NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
खुद को जीवित साबित करते-करते बूढ़ी हो गईं 2 बहनें
जमीन के लालच में आकर अपने ही सगे भाई की चालबाजी की शिकार होने के बाद से वे दोनों वृद्धावस्था में शारीरिक रूप से नि:शक्त होने के बावजूद विभिन्न न्यायालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
मनोज शर्मा
27 Jan 2019
खुद को जीवित साबित करने की लड़ाई लड़तीं दो बहनें।

कोंडागांव (छत्तीसगढ़) : जिला मुख्यालय कोंडागांव नगर के तहसील कार्यालय में जमीन विवाद से संबंधित मामले में न्याय की आस लिए दो वृद्धा पहुंची थीं। महिलाओं को उनके ही सगे भाई ने जमीन हड़पने के लिए लगभग 18 वर्ष पूर्व मृत घोषित कर राजस्व रिकार्ड से उन दोनों सगी बहनों के नाम कटवाकर अपना नाम चढ़वा लिया था। 

उन्होंने कहा कि वे दोनों ग्राम पंचायत चिखलपुटी के आश्रित ग्राम चिचपोलंग की निवासी हैं। उनके पिता की मौत के बाद उनके पिता के जमीन संबंधी राजस्व रिकार्ड में उन दोनों के साथ उसके सगे भाई का नाम भी संयुक्त रूप से दर्ज कराया गया था। सभी अपने-अपने हिस्से में खेतीबाड़ी करते थे। अचानक एक दिन उनके नाम पर बैंक से कर्ज वसूली का नोटिस मिला, जबकि उनकी ओर से बैंक से कोई कर्ज लिया ही नहीं गया था।

जब उनके बेटे ने पूरे मामले की जानकारी ली, तो ज्ञात हुआ कि उनके सगे भाई ने ही उनके नाम पर कर्ज लिया था और फिर कर्ज न चुकाना पड़े और जमीन हड़पने की नीयत से यह बताकर कि उनकी दोनों जीवित बहनों की मौत हो चुकी है, राजस्व रिकॉर्ड से अपनी दोनों सगी और जीवित बहनों का नाम कटवाकर पूरी जमीन अपने नाम पर करा ली थी। 

जमीन के लालच में आकर अपने ही सगे भाई की चालबाजी की शिकार होने के बाद से वे दोनों वृद्धावस्था में शारीरिक रूप से नि:शक्त होने के बावजूद विभिन्न न्यायालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

पीड़िता मनाय बाई ने बताया कि पिता की ओर से दी गई जमीन में कब्जा करने के लिए उसके सगे भाई ने उन्हें जीते जी मृत घोषित कर दिए जाने के कारण उन्हें अपने आप को जीवित सिद्ध करने के साथ-साथ अपने हिस्से की जमीन को वापस पाने के लिए न्यायालयों के चक्कर लगाना पड़ा। लंबी लड़ाई के बाद अंतत: विभिन्न न्यायालयों से तो न्याय मिल चुका है, अब केवल तहसील न्यायालय का ही मामला अटका हुआ है। 

मनाय बाई के बेटे राजू ने बताया कि उसके मामा ने अपनी बहन के नाम पर बैंक से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। बाद में कागजों में हेराफेरी कर उसे मृत बता दिया। इस मामले में अपनी हक की लड़ाई लड़ते-लड़ते उन्हें लगभग 17 साल लग गए हैं। 

इस संबंध में तहसीलदार रितु हेमनानी ने कहा, "मेरी जानकारी में नहीं है। मैं अभी शहर से बाहर छुट्टी पर हूं। आने पर ही बता सकती हूं कि क्या मामला है। पांच माह ही हुए हैं मुझे यहां आए हुए। ऐसा कोई मामला लंबित होगा तो प्राथमिकता के आधार पर इसका निराकरण शीघ्र करने का प्रयास होगा।"
(आईएएनएस/वीएनएस की ओर से जारी)

Chhattisgarh
Women Rights
crimes against women
alive Dead
ज़मीन के लिए धोखा

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

छत्तीसगढ़ : दो सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मियों ने इस्तीफ़ा दिया

छत्तीसगढ़ः 60 दिनों से हड़ताल कर रहे 15 हज़ार मनरेगा कर्मी इस्तीफ़ा देने को तैयार

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

विशेष: क्यों प्रासंगिक हैं आज राजा राममोहन रॉय

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

छत्तीसगढ़ :दो सूत्रीय मांगों को लेकर 17 दिनों से हड़ताल पर मनरेगा कर्मी

लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License