NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लीबिया का संकट गहराया, सुषमा ने भारतीयों को तुरंत निकलने की सलाह दी
लीबिया में हालात बिगड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि फ्रांस भी जनरल खलीफा हफ्तार का समर्थन कर रहा है। इसके विरोध में यहां भी ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। उधर ट्रंप ने भी हफ्तार से बात की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Apr 2019
जनरल खलीफा हफ्तार की कार्रवाई के खिलाफ लीबिया की राजधानी त्रिपोली में प्रदर्शन
Image Courtesy: BBC

लीबिया में ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शकारियों ने शुक्रवार को जनरल खलीफा हफ्तार की कार्रवाई के खिलाफ राजधानी त्रिपोली में प्रदर्शन किया और फ्रांस पर खलीफा को समर्थन देने का आरोप लगाया।

न्यूज़ एजेंसी भाषा ने एएफपी के हवाले से ख़बर दी है कि फ्रांस में सरकार विरोधी ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शन से प्रभावित यहां प्रदर्शनकारियों ने पीले रंग की जैकेट पहन रखी थीं। ये प्रदर्शनकारी उन हजारों लीबियाई प्रदर्शनकारियों में से हैं जो अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त गर्वनमेंट ऑफ नेशनल अकॉर्ड (जीएनए) का समर्थन करने के लिए मध्य त्रिपोली के चौराहे पर जमा हुए हैं।

यहां प्रदर्शनकारियों ने एक बैनर थाम रखा था जिस पर लिखा था, ‘‘हम त्रिपोली पर हमले के समय फ्रांस के व्यवहार को देखकर आश्चर्यचकित हैं। इस बैनरों पर फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों और मिस्र तथा सऊदी अरब के नेताओं की तस्वीर लगी हुईं थीं।

मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात हफ्तार को कट्टरवादी इस्लामी लोगों के सहयोगी के रूप में देखते हैं।

वहीं लीबिया में फ्रांस के दूतावास ने शुक्रवार को अरबी भाषा में ट्वीट करते हुए कहा कि वह ‘त्रिपोली पर हमले का विरोध’ करते हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संघर्ष विराम का पालन करने तथा शांति वार्ता में शामिल होने  की अपील की है।

libya.jpg

आपको बता दें कि लंबे समय तक लीबिया पर शासन करने वाले शासक मुअम्मर गद्दाफी के 2011 में सत्ता से बेदखल होने और मारे जाने के बाद से लीबिया में हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है और यहां इस्लामी कट्टरवादी मजबूत हुए हैं। खलीफा हफ्तार की अगुवाई वाली सेना त्रिपोली पर कब्जा के लिए अप्रैल की शुरुआत से ही सैन्य अभियान चला रही है। 

नया संकट तीन सप्ताह पहले तब शुरू हुआ जब जनरल हफ्तार की सेनाएं त्रिपोली को कब्जे में लेने के लिए उसकी धरती पर उतरीं जिसे सेराज ने तख्तापलट का प्रयास बताया।  इस कदम ने इस उत्तरी अफ्रीकी देश में उथल-पुथल मचा दी। 

जनरल हफ्तार की सेना विभिन्न दिशाओं से शहर के बाहरी इलाके में आगे बढ़ रही है और उनका कहना है कि उन्होंने त्रिपोली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अपने नियंत्रण में कर लिया है। 

संयुक्त राष्ट्र समर्थित प्रधानमंत्री फायेज अल-सेराज ने जनरल हफ्तार की सेनाओं द्वारा किए गए हमले के बीच अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों की 'चुप्पी' की गुरुवार को निंदा की। 

अंतरराष्ट्रीय आव्रजन संगठन ने अनुसार लीबिया में चल रहे संघर्ष में मरने वालों की संख्या 200 से अधिक पहुंच गई है, और 25,000 से अधिक लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।

ट्रंप ने जनरल हफ्तार से बात की

आईएएनएस के मुताबिक व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लीबिया के पूर्वी कमांडर जनरल खलीफा हफ्तार से बात की है, जिनकी सेना राजधानी त्रिपोली पर हमला कर रही है।

बीबीसी की शुक्रवार की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने फोन पर वार्ता के दौरान जनरल हफ्तार के आतंकवाद से निपटने के प्रयासों और लीबिया के तेल को सुरक्षित करने के प्रयासों को मान्यता दी और दोनों ने लीबिया के भविष्य के बारे में चर्चा की। 

ट्रंप के फोन कॉल से संकेत मिलता है कि वह अपने सहयोगियों में से कुछ के विपरीत जनरल हफ्तार का समर्थन करते हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप और जनरल हफ्तार ने 'लीबिया को एक स्थिर, लोकतांत्रिक राजनीतिक प्रणाली में परिवर्तित करने के लिए एक साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की।'

त्रिपोली से भारतीय तुरंत निकल जाएं : सुषमा

उधर, भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को देश के उन लोगों से, जिनके रिश्तेदार त्रिपोली में रहते हैं, अपील की कि वे उनसे लीबिया की राजधानी तुरंत छोड़ने को कहें, क्योंकि वहां हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।

सुषमा ने ट्वीट किया, "लीबिया से बड़ी संख्या में पलायन और यात्रा पर प्रतिबंध के बाद भी त्रिपोली में 500 से ज्यादा भारतीय नागरिक हैं। त्रिपोली के हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। इस समय, विमानों का संचालन हो रहा है। कृपया अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से कहिए कि वे तुरंत त्रिपोली छोड़ दें। हम उन्हें बाद में वहां से नहीं निकाल पाएंगे।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र समर्थित लीबियाई सरकार और त्रिपोली के इर्दगिर्द रह रही पूर्वी क्षेत्र की सेना के बीच लड़ाई में 213 लोग मारे गए हैं और 1,009 घायल हो गए हैं।

(विभिन्न न्यूज़ एजेंसियों के इनपुट के साथ)

libya
libya crisis
military intervention
Tripoli
General Haftar
Donand Trump
Sushama Swaraj

Related Stories

अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं

लीबिया में युद्ध समाप्त करने और दिसंबर में चुनावों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने को बातचीत फिर शुरू

क़यामत का एक निरर्थक गिरजाघर

लीबिया पर शांति सम्मेलन में देश से सभी विदेशी सैनिकों को तत्काल वापस लेने का आह्वान

अमेरिका : साम्राज्यवाद-विरोधियों ने चीन को निशाना बना रहे सीनेट बिल का विरोध किया

लीबिया की अंतरिम सरकार ने तुर्की को देश से अपनी सेना वापस लेने के लिए कहा

बिना दस्तावेज़ वाले प्रावसियों को ले जा रही नाव के लीबिया तट के पास डूबने से 11 लोगों की मौत

फ़िलिस्तीनियों ने यूएनआरडब्ल्यूए को मिलने वाली सहायता बहाल करने के अमेरिकी फैसले का स्वागत किया

लीबिया की संसद ने अंतरिम यूनिटी सरकार को मंज़ूरी दी

लीबिया की संसद ने संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरिम सरकार के भविष्य पर बैठक की


बाकी खबरें

  • Victims of Tripura
    मसीहुज़्ज़मा अंसारी
    त्रिपुरा हिंसा के पीड़ितों ने आगज़नी में हुए नुकसान के लिए मिले मुआवज़े को बताया अपर्याप्त
    25 Jan 2022
    प्रशासन ने पहले तो किसी भी हिंसा से इंकार कर दिया था, लेकिन ग्राउंड से ख़बरें आने के बाद त्रिपुरा सरकार ने पीड़ितों को मुआवज़ा देने की घोषणा की थी। हालांकि, घटना के तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के…
  • genocide
    अजय सिंह
    मुसलमानों के जनसंहार का ख़तरा और भारत गणराज्य
    25 Jan 2022
    देश में मुसलमानों के जनसंहार या क़त्ल-ए-आम का ख़तरा वाक़ई गंभीर है, और इसे लेकर देश-विदेश में चेतावनियां दी जाने लगी हैं। इन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
  • Custodial Deaths
    सत्यम् तिवारी
    यूपी: पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से एक आदिवासी की मौत, सरकारी अपराध पर लगाम कब?
    25 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार दावा करती है कि उसने गुंडाराज ख़त्म कर दिया है, मगर पुलिसिया दमन को देख कर लगता है कि अब गुंडाराज 'सरकारी' हो गया है।
  • nurse
    भाषा
    दिल्ली में अनुग्रह राशि नहीं मिलने पर सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने विरोध जताया
    25 Jan 2022
    दिल्ली नर्स संघ के महासचिव लालाधर रामचंदानी ने कहा, ‘‘लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल, जीटीबी हस्पताल और डीडीयू समेत दिल्ली सरकार के अन्य अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग…
  • student
    भाषा
    विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट
    25 Jan 2022
    रिपोर्ट के अनुसार महामारी के कारण उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों में विश्वविद्यालयों के सामने अनेक विषय आ रहे हैं और ऐसे में विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License