NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लखनऊ : कश्मीर पर प्रदर्शन से रोकने लिए संदीप पांडेय और शोएब फिर नज़रबंद 
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर केंद्र सरकार की कश्मीर नीति के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने जा रहे मैगसेसे अवॉर्ड से सम्मानित संदीप पाण्डेय और वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद शोएब को पुलिस ने नज़र बंद कर दिया है। दोनों के घर के बाहर  पुलिस बल तैनात है और उनको ज़िला प्रशासन द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।
असद रिज़वी
16 Aug 2019
sandeep and shoib

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर केंद्र सरकार की कश्मीर नीति के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने जा रहे मैगसेसे अवॉर्ड से सम्मानित संदीप पाण्डेय और वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद शोएब को पुलिस ने नज़र बंद कर दिया है। दोनों के घर के बाहर  पुलिस बल तैनात है और उनको ज़िला प्रशासन द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।

वरिष्ठ अधिवक्ता  मोहम्मद शोएब आज कश्मीर के विभाजन के ख़िलाफ़ राजधानी लखनवऊ के जीपीओ पार्क पर प्रदर्शन करने जा रहे थे। विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उनके के घर कई नागरिक संगठनों के लोग भी जमा हो रहे थे।उसी समय अमीनाबाद पुलिस ने आ कर उनके घर को घेर लिया।पुलिस अधिकारियों ने मोहम्मद शोएब को बताया की उनके पास प्रदर्शन की अनुमति नहीं है इस लिए वह प्रदर्शन स्थल पर नहीं जा सकते हैं। 

अधिवक्ता शोएब के ड्राइंग-रूम से लेकर, वह जिस इमारत में रहते हैं उसकी लिफ़्ट तक भरी पुलिस बल तैनात है। शोएब के अलवा भी किसी को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। रिहाई मंच के राजीव, जो शोएब के घर मे नज़र बंद हैं, उन्होंने बताया कि  नागरिक संगठन के कई कार्यकर्ता जिसमें सृजनयोगी आदियोग, शकील कुरैशी, वीरेंद्र गुप्ता और सचेन्द्र यादव आदि भी नज़र बंद हैं।

UP police
मोहम्मद शोएब से जब सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया की वह कश्मीर के विभाजन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमको घर रोक दिया है। अधिवक्ता शोएब का कहना है की अगर वह क़ानून के ख़िलाफ़ कुछ कर रहे हैं तो उनको प्रदर्शन स्थल से गिरफ़्तार करना चाहिए, घर पर पुलिस लगा कर रोकना ग़लत और अप्रजातंत्रवादी है।

उन्होंने कहा कि  पहले अनुच्छेद  370 और 35 ए ख़त्म करने के अप्रजातंत्रवादी फ़ैसले के ख़िलाफ़ पहले उनका प्रदर्शन 12 अगस्त को होना था। लेकिन प्रशासन ने धारा 144 के नाम पर उस दिन प्रदर्शन नहीं होने दिया और आज अनुमति ना होने का बहाना बनाकर  प्रदर्शन को रोका जा रहा है। 

संदीप पाण्डे के घर पर भी पुलिस तैनात कर दी गई है। उनको भी आज शुक्रवार को 6 बजे नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन मे शामिल होना था। संदीप का कहना है कि उत्तर प्रदेश का शासन स्वतंत्र आवाज़ों को दमन के ज़रिए दबाना चाहता है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार लोकतांत्रिक प्रकार से हो रहे प्रदर्शन के लिए भी अनुमति नहीं दे रही है।
sandeep and shoib
उत्तर प्रदेश सरकार की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि  योगी आदित्यनाथ, प्रदेश में तानाशाही कर रहे हैं। उन्होंने न्यूज़क्लिक से फ़ोन पर बात करते हुए कहा की अगर उनको धरना स्थल जाने की अनुमति नहीं मिली तो वह इन्द्रानगर स्थित अपने घर के बहार प्रदर्शन करेंगे।

इसे भी पढ़े:-लखनऊ : कश्मीर पर प्रदर्शन से रोकने के लिए संदीप पाण्डेय और शोएब दिन भर रहे नज़रबंद

उल्लेखनीय है की 12 अगस्त को भी मोदी सरकार द्वारा कश्मीर के विभाजन और अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाने ख़िलाफ़ संदीप पाण्डे और मोहम्मद शोएब के अगुवाई में प्रदर्शन होना था।लेकिन पुलिस ने धारा 144 के नाम पर प्रदर्शन नहीं होने दिया था।पुलिस और प्रशासन से बात के बाद 16 अगस्त को प्रदर्शन की तारीख़ तय हुई थी। लेकिन आज फिर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली।

लखनऊ प्रशासन का कहना है की प्रदर्शन कि अनुमति इस लिए नहीं दी गई है की जहाँ प्रदर्शन होना है वहाँ किसी भी कार्यक्रम पर अदालत की रोक लगी हुई है।

Jammu and Kashmir
UttarPradesh
Central Government
Article 370
Article 35A
Mohammad Shoib

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा


बाकी खबरें

  • prashant kishor
    अनिल सिन्हा
    नज़रिया: प्रशांत किशोर; कांग्रेस और लोकतंत्र के सफ़ाए की रणनीति!
    04 Dec 2021
    ग़ौर से देखेंगे तो किशोर भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ तोड़ने में लगे हैं। वह देश को कारपोरेट लोकतंत्र में बदलना चाहते हैं और संसदीय लोकतंत्र की जगह टेक्नोक्रेट संचालित लोकतंत्र स्थापित करना चाहते हैं…
  • All five accused arrested in the murder case
    भाषा
    माकपा के स्थानीय नेता की हत्या के मामले में सभी पांच आरोपी गिरफ्तार
    04 Dec 2021
    घटना पर माकपा प्रदेश सचिवालय ने एक बयान जारी कर आरएसएस को हत्या का जिम्मेदार बताया है और मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है.पुलिस के अनुसार, घटना बृहस्पतिवार रात साढ़े आठ बजे हुई थी और संदीप…
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    MSP की कानूनी गारंटी ही यूपी के किसानों के लिए ठोस उपलब्धि हो सकती है
    04 Dec 2021
    पंजाब-हरियाणा के बाहर के, विशेषकर UP के किसानों और उनके नेताओं की स्थिति वस्तुगत रूप से भिन्न है। MSP की कानूनी गारंटी ही उनके लिए इस आंदोलन की एक ठोस उपलब्धि हो सकती है, जो अभी अधर में है। इसलिए वे…
  • covid
    भाषा
    कोरोना अपडेट: देशभर में 8,603 नए मामले सामने आए, उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से कम हुई
    04 Dec 2021
    देश में कोविड-19 के 8,603 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,46,24,360 हो गई है।  
  • uttarkhand
    सत्यम कुमार
    देहरादून: प्रधानमंत्री के स्वागत में, आमरण अनशन पर बैठे बेरोज़गारों को पुलिस ने जबरन उठाया
    04 Dec 2021
    4 दिसंबर 2021 को उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। लेकिन इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए आमरण अनशन पर बैठे बेरोजगार युवाओं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License