NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लगातार गर्मा रहा है रविदास मंदिर गिराने का मामला, सुप्रीम कोर्ट सख़्त
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली की सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इस मुद्दे पर राजनीतिक रूप से या प्रदर्शनों के दौरान कानून व्यवस्था संबंधी कोई स्थिति उत्पन्न न हो।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Aug 2019
ravidas temple issue
Image Courtesy: TOI

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से तुगलकाबाद स्थित गुरु रविदास मंदिर गिराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसका असर दिल्ली से लेकर पंजाब और उत्तर प्रदेश तक देखने को मिल रहा है। मंदिर गिराए जाने के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली की सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इस मुद्दे पर राजनीतिक रूप से या प्रदर्शनों के दौरान कानून व्यवस्था संबंधी कोई स्थिति उत्पन्न न हो।

उच्चतम न्यायालय ने आज, सोमवार को कहा कि दिल्ली के तुगलकाबाद वनक्षेत्र में स्थित गुरु रविदास मंदिर को गिराने के उसके आदेश को ‘‘राजनीतिक रंग’’ नहीं दिया जा सकता।

'पीटीआई-भाषा' की ओर से जारी ख़बर के अनुसार न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कहा, ‘‘हर चीज राजनीतिक नहीं हो सकती। धरती पर किसी के भी द्वारा हमारे आदेश को राजनीतिक रंग नहीं दिया जा सकता।’’

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए ने 9 अगस्त को तुगलकाबाद स्थित गुरु रविदास मंदिर ढाह दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 8अप्रैल 2019 को इस जमीन के संबंध में एक आदेश दिया था, जिसमें कहा था हम दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सही मानते हुए याचिकाकर्ता की अपील को ख़ारिज करते हैं। साथ ही यह आदेश दिया था कि प्राधिकरण यह सुनिश्चित करे कि अगले दो महीने में इस जमीन को खाली करा लिया जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना करार दिया जाएगा।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में चली सुनवाई पर नजर डालें तो दो अगस्त 2019 को 'गुरु रविदास जयंती समारोह समिति' ने कोर्ट को यह सूचना दी थी कि मंदिर परिसर को खाली कर दिया गया है। लेकिन जब इस पर डीडीए से रिपोर्ट मांगी गई तो पाया गया कि 'गुरु रविदास जयंती समारोह समिति' ने कोर्ट में गलत सूचना दी। 9 अगस्त 2019 के अपने फ़ैसले में जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एम आर शाह ने 'गुरु रविदास जयंती समारोह समिति' को फटकार लगाते हुए यह पूछा था कि क्यों न समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना पर सुनवाई की जाए। कोर्ट ने कहा था कि वनक्षेत्र को खाली करने के उसके पूर्व आदेश पर अमल न कर गुरु रविदास जयंती समारोह समिति ने बड़ी गलती की है।

उधर, मंदिर गिराए जाने के विरोध में गुरु रविदास समाज के लोगों ने 13 अगस्त को पंजाब बंद बुलाया था। दिल्ली और सहारनपुर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए थे साथ ही आगामी दिनों में भी कई जगह संत रविदास समाज और भीम आर्मी के लोगों द्वारा प्रदर्शन प्रस्तावित हैं। 21 अगस्त को दिल्ली में इसी को लेकर दलित संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया है।

इस मामले में राजनीति भी तेज़ है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ''डीडीए दुनिया भर में जमीन बांट रहा है अपने नेताओं को जमीन दे रहा है, लेकिन डीडीए को गुरु रविदास जी के लिए 100 गज जमीन देनी भी मुश्किल हो रही है। तो वहीं बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि वह इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से बात करेंगे। पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने भी मंदिर गिराने की घटना को गलत बताया था। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा था कि मंदिर के लिए दोबारा जमीन अलॉट करवाने का प्रयास करेंगे।

क्या है मंदिर का इतिहास?

गुरु रविदास मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, ये मंदिर गुरु रविदास की याद में बनवाया गया था। जब गुरु रविदास बनारस से पंजाब की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने 1509 में इस स्थान पर आराम किया था। एक जाति विशेष के नाम पर यहां पर एक बावड़ी भी बनवाई गई थी जो आज भी मौजूद है। कहा जाता है कि स्वयं सिकंदर लोदी ने गुरु रविदास से नामदान लेने के बाद उन्हें यहां जमीन दान की थी जिस पर यह मंदिर बना था। आजाद भारत में 1954 में इस जगह पर एक मंदिर का निर्माण हुआ था। इस मंदिर से सिखों की आस्था भी जुड़ी हुई है क्योंकि सिखों का मानना है कि गुरु रविदास की उच्चारण की हुई वाणी गुरु ग्रंथ साहिब में मौजूद है।

Sant Ravidas
Ravidas Temple
Ravidas Temple Demolition
Delhi Development Authority
Bhim Army
Jantar Mantar
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल


बाकी खबरें

  • spain
    डीडब्ल्यू
    स्पेन : 'कंप्यूटर एरर' की वजह से पास हुआ श्रम सुधार बिल
    08 Feb 2022
    स्पेन की संसद ने सरकार के श्रम सुधार बिल को सिर्फ़ 1 वोट के फ़ासले से पारित कर दिया- विपक्ष ने कहा कि यह एक वोट उनके सदस्य ने ग़लती से दे दिया था।
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव 2022 : बदहाल अस्पताल, इलाज के लिए भटकते मरीज़!
    08 Feb 2022
    भारतीय रिजर्व बैंक की स्टेट फाइनेंस एंड स्टडी ऑफ़ बजट 2020-21 रिपोर्ट के मुताबिक, हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड सरकार के द्वारा जन स्वास्थ्य पर सबसे कम खर्च किया गया है।
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    चमोली जिले का थराली विधानसभा: आखिर क्या चाहती है जनता?
    07 Feb 2022
    उत्तराखंड चुनाव से पहले न्यूज़क्लिक की टीम ने चमोली जिले के थराली विधानसभा का दौरा किया और लोगों से बातचीत करके समझने का प्रयास किया की क्या है उनके मुद्दे ? देखिए हमारी ग्राउंड रिपोर्ट
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    धर्म का कार्ड नाजी दौर में ढकेलेगा देश को, बस आंदोलन देते हैं राहत : इरफ़ान हबीब
    07 Feb 2022
    Exclusive इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने देश के Living Legend, विश्व विख्यात इतिहासकार इरफ़ान हबीब से उनके घर अलीगढ़ में बातचीत की और जानना चाहा कि चुनावी समर में वह कैसे देख रहे हैं…
  • Punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाबः बदहाल विश्वविद्यालयों पर क्यों नहीं बात करती राजनैतिक पार्टियाँ !
    07 Feb 2022
    पंजाब में सभी राजनैतिक पार्टियाँ राज्य पर 3 लाख करोड़ के कर्ज़े की दुहाई दे रही है. इस वित्तीय संकट का एक असर इसके विश्वविद्यालयों पर भी पड़ रहा है. अच्छे रीसर्च के बावजूद विश्वविद्यालय पैसे की भारी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License