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भारत
राजनीति
लोकसभा में हार के बाद विपक्षी पार्टियों का संकट बढ़ा, मंथन का दौर
लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद विपक्षी दलों में इस्तीफों और मंथन का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने इस्तीफे पर अड़े हुए हैं तो सपा में भी बड़े फेरबदल के संकेत हैं। माकपा ने हार के कारणों की समीक्षा के लिये आगामी सात से नौ जून तक पार्टी की केन्द्रीय समिति की बैठक बुलायी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 May 2019
Rahul Gandhi
फोटो साभार: Deccan Chronicle

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हैं। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा सहयोगी दलों डीएमके और आरजेडी के नेताओं ने लालू प्रसाद यादव ने भी राहुल से पद नहीं छोड़ने की अपील की है। 

मंगलवार को इसे लेकर पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला,राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने उनसे उनके आवास पर मुलाकात की।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने 25 मई को हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में लोकसभा चुनाव में राजस्थान और मध्य प्रदेश में पार्टी के सफाए को लेकर विशेष रूप से नाराजगी जताई थी।

सूत्रों और मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी ने गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम सहित कुछ बड़े क्षेत्रीय नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा था कि इन नेताओं ने बेटों-रिश्तेदारों को टिकट दिलाने के लिए जिद की और उन्हीं को चुनाव जिताने में लगे रहे और दूसरे स्थानों पर ध्यान नहीं दिया।

इसी बैठक में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि सीडब्ल्यूसी ने प्रस्ताव पारित कर इसे सर्वसम्मति से खारिज कर दिया और पार्टी में आमूलचूल बदलाव के लिए उन्हें अधिकृत किया।
राहुल का इस्तीफे की पेशकश आत्मघाती कदम: लालू 

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि राहुल का यह कदम उनकी पार्टी के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। लालू ने कहा, 'राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने का प्रस्ताव न केवल उनकी पार्टी के लिए आत्मघाती होगा बल्कि यह उन सभी सामाजिक और राजनैतिक ताकतों के लिए भी झटका होगा जो संघ परिवार (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं।'

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र तेजप्रताप ने मंगलवार के राहुल गांधी के अध्यक्ष पद पर बने रहने का समर्थन करते हुए ट्वीट किया, 'कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जी का मैं समर्थन करता हूं। उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद पर बने रहते हुए सामने आईं चुनौतियों का सामना करना चाहिए। देश को आपके जैसे युवा नेतृत्व की जरूरत है।'

इस ट्वीट के साथ तेजप्रताप ने 'आई सपोर्ट राहुल गांधी' हैशटैग का इस्तेमाल किया है।

राहुल को इस्तीफा देने की जरूरत नहीं: रजनीकांत

अभिनेता-राजनेता रजनीकांत ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव के परिणाम को एक व्यक्ति विशेष की जीत बताया, जो हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी की हार जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी को अपने पद से इस्तीफा नहीं देना चाहिए।

रजनीकांत ने कहा कि चुनाव के दौरान राहुल खुद तो मजबूती से लड़े, कोई कसर नहीं छोड़ी। मगर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने समन्वित तरीके से काम नहीं किया।

डीएमके प्रमुख स्टालिन ने की अपील

द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से अपने पद से नहीं हटने का अनुरोध किया और कहा कि उनकी पार्टी भले ही आम चुनाव हार गयी लेकिन राहुल ने लोगों का दिल जीता है।

द्रमुक ने यहां कहा कि राहुल के पद छोड़ने पर अड़े रहने की खबरों के बीच स्टालिन ने कांग्रेस के शीर्ष नेता से फोन पर बात की और उनसे पार्टी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का विचार छोड़ने की अपील की। 

पार्टी के अनुसार स्टालिन ने राहुल से कहा कि कांग्रेस पार्टी को भले ही लोकसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा लेकिन ‘आपने लोगों का दिल जीत लिया है।’

मोइली और शीला ने किया अनुरोध

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष के पद पर राहुल गांधी के बने रहने का समर्थन करते हुये कहा कि लोकसभा चुनावों में हार इस पार्टी के लिए वक्ती बात है।

मोइली ने कहा कि एक दो चुनावों के परिणामों से उस पार्टी का भविष्य तय नहीं हो सकता जिसने अपने लंबे इतिहास में कई उतार चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने गांधी को पार्टी के लिए ‘प्रेरणा’ बताते हुये कहा कि कांग्रेस प्रमुख पद को छोड़ना उनके लिए मुनासिब नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘केवल इसलिए कि (नरेंद्र) मोदी जीत गए हैं..यह अध्यक्ष पद छोड़ने की कोई वजह नहीं है। आखिरकार, कांग्रेस पार्टी के लिए उतार चढ़ाव बहुत सामान्य रहे हैं। हमने इन्हें कई बार देखा है।’

इसके अलावा तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) अध्यक्ष और नव निर्वाचित सांसद ए उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा, ‘तेलंगाना पीसीसी की ओर से हम अनुरोध करते हैं। हमें राहुल गांधी जी के नेतृत्व में पूर्ण विश्चास है।’ उधर, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने कहा कि राहुल गांधी अपना इस्तीफ़ा वापस लें।

वहीं, वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि इस मुश्किल घड़ी से कांग्रेस को बाहर निकालने के लिए राहुल सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को ‘ख़त्म’ मान लेना बहुत जल्दबाजी होगी क्योंकि देश की सबसे पुरानी पार्टी अभी सक्रिय है और अपनी मौजूदगी बनाए हुए है।

थरूर ने कहा कि कांग्रेस अब भी देश में भाजपा के खिलाफ सबसे भरोसेमंद विकल्प है और आशा है कि वह राहुल गांधी के नेतृत्व में अपना संदेश पूरे देश में लेकर जाएगी। उनके मुताबिक, आजादी के बाद से पार्टी को आगे बढ़ाने में योगदान के कारण गांधी-नेहरू परिवार का कांग्रेस के भीतर रुतबा और सम्मान बना रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘राहुल ने पूरे साहस के साथ हार की जिम्मेदारी स्वीकार की है, हालांकि जो भी गलत हुआ है उसके लिए हम सभी जिम्मेदार हैं और आगे पार्टी को फिर से खड़ा करने की जिम्मेदारी हम सब की है।’

मुलायम-अखिलेश में चली घंटेभर बैठक

लोकसभा चुनाव में यूपी में समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रदर्शन को लेकर मंथन जारी है। सोमवार को एसपी संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ देर तक बैठक की। बताया जा रहा है कि बैठक में संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा हुई। हार के बाद अखिलेश यादव पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को भी बदला जा सकता है।

इतना ही नहीं सभी स्टूडेंट यूनिट के अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों को भी बदला जा सकता है। हाल ही में अखिलेश ने सभी पार्टी प्रवक्ताओं को पैनल से बर्खास्त कर दिया था और टीवी बहस में भाग लेने पर रोक लगा दी थी।

बीजेडी के प्रदर्शन की पटनायक ने की समीक्षा

ओडिशा में लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों का प्रदर्शन अपेक्षानुसार न होने से कथित तौर पर नाखुश मुख्यमंत्री एवं बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने इसका कारण जानने के लिए विभिन्न पक्षों के साथ सोमवार को बातचीत की।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि पटनायक ने पराजित प्रत्याशियों, जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर जानना चाहा कि उन लोकसभा सीटों पर बीजद प्रत्याशी क्यों हार गए जिन सीटों पर, साथ ही संपन्न विधानसभा चुनावों में पार्टी को ज्यादातर सीटें मिली हैं। राज्य विधानसभा की 147 सीटों में से बीजद ने 112 सीटें जीती हैं, लेकिन 21 लोकसभा सीटों में से यह क्षेत्रीय दल केवल 12 सीटें ही जीत पाया। 

पवार ने एक जून को एनसीपी नेताओं, सांसदों की बैठक बुलाई

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र में राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए अपनी पार्टी के नेताओं और सांसदों की बैठक बुलाई है। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में राकांपा-कांग्रेस गठबंधन के खराब प्रदर्शन के बाद यह बैठक बुलाई गई है। 

प्रदेश एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने मंगलवार को यहां कहा कि पवार द्वारा बुलाई बैठक यहां वाई वी चह्वाण केंद्र में एक जून को होगी जिसमें सांसद, विधायक और अहम नेता शामिल होंगे। राकांपा ने चार लोकसभा सीटें जीती और कांग्रेस ने महज एक सीट जीती।

आरजेडी, तृणमूल, और आप में भी मंथन

राष्‍ट्रीय जनता दल में हार के वजहों की तलाश के लिए मंगलवार से महामंथन का दौर शुरू है। दो दिनों तक चलने वाली समीक्षा बैठक में जानने की कोशिश होगी कि इतनी बुरी हार के लिए कौन जिम्मेदार है। इसी बीच आरजेडी के वरिष्ठ विधायक महेश्वर प्रसाद यादव ने पार्टी प्रमुख तेजस्वी प्रसाद यादव से इस्तीफ़ा मांग लिया है। उन्होंने कहा है कि तेजस्वी को हार की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ देना चाहिए।

इससे पहले लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने सीएम पद छोड़ने की पेशकश की थी हालांकि उनकी इस पेशकश को पार्टी ने नामंजूर कर दिया है।

लोकसभा चुनाव में हार पर आम आदमी पार्टी ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस दौरान केजरीवाल,ने कहा कि वह लोगों को समझा नहीं पाये आप को क्यों वोट दें? 

माकपा ने बुलाई केंद्रीय समिति की बैठक
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पोलित ब्यूरो की दो दिवसीय बैठक में चुनाव परिणाम की समीक्षा की गयी है। सोमवार को बैठक के बाद पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि विपक्ष भाजपा के दावों से जनता के बीच उपजी धारणाओं को तोड़ने में नाकाम रहा। उन्होंने बताया कि वामदलों की हार के कारणों की समीक्षा के लिये आगामी सात से नौ जून तक पार्टी की केन्द्रीय समिति की बैठक बुलायी है।

बंगाल के 3 विधायक व 50 पार्षद भाजपा में शामिल

पश्चिम बंगाल के तीन विधायक और 50 से अधिक पार्षद मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में से एक विधायक तृणमूल कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांग्शु रॉय हैं।

अन्य दो विधायक बिष्णुपुर से (तृणमूल विधायक) तुषार कांति भट्टाचार्य और माकपा के देबेंद्र राय हैं। राय बीजपुर विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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