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भारत
राजनीति
मारुती केस में फैसला : श्रम पर पूंजी एक बार फिर हावी
18 मार्च को, मानेसर मारुति हिंसा के मामले में 31 मजदूरों को दोषी ठहराया गया है।
Interview with राखी सहगल
29 Mar 2017
Interviewed by तीस्ता सेतलवाड़, Produced by न्यूज़क्लिक, कम्युनलिस्म कॉम्बैट प्रोडक्शन

सबरंग इंडिया और न्यूज़क्लिक के साझा कार्यक्रम में तीस्ता सेतलवाड़ ने न्यू ट्रेड यूनियन इनिशिएटिव की राखी सेहगल से बात की।  मानेसर मारुति हिंसा के मामले में, 18 मार्च को, 31 मजदूरों को दोषी ठहराया गया है। उनमें से 13 श्रमिकों को आजीवन कारावास दिया गया है। उच्च न्यायालय ने 'निवेशकों' की चिंताओं की सुरक्षा के लिए ये निर्णय लिया और जमानत नहीं दी।

राखी सेहगल ने इस पूरे मामले का विवरण दिया। शुरुआत से ही मारुति कार्यकर्ता आंदोलन ने मारुती प्रबंधन के प्रकोप को झेला है।  और सरकार निवेशकों के सामने घुटने टेकते आई है ।

मारुती केस
मारुती सुजकी
वर्कर्स

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License