NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
अमेरिका
अर्थव्यवस्था
लिब्रा के सहारे फेसबुक की दुनिया पर राज करने की तैयारी?
फेसबुक ने अपनी करेंसी लिब्रा जारी करने की पेशकश की है। यह क्या है? यह क्रिप्टोकरेंसी है या कुछ और। इसे जारी कौन करेगा ? फेसबुक पर केवल अमेरिकी कानूनों का नियंत्रण है, जबकि इसका विस्तार पूरी दुनिया में है। ऐसे में फेसबुक द्वारा जारी की गयी मुद्रा पूरी दुनिया के देशों में सेंध लगाने की कोशिश तो नहीं है।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
02 Jul 2019

फेसबुक ने अपनी करेंसी लिब्रा जारी करने की पेशकश की है। यह क्या है? यह क्रिप्टोकरेंसी है या कुछ और। इसे जारी कौन करेगा ? फेसबुक पर केवल अमेरिकी कानूनों का नियंत्रण है, जबकि इसका विस्तार पूरी दुनिया में है। ऐसे में फेसबुक द्वारा जारी की गयी मुद्रा पूरी दुनिया के देशों में सेंध लगाने की कोशिश तो नहीं है। किसी भी तरह की करेंसी को रेगुलेशन करने के लिए बहुत सारी संस्थाएं काम करती हैं। लेकिन लिब्रा को कौन नियंत्रित करेगा? फेसबुक से प्राइवेसी के उल्लंघन का मसला भी जुड़ा हुआ है। इसके साथ फेसबुक अब दुनिया के फाइनेंसियल सिस्टम में भी घुस रहा है। इन सबके क्या परिणाम हो सकते हैं , इस पर अपनी राय रख रहे हैं , न्यूज़क्लिक के एडिटर इन चीफ़ प्रबीर पुरकायस्थ।

Libra
cryptocurrency
bitcoin
#Facebook
Facebook India
currency devalaution
Mark Zuckerberg

Related Stories

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

हेट स्पीच और भ्रामक सूचनाओं पर फेसबुक कार्रवाई क्यों नहीं करता?

फेसबुक ने घंटो तक बाधित रखा मोदी के इस्तीफे संबंधी हैशटैग, बाद में कहा गलती से हुआ बाधित

फेसबुक के 53.3 करोड़ प्रयोगकर्ताओं का डेटा ऑनलाइन लीक, भारत के 61 लाख यूजर्स इसमें शामिल

फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया में भले अपनी दुकान बंद कर ली मगर दुनिया के सामने बहुत गहरे सवाल खोल दिए!

आलोचनाओं के बीच वाट्सऐप ने नई नीति का क्रियान्वयन तीन महीने के लिए टाला

आख़िर लोग वाट्सऐप क्यों छोड़ रहे हैं?

फेसबुक ने ट्रंप के समर्थन में पोस्ट करने वाले फर्जी अकाउंट हटाए

फेसबुक पर नये नहीं हैं सत्ता से गठजोड़ के आरोप, सीपीएम ने भी की जेपीसी जांच की मांग

फेसबुक आपके पोस्ट पर मिलने वाले ‘लाइक’ की संख्या को छिपा सकता है


बाकी खबरें

  • ‘राष्ट्रीय बेरोज़गार दिवस’ मनाने का मौका देने के लिए थैंक्यू मोदी जी! हैप्पी बर्थडे!!
    अभिषेक पाठक
    ‘राष्ट्रीय बेरोज़गार दिवस’ मनाने का मौका देने के लिए थैंक्यू मोदी जी! हैप्पी बर्थडे!!
    17 Sep 2021
    मोदी राज में गगनचुंबी बेरोज़गारी से पीड़ित लाखों युवाओं ने ट्वीटरूपी सैलाब के साथ आज 17 सितंबर यानी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को #राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस और #NationalUnemploymentDay जैसे हैशटैग के…
  • वैक्सीन वितरण में बढ़ती असमानता : क्या विकसित दुनिया परवाह भी करती है?
    रिचा चिंतन
    वैक्सीन वितरण में बढ़ती असमानता : क्या विकसित दुनिया परवाह भी करती है?
    17 Sep 2021
    WHO द्वारा लगातार अपीलों के बावजूद दुनिया में वैक्सीन असमानता बढ़ती जा रही है। अमीर देश अब अपनी आबादी के लिए बूस्टर डोज़ का प्रस्ताव रख रहे हैं, जबकि गरीब़ देशों में अब तक ज़्यादातर लोगों को वैक्सीन…
  • मोदी
    अनिल जैन
    मोदी काल: विकास का झंडा, नफ़रत का एजेंडा!
    17 Sep 2021
    मोदी सरकार अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर तो बुरी तरह नाकाम साबित हो ही रही है, देश के अंदरुनी यानी सामाजिक हालात भी बेहद असामान्य बने हुए हैं।
  • बढ़ती महँगाई और बेरोज़गारी का लोगों के खाने पर क्या असर पड़ा है?
    न्यूज़क्लिक टीम
    बढ़ती महँगाई और बेरोज़गारी का लोगों के खाने पर क्या असर पड़ा है?
    17 Sep 2021
    दो बार लगे लॉकडाउन और खाद्य पदार्थों के बढ़े दामों की वजह से शहर के कामगार वर्ग के लिए पर्याप्त खाने का इंतज़ाम कर पाना मुश्किल हो गया है। अलग-अलग रिपोर्टों में बताया गया है कि लोगों ने खाना कम कर दिया…
  • रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की जलवायु योजनायें पेरिस समझौते के लक्ष्य को पूरा कर पाने में विफल रही हैं 
    संदीपन तालुकदार
    रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की जलवायु योजनायें पेरिस समझौते के लक्ष्य को पूरा कर पाने में विफल रही हैं 
    17 Sep 2021
    31 जुलाई तक अपने शपथ की समय-सीमा चूकने वालों में भारत, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देश भी शामिल हैं, जबकि चीन ने एक नए लक्ष्य की घोषणा की थी जिसे अभी भी औपचारिक तौर पर पेश किया जाना बाक़ी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License