वाक्यांश का इस्तेमाल?
    25 Feb 2022
    दोनों नेताओं के बीच स्पष्ट मतभेदों के बावजूद योगी आदित्यनाथ नरेंद्र मोदी के नाम का इसतेमाल करने के लिए बाध्य हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है कि नरेंद्र मोदी अब भी जनता के बीच लोकप्रिय हैं, जबकि योगी…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बर, युद्ध और दांवः Ukraine पर हमला और UP का आवारा पशु से गरमाया चुनाव
    24 Feb 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने Ukraine पर Russia द्वारा हमले से अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति की हार पर चर्चा की। साथ ही, Uttar Pradesh चुनावों में आवारा पशु, नौकरी के सवालों पर केंद्रित होती…
  • UP Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022 : आवारा पशु हैं एक बड़ा मुद्दा
    24 Feb 2022
    न्यूज़क्लिक के इस ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता ने सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता डॉ संदीप पांडे से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। डॉ पांडेय ने…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    अमेरिकी लालच से पैदा हुआ रूस और यूक्रेन का तनाव, दुनिया पर क्या असर डाल सकता है?
    24 Feb 2022
    अमेरिका के लालच से पैदा हुआ रूस और यूक्रेन का तनाव अगर बहुत लंबे समय तक चलता रहा तो दुनिया के बहुत से मुल्कों में आम लोगों के जीवन जीने की लागत बहुत महँगी हो जाएगी।
  • Tribal Migrant Workers
    काशिफ काकवी
    मध्य प्रदेश के जनजातीय प्रवासी मज़दूरों के शोषण और यौन उत्पीड़न की कहानी
    24 Feb 2022
    गन्ना काटने वाले 300 मज़दूरों को महाराष्ट्र और कर्नाटक की मिलों से रिहा करवाया गया। इनमें से कई महिलाओं का यौन शोषण किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License