NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लंदन में फ़ासीवाद-विरोधी लामबंदी : टॉमी रॉबिन्सन के समर्थकों का प्रतिरोध
ब्रिटिश धुर दक्षिणपंथी और मुस्लिम विरोधी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन वर्तमान में, अदालत के बाहर प्रसारण के लिए और अदालत के ख़िलाफ़ “अपमानजनक भाषा” का प्रयोग करने और उसकी अवमानना के लिए जेल की सज़ा काट रहे हैं। उन्होंने 2018 में चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग के मुक़दमे के दौरान लीड्स क्राउन कोर्ट के बाहर केस के परिणाम को पहले ही घोषित करने का प्रयास किया था।
पीपल्स डिस्पैच
28 Aug 2019
Translated by महेश कुमार
लंदन में फ़ासीवाद-विरोधी लामबंदी
लंदन में 250-फ़ासीवाद-विरोधी लोगों ने प्रदर्शन कर टॉमी रॉबिन्सन के समर्थकों को चुनौती दे डाली जो खुद काफ़ी कम संख्या में थे।

24 अगस्त को, लंदन में 250-फ़ासीवाद-विरोधी लोगों ने प्रदर्शन कर टॉमी रॉबिन्सन के समर्थकों को चुनौती दे डाली जो खुद काफ़ी कम संख्या में थे। टॉमी रॉबिन्सन को स्टीफ़न याक्ले-लेनन के नाम से भी जाना जाता है और वे धुर दक्षिणपंथी और इस्लाम-विरोधी कार्यकर्ता हैं और जेल में सज़ा काट रहे हैं। इस फ़ासीवाद-विरोधी लामबंदी का आह्वान कई सक्रिय समूहों द्वारा किया गया था, जिसमें लंदन एंटी-फ़ासिस्ट असेंबली, रिवोल्यूशनरी कम्युनिस्ट ग्रुप, ग्रीन एंटी-कैपिटलिस्ट फ्रंट और स्टैंड अप टू नस्लवाद शामिल थे।

रॉबिन्सन वर्तमान में, अदालत के बाहर प्रसारण के लिए और अदालत के ख़िलाफ़ “अपमानजनक भाषा” का प्रयोग करने और उसकी अवमानना के लिए जेल की सज़ा काट रहे हैं। उन्होंने 2018 में चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग के मुक़दमे के दौरान लीड्स क्राउन कोर्ट के बाहर केस के परिणाम को पहले ही घोषित करने का प्रयास किया था।

द मॉर्निंग स्टार ने बताया कि शनिवार को टॉमी रॉबिन्सन के समर्थकों द्वारा एक रैली की गई थी, जिसमें बेल्मश जेल से उनकी रिहाई की मांग की गई थी। इसके ख़िलाफ़ फ़ासीवाद विरोधी प्रदर्शनकारियों ने ऑक्सफ़ोर्ड सर्कस में जवाबी कार्रवाई की।

ग्रीन एंटी-कैपिटलिस्ट फ्रंट ने अपने बयान में कहा, "अतीत में, दूर-दराज़ के कई इलाक़ों में ‘फ़्री टॉमी रॉबिन्सन’ समर्थकों ने सड़कों पर ग़ैर-श्वेत रंग वालो पर कई बार हमला किया है, उस पर भी हमला किया गया जो उन्हें लगता कि वे ‘वामपंथी’ हो सकते हैं, और पुलिस की सुरक्षा में हिटलर को सलाम करते हुए ऐसा करते हैं। जब उन्होंने लीड्स में मार्च किया, तो एक मस्जिद और एक गुरुद्वारे में अगले दिन आग लग गई थी, जो कोई संयोग नहीं हो सकता था।"

उन्होंने आगे कहा, “हम इन लोगों को अपनी सड़कों पर मार्च करने की अनुमति देकर ध्यान आकर्षित करने की अनुमति नहीं दे सकते। जिस समूहों के खिलाफ हमने विरोध किया और पहचान बनाई है, उनमें से एक क्राइस्टचर्च शूटर से फंडिंग प्राप्त कर रहा है और सीधे उनके विचारों से प्रभावित है। हमें क्राइस्टचर्च और एल पासो के पीड़ितों को याद रखना चाहिए और हमारी सड़कों पर इन लोगों के विचारों को सड़कों से दुर रखना चाहिए। नो पसारन!।”

ऑक्सफ़ोर्ड सर्कस पर प्रदर्शन के बाद, फ़ासीवाद विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पोलिश दूतावास में भी पोलिश एलजीबीटी अधिकार कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए मार्च किया, जो एलजीबीटी लोगों के उत्पीड़न के ख़िलाफ़ और पोलैंड में प्राइड मार्च के ऊपर हमलों का विरोध कर रहे थे।

Courtesy: Peooples Dispatch
Anti-fascist protests
Green Anti-Capitalist Front
London Anti-Fascist Assmebly
Revolutionary Communist Group
Stand Up To Racism
Stephen Yaxley-Lennon
Tommy Robinson

Related Stories

ग्रीस की अदालत ने फ़ासीवादी दल गोल्डन डौन पार्टी को आपराधिक समूह घोषित किया


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License