NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
“मैं नफ़रत के ख़िलाफ़ लड़ने वाले हर व्यक्ति से नफ़रत करता हूं”
तिरछी नज़र : मुझे उन सारे लोगों से नफ़रत हो गई है जो यह कहते हैं कि इस सरकार के शासन काल में देश में नफ़रत फैलाई जा रही है…
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
04 Aug 2019
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy : Hindustan

जब से मैं राइट विंग का सपोर्टर बना हूँ तब से मुझे लोगों से प्यार ही प्यार हो रहा है। पहले मोदी जी को चाहने लगा और फिर प्रज्ञा ठाकुर, नाथूराम गोडसे, पूजा शगुन पांडेय, और न जाने किन किन का फैन हो गया हूँ। लेकिन तब से मुझे कुछ लोगों से नफ़रत भी हो गई है। मुझे कमल हासन से भी नफ़रत हो गई है। अब कमल हासन कहते हैं, "गोडसे स्वतंत्र भारत के पहले आतंकवादी थे"। अरे भाई, आपका नाम भी कमल और गोडसे की सोच वाले, विश्व के सबसे बड़े राजनैतिक दल का चुनाव चिह्न भी कमल। कमल हासन जी, आप तो भाजपा की, आरएसएस की सोच का ही विरोध करने लगे। आप तो हिंदू हैं और उस पर भी सवर्ण, आपको गोडसे से क्यों घृणा है। वह भी तो हिन्दू था, सवर्ण ब्राह्मण और साथ ही हिंदू राष्ट्र भी बनाना चाहता था। पर मैं कमल हासन को समझ सकता हूँ, उनकी घृणा का कारण जान सकता हूँ। मैंने कमल हासन की फिल्म "हे राम" देखी है। भले ही फिल्म में ही सही, कमल हासन गोडसे से पहले स्वयं ही गांधी को मार डालना चाहते थे। लेकिन क्योंकि गोडसे ने पहले मार दिया तो उससे घृणा करने लगे, उसे आतंकवादी बताने लगे। अरे कमल हासन शर्म करो। गोडसे से माफी मांगो। नहीं तो व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी तुम्हें कमल हासन से कमाल हसन बना देगी। अंग्रेजी भाषा में, रोमन लिपि में कमल हासन और कमाल हसन की एक ही स्पैलिंग होती है।

tirchi najar after change new_26.png

ऐसा नहीं है कि मुझे सिर्फ कमल हासन से ही नफ़रत हुई है। मुझे उन सारे लोगों से नफ़रत हो गई है जो यह कहते हैं कि इस सरकार के शासन काल में देश में नफ़रत फैलाई जा रही है। जो यह कहते हैं कि गाय के नाम पर, जय श्री राम के नारे पर मॉब लिंचिंग हो रही है। जो यह कहते हैं कि औरतों के खिलाफ अपराध बढ़ गये हैं। उन चालीस-पैंतालीस कलाकारों से मुझे सख्त नफ़रत है जो इस बारे में प्रधानमंत्री जी को चिट्ठी लिखते हैं। क्या उन्हें पता नहीं है कि देश का नाम विभिन्न कौमों के बीच नफ़रत फैलाने से बदनाम नहीं होता है। देश का नाम मॉब लिंचिंग से बदनाम नहीं होता है। देश का नाम महिलाओं पर बलात्कार से बदनाम नहीं होता है। देश का नाम उन लोगों के द्वारा चिट्ठी लिखने से बदनाम हुआ है। इसलिए मैं उन चालीस-पैंतालीस कलाकारों, लेखकों से, जिन्होंने प्रधानमंत्री जी को चिट्ठी लिखी, नफ़रत करता हूँ। उन्होंने देश का नाम बदनाम किया है, वे नफ़रत के ही काबिल हैं। 

नफ़रत तो मुझे 2016 में पुरस्कारों को वापस करने वाले गैंग से भी हुई थी। उन लेखकों-कलाकारों ने क्या यह सोचा था कि सरकार उनके सामने झुक जायेगी। वे पुरस्कार वापस करेंगे और सरकार अखलाक को, पहलू खान को न्याय दिला देगी।  ये सरकार अब तो तब से भी अधिक ताकतवर हो चुकी है। ये सरकार, कितनी भी भीड़ हत्यायें हो जायें, कितने भी बलात्कार हो जायें, नहीं झुकेगी। कभी नहीं झुकेगी। और बिल्कुल नहीं झुकेगी। और वैसे भी ये जो पुरस्कार वापस किये जा रहे थे उन लोगों द्वारा, पिछली सरकार ने दिये थे। अब पिछली सरकार के द्वारा दिये गये पुरस्कार वापस करोगे तो यह सरकार क्यों झुकेगी। वैसे भी यह सरकार निश्चय कर चुकी है कि पुरस्कार ऐसे लोगों को ही दिये जायें जो पुरस्कार वापसी न करें, भले ही देश में कुछ भी हो जाये। जमीर वाले लोग या तो अपना जमीर रख लें या पुरस्कार रख लें।

नफ़रत तो मुझे खान कलाकारों से भी हो गई है। कभी मैं शाहरुख खान की फिल्में बडे़ शौक से देखता था। "बाजीगर" और "डर" से लेकर 'कुछ कुछ होता है" और "माई नेम इज खान" तक। बीच में 'चक दे इंडिया" भी पसंद आई। शाहरुख से मन हटा तो आमिर पर आ गया। "लगान' से लेकर "तारे जमीन पर" और "दंगल' तक। और सलमान तो सदाबहार हैं ही। उधर नसीर की अदाकारी का तो जवाब ही नहीं है। पर आप प्रसिद्ध क्या हो गये, सफलता आपके सिर पर चढ़कर बोलने लगी। कभी बच्चों का बहाना बनाकर तो कभी पत्नी को ढाल बनाकर देश की असहिष्णुता पर बात करने लगे। अरे भाई, देश पसंद नहीं है तो पाकिस्तान चले जाओ। 

लगता है कि इन सबसे नफ़रत करते करते मुझे सबसे ज्यादा नफ़रत मोहनदास करमचंद गांधी नाम के आदमी से हो गई है। मैं उस आदमी से नफ़रत करने लगा हूँ, जो आदमी दक्षिण अफ्रीका में भी और वहां से लौट कर भारत में भी नफ़रत के खिलाफ लड़ता रहा। मैं उस आदमी से नफ़रत करने लगा हूँ, जिस आदमी की नफ़रत के खिलाफ लड़ाई 1947 में भी, जब नफ़रत अपने चरम पर थी, जारी रही। मुझे अफसोस है कि मैं अब उस आदमी से नफ़रत करने लगा हूँ, जिसकी हत्या नफ़रत के खिलाफ जंग लडने के कारण ही की गई। क्योंकि आप आरएसएस के हों, भाजपाई हों और इस आदमी से नफ़रत न करें, ऐसा हो ही नहीं सकता है।

(लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)

tirchi nazar
Political satire
right wing politics
Narendra modi
BJP-RSS
Nathuram Godse
Mahatma Gandhi

Related Stories

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?

अब राज ठाकरे के जरिये ‘लाउडस्पीकर’ की राजनीति

जलियांवाला बाग: क्यों बदली जा रही है ‘शहीद-स्थल’ की पहचान

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक


बाकी खबरें

  • ntpc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : रेलवे परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन
    25 Jan 2022
    भारी संख्या में अभ्यर्थियों ने बिहार की राजधानी पटना और आरा में रेलवे ट्रैक पर गत सोमवार को प्रदर्शन किया वहीं आज मंगलवार को नालंदा, बक्सर, नवादा समेत अन्य स्टेशनों पर उन्होंने रेलवे ट्रैक पर…
  • Biden
    पीपल्स डिस्पैच
    बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?
    25 Jan 2022
    जनआंदोलनों के दबाव की प्रतिक्रिया में बाइडेन ने अपने कार्यकाल के लिए ऊंचे-ऊंचे लक्ष्य तय किए थे। लेकिन इनमें से कितने पूरे हुए?
  • Sudha Bharadwaj
    एजाज़ अशरफ़
    सामाजिक कार्यकर्ताओं की देशभक्ति को लगातार दंडित किया जा रहा है: सुधा भारद्वाज
    25 Jan 2022
    जेल में अपने तजुर्बों का हवाला देते हुए और कामगारों की नुमाइंदगी करने वाली एक वकील के तौर पर जानी-मानी कार्यकर्ता कहती हैं कि भारत अब भी संविधान में किये गये इंसाफ़ और बराबरी के वादों को साकार करने…
  • Netaji
    सबरंग इंडिया
    नेताजी पर कब्ज़ा ज़माने की हिन्दू राष्ट्रवादी कवायद
    25 Jan 2022
    नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती (23 जनवरी) के अवसर पर देश भर में अनेक आयोजन हुए. राष्ट्रपति भवन में उनके तैल चित्र का अनावरण किया गया. केंद्र सरकार ने घोषणा की कि नेताजी का जन्मदिन हर वर्ष '…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,55,874 नए मामले, 614 मरीज़ों की मौत 
    25 Jan 2022
    देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 97 लाख 99 हज़ार 202 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License