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आंदोलन
भारत
एलएनजेपी डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, सरकार ने डॉक्टरों को दिया पूर्ण सुरक्षा का वादा 
दिल्ली स्वास्थ्य सचिव संजीव खैरवार ने बताया कि वह इमरजेंसी वार्ड सहित अस्पताल में मार्शल (सुरक्षा कर्मी) की तैनाती की मांग को लेकर तुरंत सहमत हो गये और उनकी दूसरी सीसीटीवी कैमरे विभिन्न जगहों पर लगाने की मांगों पर विचार किया जा रहा है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Jul 2019
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 दिल्ली के सरकारी अस्पताल  लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) में डयूटी पर तैनात एक डॉक्टर की कथित पिटाई से नाराज सहयोगी चिकित्सकों की सोमवार सुबह से हड़ताल पर थे लेकिन शाम को सरकार ने  उनकी मांगों से सहमत होने के बाद हड़ताल खत्म कर दी । 
डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से दिल्ली सरकार के इस सबसे बड़े अस्पताल में नियमित और इमरजेंसी में आये रोगियों और उनके तीमारदारों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दिल्ली स्वास्थ्य सचिव संजीव खैरवार ने बताया कि वह इमरजेंसी वार्ड सहित अस्पताल में मार्शल (सुरक्षा कर्मी) की तैनाती की मांग को लेकर तुरंत सहमत हो गये और उनकी दूसरी सीसीटीवी कैमरे विभिन्न जगहों पर लगाने की मांगों पर विचार किया जा रहा है। 
उन्होंने बताया कि करीब 48 मार्शल को तैनात किया जायेगा और 16 मार्शल तीन पालियों में काम करेंगे और ये पूरे परिसर में रहेंगे। सीसीटीवी कैमरे अस्पताल में कुछ जगहों पर लगाए जा चुके हैं ओर सोमवार को ही दस मार्शल तैनात कर दिये गए हैं। 

 एक मरीज के परिजनों द्वारा आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना के बाद मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) सहित अन्य अस्पताल के डॉक्टर्स सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए थे.
इससे पहले रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के प्रतिनिधियों और अस्पताल प्रशासन ने दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव संजीव खैरवार से दोपहर में मुलाकात की।
 इससे पूर्व इस अस्पताल में मरीज के तीमारदार द्वारा एक डॉक्टर पर कथित रूप से हमले की घटना से नाराज बाकी डॉक्टर सोमवार को पर्याप्त सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल चले गए। यह डॉक्टर मौलाना आजाद कॉलेज में परास्नातक पाठ्यक्रम में तीसरे साल का छात्र है। 
आरडीए के अध्यक्ष साकेत जेना ने आरोप लगाया, ‘‘आपात विभाग में एक मरीज लाया गया था, जिसकी बाद में कुछ जटिलताओं के चलते मौत हो गई। उसके एक तीमारदार ने वहां मौजूद डॉक्टरों में से एक पर हमला कर दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में अस्पताल परिसर में डॉक्टरों पर हमले की कई घटनाएं हुई हैं इसलिए हम हड़ताल पर हैं।’’
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें सूचित किया है कि वे इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं चाहते। 
जेना ने दावा किया कि आरोपी व्यक्ति ने ‘‘माफी मांग’’ ली है इसलिए उन्होंने इस मामले को यहीं रफादफा करने का फैसला किया है। 
जेना ने कहा कि सुरक्षाकर्मी तैनात करने के अलावा उनकी प्रमुख मांग नियमित वार्डो में सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी है।
इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार को कहा कि चिकित्सों के प्रति हिंसा निंदनीय है। 
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सचिव को चिकित्सको की मांगों पर विचार करने के लिए कहा गया है, चाहे वह मार्शलों की तैनाती हो या फिर सीसीटीवी कैमरे लगाने की। दोनों मांगों पर जल्द ही कदम उठाये जायेंगे। 
लेकिन डॉक्टरों ने कहा की बार बार इस तरह के हमलो का शिकार हम डॉक्टरों को ही होना पड़ता है जबकि हम विपरीत परिस्थतियों में काम करते है। इन हमलो के बाद सरकारे बड़ी बेशर्मी से इन घटनाओ की निंदा कर निकल जाती है जबकि इस तरह की घटनाओ को रोकने के लिए सरकार से सख्त कानून बनाए की मांग की। 

 

#doctors brutally assaulted after death of elderly patient with myocardial infarction at LNJP hospital by a mob. Old age patient dies ( probably neglected at home by sons and daughters). Blame has to be shifted somewhere. @drharshvardhan @narendramodi @FordaIndia @NMOBharat pic.twitter.com/kY6sjPZLQF — Dr VIVEK CHOUKSEY (@DrVivekChouksey) July 8, 2019

इससे पहले एम्स और सफदरजंग के रेजीडेंट डॉक्टरों ने एलएनजेपी के अपने साथियों के प्रति एकजुटता का प्रदर्शन किया। 
गौरतलब है कि कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद उसके रिश्तेदारों के दो कनिष्ठ डॉक्टरों पर हमला करने की घटना के कुछ दिनों बाद यह घटना हुई है।
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के कनिष्ठ डॉक्टर कामकाज की जगह पर सुरक्षा की कमी को लेकर हड़ताल पर चले गए थे।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

LNJP
Delhi
doctors strike
delhi govt

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