NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ख़ुशी बयां करने के लिये शब्द नहीं हैं : सिंधू
दो बार की रजत पदक विजेता पी वी सिंधू रविवार को आखिर में जब बासेल, स्विट्जरलैंड में चल रही विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं तो उनके पास अपनी खुशी बयां करने के लिये शब्द नहीं थे। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Aug 2019
PV sindhu
फोटो साभार : एनडीटीवी

सिंधू विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय हैं। उन्होंने एकतरफा फाइनल में अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराया। 

ठीक दो साल पहले ओकुहारा ने 110 मिनट तक चले बैडमिंटन के ऐतिहासिक मुकाबलों में से एक में सिंधू की स्वर्ण जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था, लेकिन सिंधू आखिर में उसका बदला चुकता करने में सफल रहीं। 

सिंधू ने बाद में पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं वास्तव में बहुत खुश हूं। मुझे इस जीत का इंतजार था और आखिर में मैं विश्व चैंपियन बन गयी। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास कहने के लिये शब्द नहीं है क्योंकि मैं मैंने लंबा इंतजार किया। पिछली बार मैंने रजत पदक जीता, उससे पहले भी मुझे रजत पदक से संतोष करना पड़ा था और आखिर में मैं विश्व चैंपियन बन गयी। मैं वास्तव में बहुत खुश हूं। मैं लंबे समय से इसकी उम्मीद लगाये बैठी थी और आखिर में मैंने इसे हासिल किया और मैं इसका लुत्फ उठाना चाहती हूं। इसको महसूस करना चाहती हूं। ’’

सिंधू का यह विश्व चैंपियनशिप में पांचवां पदक है और इस तरह से महिला एकल में उन्होंने चीन की पूर्व ओलंपिक और विश्व चैंपियन झांग निंग की बराबरी की। सिंधू ने इससे पहले लगातार दो रजत और दो कांस्य पदक जीते थे। 

सिंधू ने रियो ओलंपिक खेल 2016 में भी रजत पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। वह पिछले साल विश्व टूर फाइनल्स में भी उप विजेता रही थी। 

सिंधू ने इस जीत का श्रेय अपने कोचों को दिया और इसे अपनी मां पी विजया को समर्पित किया। 

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोचों गोपी सर (पुलेला गोपीचंद) और किम (जी ह्यून) को काफी श्रेय जाता। मेरे माता पिता, सहयोगी स्टाफ ओर प्रायोजकों को भी श्रेय जाता है जिन्होंने मुझ पर विश्वास दिखाया। ’’

सिंधू ने कहा, ‘‘मैं यह जीत अपनी मां को समर्पित करती हूं। आज उनका जन्मदिन है। मैं उन्हें कोई उपहार देने के बारे में सोच रही थी और आखिर में मैं उन्हें यह स्वर्ण पदक उपहार में देती हूं। अपने माता पिता के कारण ही मैं आज यहां तक पहुंच पायी हूं। ’’

जब सेंट जाकोबशेल स्टेडियम में भी भारतीय राष्ट्रगान बज रहा था तो सिंधू नम आंखों से पोडियम पर खड़ी थी। 

उन्होंने कहा, ‘‘यह वास्तव में विशेष क्षण था जब तिरंगा लहराया जा रहा था और राष्ट्रगान बज रहा था। मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था। मेरे पास बयां करने के लिये शब्द नहीं है क्योंकि आप अपने देश के लिये खेलते हो और यह निश्चित तौर पर मेरे लिये गौरवशाली क्षण है। ’’

सिंधू ने कहा कि उन्होंने फाइनल को किसी अन्य मैच की तरह ही लिया जिससे उन पर से दबाव हट गया और वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने में सफल रही। 

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने केवल अपने मैच पर ध्यान केंद्रित किया और यह नहीं सोचा कि यह फाइनल है। मैं केवल यह सोच रही थी कि यह अन्य मैच की तरह ही है जैसे कि मैं सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में खेली। मैंने यही तरीका अपनाया और अपना शत प्रतिशत दिया। जीत और हार बाद की बात है। मेरे लिये कोर्ट पर उतरकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है।’’

आपको बता दें कि प्रकाश पादुकोण 1983 में पुरुष एकल के कांस्य पदक के साथ विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने थे जबकि साइना नेहवाल ने 2015 और 2017 में महिला एकल में क्रमशः रजत और कांस्य जीता था।

ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने भी 2011 में महिला युगल में कांस्य पदक जीता था। बी साई प्रणीत शनिवार को इस क्लब में शामिल होने के लिए नवीनतम खिलाड़ी बने जिन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया। 

विश्व चैम्पियनशिप में सिंधू का यह पांचवां पदक है। पदकों की संख्या के मामले में सिंधू ने चीन की पूर्व ओलंपिक चैम्पियन झांग निंग की रिकार्ड की बराबरी की।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत अन्य नेताओं ने सिंधू को दी बधाई 

बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर पीवी सिंधू को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई अन्य नेताओं ने बधाई दी। 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 24 वर्षीय सिंधू को बधाई देते हुए ट्वीट किया, "बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप जीतने पर बधाई पीवी सिंधू। यह पूरे देश के लिये गर्व का क्षण है। कोर्ट पर आपका जादू, कड़ी मेहनत और दृढ़ता लाखों लोगों को रोमांचित और प्रेरित करती है।"

उन्होंने लिखा, " भविष्य के सभी मुकाबलों के लिए विश्व चैंपियन को शुभकामनाएं।"

विदेश यात्रा पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट कर सिंधू को बधाई दी। 

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘बेजोड़ प्रतिभा हैं पीवी सिंधू। फिर से भारत को गौरवान्वित किया। बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें बधाई। पी वी सिंधू की सफलता खिलाड़ियों की कई पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।’’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी बधाई देते हुए कहा कि ओलंपिक रजत पदक विजेता ने राष्ट्र को गौरवान्वित किया है।

कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष ने एक बयान में कहा, " शीर्ष खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनकर सिंधू ने देश को गौरवान्वित किया है। वह धैर्य और दृढ़ता की कहानी हैं, जो लाखों लोगों को प्रेरित करती है।"

खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देश को सिंधू पर नाज है। सरकार चैंपियन तैयार करने के लिये सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं और सहयोग प्रदान करेगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, " पीवी सिंधू को बीडब्ल्यूएफ चैंपियनशिप में ऐतिहासिक जीत पर बधाई।"

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सिंधू को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘पूरा देश आपकी प्रतिभा का कायल है। बैंडमिंटन विश्व चैंपियनशिप जीतने पर आपको बहुत-बहुत बधाई। भविष्य के लिए शुभकामनाएं।’’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ऐतिहासिक जीत के लिए सिंधू की प्रशंसा की। केजरीवाल ने ट्वीट किया, "विश्व चैंपियन पीवी सिंधू को बधाई। विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर उन्होंने भारत को फिर से गौरवान्वित किया है।" उन्होंने लिखा "असली चैंपियन को सलाम।" 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सिंधू को इस उपलब्धि पर बधाई दी। 

ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि देश को सिंधू पर गर्व है।

सिंधू और साई प्रणीत को नकद पुरस्कार देगा बैडमिंटन संघ

भारतीय बैडमिंटन संघ (बाइ) स्विट्जरलैंड के बासेल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने वाली पी वी सिंधू और साई प्रणीत को क्रमश: 20 लाख रुपये और पांच लाख रुपये देकर सम्मानित करेगा। 

बाइ ने ट्वीट किया, ‘‘बाई अध्यक्ष हिमांत बिस्वा ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर विश्व चैंपियन पीवी सिंधू को 20 लाख रुपये और साई प्रणीत को पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। ’’

सिंधू जहां विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनी वहीं प्रणीत पुरूष एकल में 36 साल बाद कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। 

भगत को दो स्वर्ण, भारत को पैरा बैडमिंटन में 12 पदक

भारत के प्रमोद भगत ने रविवार को यहां शानदार वापसी करके इंग्लैंड के डेनियल बाथेल को हराकर बीडब्ल्यूएफ पैरा बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में पुरूष एकल एसएल3 वर्ग का खिताब जीता। 

विश्व में नंबर एक भगत का यह दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने पुरूष युगल एसएल 3-4 का खिताब जीता था। 

युगल फाइनल में भगत और मनोज सरकार ने फाइनल में नीतेश कुमार और तरूण ढिल्लों को हराया। 

ओवरआल भारत ने इस चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण सहित 12 पदक जीते। भारत ने 2015 में भी इतने ही पदक जीते थे लेकिन उसमें चार स्वर्ण पदक शामिल थे। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

PV Sindhu
World badminton championship
Gold medal
Narendra modi
Rahul Gandhi
PRIYANKA GANDHI VADRA
president ramnath kovind
gold medalist

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • Fab and Ceat
    सोनिया यादव
    विज्ञापनों की बदलती दुनिया और सांप्रदायिकता का चश्मा, आख़िर हम कहां जा रहे हैं?
    23 Oct 2021
    विकासवादी, प्रगतिशील सोच वाले इन विज्ञापनों से कंपनियों को कितना फायदा या नुकसान होगा पता नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि ये समाज में सालों से चली आ रही दकियानुसी परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ-साथ…
  • Georgia
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन को रूस से संबंध का पूर्वानुमान
    23 Oct 2021
    रूसी और चीनी रणनीतियों में समानताएं हैं और संभवतः उनमें परस्पर एक समन्वय भी है। 
  • Baghjan Oilfield Fire
    अयस्कांत दास
    तेल एवं प्राकृतिक गैस की निकासी ‘खनन’ नहीं : वन्यजीव संरक्षण पैनल
    23 Oct 2021
    इस कदम से कुछ बेहद घने जंगलों और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अनियंत्रित ढंग से हाइड्रोकार्बन के दोहन का मार्ग प्रशस्त होता है, जो तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में कॉर्पोरेट दिग्गजों के लिए संभावित…
  • Milton Cycle workers
    न्यूज़क्लिक टीम
    वेतन के बग़ैर मिल्टन साइकिल के कर्मचारी सड़क पर
    23 Oct 2021
    सोनीपत के मिल्टन साइकिल कंपनी के कर्मचारी पिछले छह महीने से अपनी तनख़्वाह का इंतज़ार कर रहे है। संपत्ति को लेकर हुए विवाद के बाद मिल्टन के मालिकों ने फ़ैक्ट्री बंद कर दी लेकिन कर्मचारियों का न वेतन…
  • COVID
    उज्जवल के चौधरी
    100 करोड़ वैक्सीन डोज़ : तस्वीर का दूसरा रुख़
    23 Oct 2021
    एक अरब वैक्सीन की ख़ुराक पूरी करने पर मीडिया का उत्सव मनाना बचकाना तो है साथ ही गलत भी है। अब तक भारत की केवल 30 प्रतिशत आबादी को ही पूरी तरह से टीका लगाया गया है, और इस आबादी में से एक बड़ी संख्या ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License