NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
समाज
भारत
राजनीति
लखनऊ में मॉब लिंचिंग के विरोध जुलूस को पुलिस ने रोका
योगी शासन में अब शायद मॉब लिंचिंग का विरोध करने का अधिकार भी जनता को नहीं है! उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तबरेज़ अंसारी की लिंचिंग के विरोध में निकल रहे जुलूस को प्रशासन ने रोक दिया।
असद रिज़वी
29 Jun 2019
लखनऊ में विरोध जुलूस को पुलिस ने रोका

देश में बढ़ती लिंचिंग की घटनाओं के ख़िलाफ़, लखनऊ के नागरिकों द्वारा शनिवार की शाम गोमती नगर स्थित अम्बेडकर पार्क से एक कैंडल मार्च (विरोध जुलूस) निकाला जाना था। लेकिन बड़ी संख्या में पुलिस कार्यक्रम स्थल, जहाँ जुलूस से पहले सभा होना थी, तैनात कर दी गई। 

जुलूस निकालने के लिए जब प्रदर्शनकरी जमा हुए, तो वहाँ स्थानीय पुलिस ने उन्हें रोक दिया। कुछ ही समय में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने घेर लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी भी हुई।

IMG_2408.jpg

पुलिस का कहना था की प्रशासन को कार्यक्रम या जुलूस की सूचना नहीं दी गई, इसलिए जुलूस नहीं निकाला जा सकता है। जबकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से कहा की ज़िलाधिकारी कार्यालय को कार्यक्रम और जुलूस की सूचना पहले ही दी जा चुकी थी। पुलिस को प्रशासन द्वारा सूचना प्राप्त होने के दस्तावेज़ दिखाने के बाद भी जुलूस निकालने नहीं दिया गया। 

प्रदर्शनकारियों में प्रदर्शन पर रोक लगने से भारी नाराज़गी थी। प्रदर्शन के आयोजन में मुख्य रूप से मौजूद रुबीना मुर्तुज़ा का कहना था कि प्रशासन को विरोध प्रदर्शन की सूचना दी गई थी और पुलिस ने अचानक आकर प्रदर्शन रुकवा दिया। 

IMG_2400.jpg

रुबीना मुर्तुज़ा का कहना है की अत्याचार के विरुद्ध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार हैं। जिस तरह लिंचिंग की घटनाए बढ़ रही हैं, उस से लगता है सरकार मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए गंभीर नहीं है।

वरिष्ठ पत्रकार फैज़ान मुस्सना ने कहा की तबरेज़ अंसारी की मौत के लिए भीड़ के साथ झारखंड प्रशासन भी ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा अगर तबरेज़ को प्राथमिक चिकित्सा दी जाती तो उसकी जान बच भी सकती थी।

लेख़क एस एन लाल ने कहा की यह घटनायें देश के संविधान  पर हमला हैं।

इसे भी पढ़ें : कानपुर: जय श्री राम नहीं बोलने पर टोपी पहने किशोर को पीटा

कांग्रेस नेता अमीर हैदर ने लखनऊ प्रशासन की निंदा की और कहा की लोकतंत्र में नागरिकों को प्रदर्शन से नहीं रोका जा सकता है। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ सब के विश्वास की बात करते हैं और दूसरी तरफ मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ कोई ठोस कदम नहीं उठाते हैं।

समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल हाफिज गाँधी ने मॉब लिंचिंग की निंदा करते हुए कहा की किसी की धर्म के नाम पर हत्या करना सविंधान के खिलाफ है। गाँधी का कहना है बीजेपी सरकार में देश के संविधान को ख़तरा है।

प्रदर्शनकारी हाथ में प्लेकार्ड लिए थे जिन पर लिखा था ”राम का नाम बदनाम न करो”-“देश में क़ानून का राज हो”। प्रदर्शनकारियों ने हस्ताक्षर कर के प्रशासन द्वारा एक ज्ञापन भी राष्ट्रपति को भेजा है। ज्ञापन में देश में ख़राब होती कानून और व्यवस्था पर चिंता जताई गई है।

mob lynching
Protests
Uttar pradesh
Lucknow
Justice For Tabrez
Hindutva Agenda
hindutva terorr
Yogi Adityanath
Communalism

Related Stories

हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा


बाकी खबरें

  • SFI PROTEST
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई
    09 Feb 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय को फिर से खोलने के लिए SFI ने प्रदर्शन किया, इस दौरान छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं का विरोध किया। साथ ही सड़क पर कक्षा लगाकर प्रशासन को चुनौत दी।
  • PTI
    समीना खान
    चुनावी घोषणापत्र: न जनता गंभीरता से लेती है, न राजनीतिक पार्टियां
    09 Feb 2022
    घोषणापत्र सत्ताधारी पार्टी का प्रश्नपत्र होता है और सत्ताकाल उसका परीक्षाकाल। इस दस्तावेज़ के ज़रिए पार्टी अपनी ओर से जनता को दी जाने वाली सुविधाओं का जिक्र करती है और जनता उनके आधार पर चुनाव करती है।…
  • हर्षवर्धन
    जन्मदिन विशेष : क्रांतिकारी शिव वर्मा की कहानी
    09 Feb 2022
    शिव वर्मा के माध्यम से ही आज हम भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव, राजगुरु, भगवती चरण वोहरा, जतिन दास और महाबीर सिंह आदि की कमानियों से परिचित हुए हैं। यह लेख उस लेखक की एक छोटी सी कहानी है जिसके बारे…
  • budget
    संतोष वर्मा, अनिशा अनुस्तूपा
    ग्रामीण विकास का बजट क्या उम्मीदों पर खरा उतरेगा?
    09 Feb 2022
    कोविड-19 महामारी से पैदा हुए ग्रामीण संकट को कम करने के लिए ख़र्च में वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन महामारी के बाद के बजट में प्रचलित प्रवृत्ति इस अपेक्षा के मामले में खरा नहीं उतरती है
  • Election
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः प्रचार और भाषणों में स्थानीय मुद्दों को नहीं मिल रही जगह, भाजपा वोटर भी नाराज़
    09 Feb 2022
    ऐसे बहुत से स्थानीय मुद्दे हैं जिनको लेकर लोग नाराज हैं इनमें चाहे रोजगार की कमी का मामला हो, उद्योग की अनदेखी करने का या सड़क, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा, शिक्षा का मामला हो। इन मुद्दों पर चर्चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License