NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार में अड़चन डालती लॉस एंजेलिस पुलिस
लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग(LAPD) ने पीपुल्स समिट की ओर से आयोजित अमेरिका के 9वें वार्षिक शिखर सम्मेलन पर निकलने वाले एक जुलूस को इजाज़त देने से इनकार कर दिया है
पीपुल्स डिस्पैच
02 Jun 2022
peoples summit
पीपुल्स समिट की 31 मई को आयोजित एक प्रेस में यूनियन डी वेकिनोस, ANSWER गठबंधन, इंटरनेशनल पीपुल्स असेंबली और बहुत सारे संगठनों के वक्ता शामिल हुए।

आयोजकों ने प्रेस को दिये बयान में ऐलान किया है कि पीपुल्स समिट के आयोजकों और समर्थकों को विरोध करने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करते हुए लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग (LAPD) ने अमेरिका के 9वें वार्षिक शिखर सम्मेलन पर निकलने वाले एक जुलूस को इजाज़त देने से इनकार कर दिया है। पीपुल्स समिट के आयोजकों ने 10 जून को अपने उस जुलूस के लिए 25 फ़रवरी की शुरुआत में ही इजाज़त देने के लिए आवेदन कर दिया था। उनका कहना है कि एलएपीडी महीनों से इसे रोके हुआ है और उनका कहना है कि गुप्त सेवा और संघीय सरकार इस देरी के लिए ज़िम्मेदार है।

अमेरिकी संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध का अधिकार सुरक्षित है। पीपुल्स समिट के आयोजक अब भी इस इजाज़त के लिए लड़ रहे हैं, और नतीजे की परवाह किये बिना इस जुलूस को निकाले जाने की योजना है।

पीपुल्स समिट की ओर से आयोजित 31 मई की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान एंसर कोएलिशन के एस्टेवन हर्नांडेज़ ने कहा,"हम इसे अपनी संवैधानिक रूप से संरक्षित मुक्त भाषण गतिविधि के अलोकतांत्रिक उल्लंघन के रूप में देखते हैं। इजाज़त का जो कुछ हो... हम अगले हफ़्ते जुलूस ज़रूर निकालेंगे।"

पीपुल्स समिट का यह आयोजन अमेरिका के आधिपत्य वाले अमेरिकी शिखर सम्मेलन का मुक़ाबला करने के लिए किया जा रहा है। अमेरिकी शिखर सम्मेलन "एक स्थायी, लचीला और न्यायसंगत भविष्य के निर्माण" पर चर्चा करने के लिए पूरे अमेरिकियों के नेतृत्व में आयोजित करने का दावा करता है। 1994 में मियामी में आयोजित इसके स्थापना शिखर सम्मेलन के बाद से यह दूसरी बार है कि इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी अमेरिका में की जायेगी। इस आयोजन की कामयाबी को सुनिश्चित करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन की साख ज़बरदस्त रूप से दांव पर लगी हुई है, लेकिन बाइडेन को शुरू से ही भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

अमेरिकियों का यह शिखर सम्मेलन अमेरिका से बहुत ज़्यादा प्रभावित है और पहले से ही उन दो देशों-वेनेज़ुएला और निकारागुआ को बाहर करने का फ़ैसला किया जा चुका है, जिन्हें लेकर अमेरिका का रवैया शत्रुतापूर्ण है और अभी तक क्यूबा की भागीदारी को लेकर फ़ैसला नहीं हो पाया है। इस पूरे गोलार्ध के नेताओं ने इन देशों को बाहर रखने का जवाब इस शिखर सम्मेलन का पूरी तरह से बहिष्कार किये जाने की धमकी के साथ दिया है। मैक्सिको के राष्ट्रपति, एंड्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्रेडोर (AMLO) ने कहा "अमेरिका के सभी देशों के बिना कोई भी शिखर सम्मेलन 'अमेरिका का' कैसे हो सकता है ?", अगर अमेरिका इन देशों को बाहर रखे जाने के अपने फ़ैसले को वापस नहीं लेता,तो ओब्रेडोर ने बहिष्कार का विकल्प चुना है।

पीपुल्स समिट प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इंटरनेशनल पीपुल्स असेंबली के मनोलो डी लॉस सैंटोस ने कहा, "बाइडेन का यह शिखर सम्मेलन पहले ही नाकाम इसलिए हो चुका है, क्योंकि उन्होंने वास्तविक लोकतंत्र का पालन करने से इनकार कर दिया है ... हम बेआवाज़ नहीं हैं, हमारे पास आवाज़ें हैं और हम उन्हें अपने पीपुल्स समिट में उठाने जा रहे हैं।”

यह पीपुल्स समिट अमेरिका में अमेरिकी वर्चस्व के पहले से मौजूद एजेंडे का मुक़ाबला करेगा। जैसा कि चिरला के कार्यकारी निदेशक एंजेलिका सालास ने कहा,

“पीपुल्स समिट अप्रवासियों, महिलाओं और श्रमिकों के अधिकार, लोकतांत्रिक मानदंडों का पुनर्निर्माण और संरक्षण, परिवारों की सुरक्षा जैसे उन तमाम मुद्दों को उठायेगा, जो मुद्दे हमारे लोगों के लिए अहम हैं, लेकिन छोटे-छोटे देशों के उस अन्य राष्ट्रपति शिखर सम्मेलन से बाहर रह गये हैं। हम पश्चिमी गोलार्ध की एक अलग नज़रिये को सभी के लिए शांति, स्वतंत्रता और समृद्धि के स्थान के रूप में पेश करेंगे, जिसमें कोई देश, कोई आस्था, कोई जाति और कोई लिंग नहीं है।”

अमेरिका ने पीपुल्स समिट में भाग लेने वाले क्यूबा के सिविल सोसाइटी के 23 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भी वीजा देने से इनकार कर दिया है। इस बहिष्कार में शामिल मनोलो डी लॉस सैंटोस ने कहा, "अमेरिकी सरकार की नीति क्यूबा के लोगों के प्रति ही नहीं , बल्कि संयुक्त राज्य के उन लोगों के प्रति भी बेरहम है, जिन्हें न सिर्फ़ इस द्वीप पर रह रहे लोगों के साथ रिश्ते रखने, बल्कि उनसे सीधे बात करने और संवाद करने में सक्षम होने के अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है।"

साभार : पीपुल्स डिस्पैच 

United States of America
Andres Manuel Lopez Obrador
ANSWER coalition
CubaInter
national Peoples' Assembly
Los Angeles Police Department
Manolo De Los Santos
People's Summit for Democracy
Summit of the Americas
US imperialism in Latin America

Related Stories

जॉर्ज फ्लॉय्ड की मौत के 2 साल बाद क्या अमेरिका में कुछ बदलाव आया?

अमेरिका में रूस विरोधी उन्माद: किसका हित सध रहा है?

पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश

कैसे अमेरिका और इज़राइल ने आत्मघाती कार हमलावर को जन्म दिया 

यूनिवर्सल हेल्थ केयर : क्या बाइडेन निजी बीमा की तरक़्क़ी जारी रखेंगे या ‘कुछ बड़ा’ करेंगे?

अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ से आंशिक रूप से सेना की वापसी की घोषणा की

लातिन अमेरिकी और कैरिबियाई देशों से चीन को बाहर करने की जुगत में है अमेरिका 

लाओस ने दी COVID-19 को मात, लेकिन क़र्ज़ से हो रहा पस्त

अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ की सदस्यता से हटने की प्रक्रिया शुरू की

अमेरिका : चुनावी दौर में जो बिडेन के नाम एक खुला पत्र


बाकी खबरें

  • Honduras President
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: मध्य अमेरिका में एक और कास्त्रो का उदय
    30 Nov 2021
    वामपंथी पार्टी की शियोमारा कास्त्रो बनेंगी होंदुरास की पहली महिला राष्ट्रपति। रविवार को हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों में कास्त्रो ने सत्तारूढ़ नेशनल पार्टी नासरी असफुरा को पीछे छोड़ दिया है।
  •  Mid Day Meal Workers
    सरोजिनी बिष्ट
    बंधुआ हालत में मिड डे मील योजना में कार्य करने वाली महिलाएं, अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में भरी हुंकार
    30 Nov 2021
    मिड डे मील योजना में काम करने वाली रसोइयों का आक्रोश उस समय सामने आया जब वे अपनी मांगों के साथ 29 नवम्बर को लखनऊ के इको गार्डेन में "उत्तर प्रदेश मिड डे मील वर्कर्स यूनियन" के बैनर तले एक दिवसीय धरने…
  • workers
    मुकुंद झा
    निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल
    30 Nov 2021
    भारत की निर्माण मज़दूर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर ने कहा कि इस हड़ताल में केंद्रीय मुद्दों के साथ साथ राज्य के अपने मुद्दे भी शामिल होंगे। इस हड़ताल में हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में…
  • UP farmers
    प्रज्ञा सिंह
    पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान बनाम हिंदू पहचान बन सकती है चुनावी मुद्दा
    30 Nov 2021
    किसान आंदोलन ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश में सामाजिक पहचान बदल दी है, उत्तरप्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में यहां से 122 सीटें हैं और अगले साल की शुरुआत में यहां चुनाव होने हैं।
  • fact check
    किंजल
    UP का वीडियो दिल्ली के सरकारी स्कूल में मदरसा चलाने के दावे के साथ वायरल
    30 Nov 2021
    वीडियो को गौर से देखने पर ऑल्ट न्यूज़ ने स्कूल के बोर्ड पर ‘प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर’ लिखा हुआ पाया. प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर, गाज़ियाबाद के विजयनगर इलाके में है. यानी, ये घटना उत्तर प्रदेश की है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License