NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
विज्ञान
कोविड-19 के मरीजों में सूंघने की शक्ति नष्ट हो जाने की शिकायत क्यों रहती है ?
एनोस्मिया- या कहें सूंघने की शक्ति खत्म हो जाना- को कोविड-19 के प्रमुख लक्षण के तौर पर जाना जाता है। आरंभ में वैज्ञानिकों का विश्वास था कि इसमें वायरस मष्तिष्क के उस हिस्से पर हमला करता है, जो हिस्सा गंध को महसूस करने के लिए जिम्मेदार है। लेकिन हालिया शोध कुछ और ही तरफ इशारा करते हैं।

संदीपन तालुकदार
25 Aug 2020
n
प्रतीकात्मक छवि. सौजन्य: न्यू इंडियन एक्सप्रेस

ऐनोस्मिया- अर्थात इंसानों में सूंघने की शक्ति का ह्रास, जो कोविड-19 के रोगियों में सबसे प्रभावी लक्षणों के तौर पर उभरा है। सामान्य सर्दी और फ्लू के लक्षण में नाक बंद हो जाती है और कुछ हद तक सूंघने की क्षमता भी कम हो जाती है। लेकिन कोविड-19 के दौरान सूंघने की क्षमता काफी हद तक खत्म हो जाती है, ऐसा आम तौर पर देखने को मिलता है। वहीँ शोधकर्ताओं का अब यह कहना है कि ऐसा इसके शरीर पर हमले करने के तरीके की वजह से होता है।

कॉविड-19 में एनोस्मिया की वजह अभी भी अस्पष्ट बनी हुई है। कुछ का मानना है कि नोवेल कोरोनावायरस मष्तिष्क के नाड़ी कोशिकाओं वाले हिस्से में हमला करता है जहाँ से सूंघने की ग्रंथियां नियंत्रित होती हैं। वहीँ कुछ अन्य का विश्वास है कि इसकी वजह मष्तिष्क पर सीधा हमला न करने की वजह से होता है।

अब हाल ही में यूरोपियन रेस्पिरेटरी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में द जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ मेडिसिन ने इस विषय पर रोशनी डाली है। इसके अध्ययन के अनुसार एनोस्मिया की वजह वायरस के इंसानी कोशिकाओं पर हमला करने और उन्हें संक्रमित करने के तरीके से सम्बंधित है। घ्राण-उपकला (सूंघने से सम्बंधित टिश्यू) जोकि नाक के पीछे स्थित ऊतक होते हैं, जो सूंघने के लिए इस्तेमाल में आते हैं। इनमें प्रोटीन का स्तर काफी असाधारण तौर पर उच्च रहता है, जिसे वायरस कोशिकाओं में प्रवेश के समय प्रवेश बिंदु के तौर पर इस्तेमाल में लाता है।  

SARS-CoV-2 वायरस कोशिकाओं की सतह पर रहने वाले ACE2  प्रोटीन को उपयोग में लाता है। यह प्रोटीन मेजबान कोशिका की सतह पर किसी रिसेप्टर के तौर पर काम करता है जिसे वायरस बड़ी आसानी से पहचान लेता है और उसे जकड़ लेता है। वायरस कोशिका की सतह पर बना स्पाइक प्रोटीन वायरस को ACE2 रिसेप्टर से जोड़ने में मदद करता है। शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि घ्राण-उपकला में ACE2 प्रोटीन की मात्रा उच्च स्तर मौजूद होती है, जोकि नाक के अन्य हिस्सों की तुलना में 200 से लेकर 700 गुना अधिक हो सकती है। 

घ्राण-उपकला कोशिकाएं नाक में न्यूरांस को बनाये रखने के लिए किसी सहायक कोशिकाओं के तौर पर काम करती हैं जिसका काम गंध का पता लगाना और इस बारे में मस्तिष्क को संदेश देने का होता है। इस अध्ययन से संकेत मिलते हैं कि ये सहायक कोशिकाएं इस नोवेल कोरोनावायरस के पसंदीदा शिकार हैं। इसके अनुसार ऐसा ACE2 रिसेप्टर के उच्च स्तर पर मौजूदगी के चलते होता है।

दिलचस्प तथ्य यह है कि ACE2 (एंजियोटेनसिन क्न्वर्टिंग एंजाइम 2) एक प्रकार का प्रोटीन है जो हार्मोन एंजियोटेंसिन प्रोटीन को एंजियोटेंसिन2 में ढककर रखता है। इसकी जरूरत कई प्रक्रियाओं में पड़ती है जैसे कि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में। यह प्रोटीन शरीर के कई ऊतकों जैसे कि फेफड़े, दिल, किडनी और आंत जैसे हिस्सों में मौजूद होता है।

इस अध्ययन के प्रमुख लेखक एंड्रू पी. लेन का कहना है कि “आम तौर पर कहें तो जब कोशिकाएं वायरस से संक्रमित होती हैं तो वे पायरोप्टोसिस नामक पक्रिया से होकर गुजरती हैं। यह वायरस के हमले को नाकाम करने के लिए अनिवार्य तौर पर खुद के खात्मे का ऐलान है। इसलिये ज्यादा संभावना इसी बात की रहती है कि घ्राण सम्बंधी सहायक कोशिकाएं खुद को खत्म कर लें, और नतीजे के तौर पर संवेदी न्यूरांस की मौत हो जाती है और इंसान की सूंघने की शक्ति चली जाती है।” शोधकर्ताओं के दल ने संक्रमित लोगों के नाक से ऊतक के नमूने इकट्ठा किये थे। 

इन निष्कर्षों के जरिये कोविड-19 सम्बंधी एनोस्मिया की बनावट के बारे में एक समझ पैदा की है। आगे चलकर इसके जरिये नाक के माध्यम से संक्रमण के बेहतर उपचार के लिए संभावित नए रास्ते भी खुल सकते हैं।

वहीँ दूसरी ओर कुछ रोगियों ने पर्सोमिया की भी शिकायत की है, जिसे सूंघने की शक्ति में अड़चन संबंधी शिकायत कह सकते हैं। यह शिकायत रोगियों के ठीक हो जाने के महीनों बाद भी देखने में आ रही है, जोकि असामान्य स्थिति है। अधिकांश रोगियों ने उपचार के बाद अपनी घ्राण शक्ति के दोबारा से हासिल हो जाने के बारे में सूचित किया है लेकिन यह स्थिति स्थाई है या नहीं, यह अभी शोध का विषय है।

loss of smell due to corona
coronavirus and loss of smell
reason of loss of smell from corona

Related Stories


बाकी खबरें

  • मीडियाकर्मियों पर चौतरफ़ा हमला : डीयूजे
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मीडियाकर्मियों पर चौतरफ़ा हमला : डीयूजे
    19 Jun 2021
    आजकल असहिष्णुता का एक बढ़ता हुआ माहौल है जिसमें ट्वीट्स, फेसबुक पोस्ट और मीडिया के लोगों द्वारा रिपोर्ट पर उनके खिलाफ मनमानी आरोप दायर किए जा रहे हैं।
  • केंद्र किसानों के आंदोलन को बदनाम कर रही है, मांगें पूरी करे सरकार : एसकेएम
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केंद्र किसानों के आंदोलन को बदनाम कर रहा है, मांगें पूरी करे सरकार : एसकेएम
    19 Jun 2021
    एसकेएम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने के लिए हर अवसर का जमकर फायदा उठाया जा रहा है। हालांकि, उनकी विफल रणनीति को फिर से विफल होना तय है। कई राज्य सरकारें आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी हैं तथा…
  • बाइडेन - पुतिन शिखर सम्मेलन से क्या कुछ हासिल?
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन - पुतिन शिखर सम्मेलन से क्या कुछ हासिल?
    19 Jun 2021
    बाइडेन-पुतिन शिखर सम्मेलन का मुख्य परिणाम रणनीतिक संवाद को फिर से शुरू करना और और साइबर मुद्दों का समाधान करना था।
  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 60,753 नए मामले, 1,647 मरीज़ों की मौत
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 60,753 नए मामले, 1,647 मरीज़ों की मौत
    19 Jun 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 60,753 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़कर 2 करोड़ 98 लाख 23 हज़ार 546 हो गयी है।
  • पश्चिम बंगाल: मूल्य वृद्धि, कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़ वाम मोर्चे का महंगाई विरोधी पखवाड़ा का आह्वान
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: मूल्य वृद्धि, कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़ वाम मोर्चे का महंगाई विरोधी पखवाड़ा का आह्वान
    19 Jun 2021
    16 जून को मीडिया को संबोधित करते हुए वाम मोर्चा के अध्यक्ष बसु ने कहा था कि पिछले डेढ़ महीने में पेट्रोलियम उत्पादों की क़ीमतों में रिकॉर्ड 21 गुना की वृद्धि हुई है, जिससे वस्तुओं की क़ीमतों में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License