NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
...ख़तरा बड़ा है लेकिन सबकी नज़र बस तमाशे पर है
“एक ऐसे देश का नागरिक और पत्रकार होने के नाते जहां का पीएम पूरे कार्यकाल में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की हिम्मत नहीं रखता मुझे ट्रंप भी तुलनात्मक रूप से अधिक लोकतांत्रिक नज़र आ रहे हैं।”
नितिन ठाकुर
09 Nov 2018
Modi-Trump (File Photo)
Image Courtesy: Financil Express

तानाशाही प्रवृत्ति का नेता जब जीतता है तो बदतर होता है, लेकिन जब वो हारता है तो बदतरीन साबित होता है। अमेरिका में ट्रंप ने इस बात को एकदम सही साबित किया। मध्यावधि चुनाव में उन्होंने मात क्या खाई वो तो बौखला ही गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच जब सीएनएन के जिम एकोस्टा ने सेंट्रल अमेरिका की तरफ से रोज़गार की तलाश में आ रही हजारों की भीड़ के बारे में ट्रंप से पूछा तो वो आक्रामक हो गए। ट्रंप ने शरण लेने आ रही भीड़ को आक्रमणकारी कहा। एकोस्टा ने इस शब्द का विरोध करना चाहा तो ट्रंप ने उखड़ते हुए कहा कि देश मुझे चलाने दो और तुम सीएनएन चलाओ और अगर तुमने उसे ठीक से चलाया तो टीआरपी भी आएगी।

सीएनएन के बारे में ऐसी रूखी और चलताऊ टिप्पणी एकोस्टा के लिए नई नहीं थी। वो दो साल से इसे झेल रहे हैं। खैर, एकोस्टा फिर भी बैठे नहीं, बल्कि वो किया जो रिपोर्टर अक्सर करते हैं। उन्होंने कुरसी पर वापस बैठने के बजाय तुरंत दूसरा सवाल दागा, लेकिन ये सवाल राष्ट्रपति महोदय के लिए सबसे ज्यादा चुभनेवाला बना हुआ है। एकोस्टा ने अमेरिकी चुनाव में रूसी हस्तक्षेप को लेकर चल रही जांच पर कुछ कहना चाहा पर उससे पहले ही व्हाइट हाउस की एक इंटर्न ने उनसे माइक लेने की कोशिश की। एकोस्टा ने माइक नहीं दिया तो उसने छीनना चाहा। इस छीनने की कोशिश में ही एकोस्टा का दूसरा हाथ इंटर्न से टकराया। इंटर्न हट गई और एकोस्टा ने सवाल पूरा किया जिसका जवाब ट्रंप ने उसी बेरुखी से एक लाइन में दे दिया। जवाब के बाद ट्रंप ने 'दैट्स एनफ' बोला मगर जब एकोस्टा क्रॉस सवाल कर रहे थे तो उन्होंने पोडियम से हट जाने का तमाशा किया। फाइनली इंटर्न ने माइक लिया और एनबीसी के पीटर एलेक्ज़ेंडर को थमा दिया।

तब तक ट्रंप का गु्स्सा थमा नहीं था। अब माइक भी एकोस्टा के हाथ में नहीं था। मौका देखकर ट्रंप ने कहा कि 'सीएनएन को तुम पर शर्म आनी चाहिए, तुम अशिष्ट और भयानक आदमी हो।' ट्रंप इतने पर ही नहीं रुके बल्कि उन्हें एकोस्टा और अपनी प्रेस सचिव सारा हकाबी सैंडर्स की एक तनातनी भी याद आ गई तो लगे हाथ उस बात पर भी ताना मारा। उन्होंने एकोस्टा को नसीहत दी कि उन्हें लोगों के साथ खराब व्यवहार नहीं करना चाहिए।

अब माइक पीटर एलेक्ज़ेंडर के हाथ में था जो इतनी देर से खड़े होकर अपने सवाल की बारी का इंतज़ार कर रहे थे। ट्रंप को लगा कि अब सब सामान्य है मगर अपनी साथी के अपमान से आहत पीटर ने सवाल पूछने से पहले दो टूक कहा कि 'मैं जिम के समर्थन में बोल रहा हूं कि मैं उसके साथ काफी सफर कर चुका हूं और हम सबकी तरह ही वो बहुत मेहनत करनेवाला रिपोर्टर है।' ट्रंप ने अब अपनी तोप का मुंह पीटर की तरफ खोल दिया और बोले- 'वैसे मैं तुम्हारा भी फैन नहीं हूं।' पीटर ने भी कहा कि मुझे पता है तो ट्रंप फिर बोले- 'तुम बेस्ट नहीं हो।' ट्रंप के पूरे व्यवहार से जहां लग रहा था कि वो कोई छोटा बच्चा हैं जो बस लड़ने के लिए लड़ रहा है तो वहीं पत्रकारों के व्यवहार से ज़ाहिर हो रहा था कि जैसे उन्होंने ट्रंप के प्रति सम्मान को खो दिया है।

इसके बाद एकोस्टा बिना माइक के ही बोलने लगे तो ट्रंप ने सीएनएन को फेक न्यूज़ चलाने पर लोगों का दुश्मन करार दे दिया, जो कि वो अक्सर कहते हैं ताकि उनके समर्थकों को सीएनएन के विरोध का एक आधार मिला रहे।
इस पूरे नाटक के बाद भी प्रेस कॉन्फ्रेंस सामान्य नहीं चली। ट्रंप ने पीटर को भी जिम की तरह व्यवहार करने का ताना मारा, फिर एक अश्वेत महिला पत्रकार के सवाल को रेसिस्ट बताया।

थोड़ी ही देर में मालूम चला कि व्हाइट हाउस से बाहर निकलकर लाइव प्रसारण करके लौट रहे जिम एकोस्टा को सुरक्षाकर्मियों ने इमारत में घुसने से रोक दिया है। उनसे व्हाइट हाउस का एंट्री कार्ड भी वापस ले लिया गया। व्हाइट हाउस की कार्रवाई को सीएनएन ने पत्रकारिता पर हमला करार दिया, लेकिन ट्रंप ने अपना ट्रंप कार्ड बचाकर रखा था। राष्ट्रपति के खेमे ने हवा उड़ा दी कि एकोस्टा ने माइक वापस लेते वक्त महिला इंटर्न को मिसहैंडल किया। ये बात और है कि वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एकोस्टा की ना ऐसी नीयत थी और ना हरकत। ऊपर से वो उस इंटर्न से भी माइक ना लौटाने के लिए माफी मांगते हुए सवाल पर टिके हैं।

 

 

खैर, इससे किसी को क्या फर्क पड़ता है कि ट्रंप दरअसल किस बात से चिढ़े हुए हैं, सबकी नज़र बस तमाशे पर है। सबसे बुरा ये है कि जीतनेवाले ट्रंप जितने खराब थे वो शायद हारने पर और खराब साबित होनेवाले हैं। दुनियाभर में जवाबदेही से मुक्ति पाने की चाहत रखनेवाले नेताओं के लिए मीडिया की गलतियां उभारकर खुद को बचा ले जाना नया पैंतरा है। इसे ध्यान से समझने की ज़रूरत है। बावजूद इस सबके मैं ट्रंप की तारीफ करना चाहूंगा क्योंकि वो सवालों का जवाब चाहे जैसे भी दे रहे हों लेकिन कम से कम देशभर के पत्रकारों के सामने खड़े होकर सवाल सुनने की हिम्मत तो रखते ही हैं। एक ऐसे देश का नागरिक और पत्रकार होने के नाते जहां का पीएम पूरे कार्यकाल में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की हिम्मत नहीं रखता मुझे ट्रंप भी तुलनात्मक रूप से अधिक लोकतांत्रिक नज़र आ रहे हैं, शायद इससे ज़्यादा शर्म की बात कुछ हो नहीं सकती।
 

 

(लेखक टीवी पत्रकार हैं। ये टिप्पणी उनके फेसबुक पेज से साभार ली गई है।)

Donand Trump
Narendra modi
attacks on journalists
attacks on journalism

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूक्रेन संकट, भारतीय छात्र और मानवीय सहायता
    01 Mar 2022
    यूक्रेन में संकट बढ़ता जा रहा है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को छात्रों सहित सभी भारतीयों को उपलब्ध ट्रेन या किसी अन्य माध्यम से आज तत्काल कीव छोड़ने का सुझाव दिया है।
  • Satellites
    संदीपन तालुकदार
    चीन के री-डिज़ाइंड Long March-8 ने एक बार में 22 सेटेलाइट को ऑर्बिट में भेजा
    01 Mar 2022
    Long March-8 रॉकेट चीन की लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी की अकादमी में बना दूसरा रॉकेट है।
  • Earth's climate system
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: अब न चेते तो कोई मोहलत नहीं मिलेगी
    01 Mar 2022
    आईपीसीसी ने अपनी रिपोर्ट में साफ़ कहा है कि जलवायु परिवर्तन से आर्थिक दरार गहरी होगी, असमानता में इजाफ़ा होगा और ग़रीबी बढ़ेगी। खाने-पीने की चीजों के दाम बेतहाशा बढ़ेंगे और श्रम व व्यापार का बाजार…
  • nehru modi
    डॉ. राजू पाण्डेय
    प्रधानमंत्रियों के चुनावी भाषण: नेहरू से लेकर मोदी तक, किस स्तर पर आई भारतीय राजनीति 
    01 Mar 2022
    चुनाव प्रचार के 'न्यू लो' को पाताल की गहराइयों तक पहुंचता देखकर व्यथित था। अचानक जिज्ञासा हुई कि जाना जाए स्वतंत्रता बाद के हमारे पहले आम चुनावों में प्रचार का स्तर कैसा था और तबके प्रधानमंत्री अपनी…
  • रवि शंकर दुबे
    पूर्वांचल की जंग: यहां बाहुबलियों के इर्द-गिर्द ही घूमती है सत्ता!
    01 Mar 2022
    यूपी में सत्ता किसी के पास भी हो लेकिन तूती तो बाहुबलियों की ही बोलती है, और पूर्वांचल के ज्यादातर क्षेत्रों में उनका और उनके रिश्तेदारों का ही दबदबा रहता है। फिर चाहे वो जेल में हों या फिर जेल के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License