NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
खुशख़बरी : घर लौटेंगे विंग कमांडर अभिनंदन
विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई को 'शांति के संकेत' के तौर पर बताते हुए इमरान खान ने पाकिस्तान नेशनल एसेंबली के संयुक्त सत्र में इस बारे में ऐलान किया।
आईएएनएस
28 Feb 2019
फाइल फोटो

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को घोषणा की कि पकड़े गए भारतीय वायुसेना के पायलट को शुक्रवार को रिहा कर दिया जाएगा। पाकिस्तान ने यह कदम भारत के बिना शर्त, तत्काल व सकुशल रिहाई की मांग के बाद उठाया है। इसे भारत की कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। 

इसे 'शांति के संकेत' के तौर पर बताते हुए इमरान खान ने पाकिस्तान के नेशनल एसेंबली के संयुक्त सत्र में कहा कि भारत-पाकिस्तान की स्थिति को नियंत्रण से बाहर नहीं जाना चाहिए, अन्यथा पाकिस्तान को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ेगी।

भारत की रिहाई की मांग व इस मुद्दे पर बातचीत से इनकार के बाद घंटों बाद विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई की घोषणा की गई।

इमरान खान ने कहा कि गलत अनुमान से देश बर्बाद हो गए।

भारत पर युद्ध उन्माद का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "मुझे डर है कि इसमें गलत अनुमान हो सकता है। युद्ध हल नहीं है। अगर भारत कोई कार्रवाई करता है तो हम जवाब देंगे।"

उन्होंने कहा एसेंबली का संयुक्त सत्र भारत से बढ़ते तनाव पर चर्चा के लिए बुलाया गया है।

इमरान खान ने कहा, "हमारे हवाई हमले (भारत पर बुधवार को) का एक मात्र उद्देश्य हमारी क्षमता का प्रदर्शन करना था।"

उन्होंने कहा, "हम भारत में किसी को हताहत नहीं करना चाहते थे, इसलिए हमने जिम्मेदाराना तरीके से कार्रवाई की।"

इमरान खान ने कहा कि उन्होंने टेलीफोन पर बुधवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने की कोशिश की, क्योंकि तनाव का बढ़ना न तो भारतीय हित में है और न हमारे हित में।

पाकिस्तानी क्षेत्र में हवाई लड़ाई के दौरान बुधवार को मिग के गिरने के बाद भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान द्वारा बंदी बना लिया गया।

इससे पहले दिन में भारत ने कहा कि पाकिस्तान को बातचीत के लिए एक अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है। इसके लिए सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय व प्रमाणिक कार्रवाई की जरूरत है।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि यह पाकिस्तान है जिसने सैन्य प्रतिष्ठानों को लक्षित कर मामले को बढ़ाया है और भारत ने जो किया वह आतंकवाद रोधी कार्रवाई है। पाकिस्तान ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई इच्छा नहीं दिखाई है। पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद दारा किए गए 14 फरवरी के पुलवामा हमले में उनके आकाओं को नजरअंदाज कर दिया।

उन्होंने इमरान खान के बुधवार के बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने दो भारतीय पायलटों के बंधक बनाए जाने की बात कही और बाद में कहा गया कि एक पायलट के बंधक होने की बात कही गई।

सूत्रों के अनुसार, कहा गया कि अगर वे एक सरल तथ्य को सही से नहीं रख सकते तो यह पाकिस्तान के विश्वसनीयता को जाहिर करता है।

सूत्रों ने कहा कि सुबह 9.45 बजे बुधवार को पाकिस्तान वायुसेना के 20 से ज्यादा विमानों ने पाकिस्तान के कई अड्डों से उड़ान भरी और भारतीय हवाई क्षेत्र के संपर्क में आए।

कुछ विमानों ने नियंत्रण रेखा पार की और लेजर निर्देशित बम छोड़े। उनका निशाना सैन्य प्रतिष्ठान थे, लेकिन वे चूक गए, क्योंकि वे ज्यादा करीब नहीं आए थे।

सूत्रों ने कहा कि खान के दावे की पृष्ठभूमि के खिलाफ यह घटना हुई। इमरान खान ने दावा किया कि पाकिस्तान अपनी ताकत दिखाना चाहता है, लेकिन यह झूठ था, क्योंकि उनका वास्तविक लक्ष्य सैन्य प्रतिष्ठान थे।

सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा जानबूझकर अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर व भारत द्वारा मिसाइल व समुद्र के जरिए हमला कर सकने की सूचना विदेशी राजदूतों को देकर युद्ध उन्माद पैदा करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि भारत ने फिदायीन जेहादियों के प्रशिक्षण स्थल पर लक्षित अभियान चलाया और कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।

india-pakistan
Narendra modi
Imran Khan
wing commander abhinandan
pulwama attack
CRPF Jawan Killed
no war

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    लोगों की बदहाली को दबाने का हथियार मंदिर-मस्जिद मुद्दा
    20 May 2022
    एक तरफ भारत की बहुसंख्यक आबादी बेरोजगारी, महंगाई , पढाई, दवाई और जीवन के बुनियादी जरूरतों से हर रोज जूझ रही है और तभी अचनाक मंदिर मस्जिद का मसला सामने आकर खड़ा हो जाता है। जैसे कि ज्ञानवापी मस्जिद से…
  • अजय सिंह
    ‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार
    20 May 2022
    मौजूदा निज़ामशाही में असहमति और विरोध के लिए जगह लगातार कम, और कम, होती जा रही है। ‘धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाना’—यह ऐसा हथियार बन गया है, जिससे कभी भी किसी पर भी वार किया जा सकता है।
  • India ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेता
    20 May 2022
    India Ki Baat के दूसरे एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, भाषा सिंह और अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेताओं की। एक तरफ ज्ञानवापी के नाम…
  • gyanvapi
    न्यूज़क्लिक टीम
    पूजा स्थल कानून होने के बावजूद भी ज्ञानवापी विवाद कैसे?
    20 May 2022
    अचानक मंदिर - मस्जिद विवाद कैसे पैदा हो जाता है? ज्ञानवापी विवाद क्या है?पक्षकारों की मांग क्या है? कानून से लेकर अदालत का इस पर रुख क्या है? पूजा स्थल कानून क्या है? इस कानून के अपवाद क्या है?…
  • भाषा
    उच्चतम न्यायालय ने ज्ञानवापी दिवानी वाद वाराणसी जिला न्यायालय को स्थानांतरित किया
    20 May 2022
    सर्वोच्च न्यायालय ने जिला न्यायाधीश को सीपीसी के आदेश 7 के नियम 11 के तहत, मस्जिद समिति द्वारा दायर आवेदन पर पहले फैसला करने का निर्देश दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License