NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मौत के दो साल बाद भी बुरहान वानी का असर कश्मीर में है क़ायम
वानी के मौत की दूसरी बरसी पर रविवार को सुरक्षा कड़े कर दिए गए थे ताकि कोई प्रदर्शन न कर सके।

सागरिका किस्सू
09 Jul 2018
कश्मीर

8 जुलाई की सुबह कश्मीर में ख़ामोशी थी। ये दिन हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान मुजफ्फर वानी के मौत का दूसरा सालगिरह था। वानी को साल2016 में सुरक्षा बलों मार गिराया था। लेकिन इस बार ये ख़ामोशी कुलगाम में एक नाबालिग लड़की और दो युवाओं की मौत को लेकर थी। सेना द्वारा शनिवार को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के बाद इन तीनों की मौत हुई। इस घटना में कम से कम आठ लोग घायल हो गए। घाटी में जब से राज्यपाल शासन लागू हुआ तब से गोलीबारी में सबसे ज्यादा मौतें हुईं हैं।

 

जैसे ही स्थानीय लोग वानी की मौत की सालगिरह मनाने को तैयार हुए थे कि त्राल क्षेत्र में उसके घर के रास्ते पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। एक स्थानीय व्यक्ति ने न्यूज़क्लिक को नाम न छापने की शर्त पर फोन पर बताया कि, "जैसे ही मैं त्राल क्षेत्र पहुंचा तो सुरक्षा बलों ने मुझे बुरहान के घर की ओर जाने वाली सड़क पर जाने से रोक दिया। सख्त कर्फ्यू लगाया गया है। त्राल आज एक सैन्य शिविर जैसा हो गया था।" इस बीच पुलवामा ज़िले के साथ श्रीनगर के नौहट्टा और मैसुमा थाना क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। विरोध न हो इसके लिए सुरक्षा कर्मी वाहनों और और पहचान पत्रों की जांच कर रहे थे।

 

श्रीनगर लाल चौक के एक निवासी ने कहा "बुरहान वानी की मौत के दो साल बाद भी सुरक्षा बलों को क्यों डर है? क्या उसका भूत अभी भी उन्हें परेशान कर रहा है? " पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रतिबंध किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियाती क़दम के तौर पर लगाए गए थे।

 

कश्मीर हिंसा

साल 2016 में वानी की हत्या के चलते घाटी में भरी विरोध प्रदर्शन हुआ जो लगभग 6 महीने तक चला। अपने युवावस्था में बुरहान वानी इस क्षेत्र में एक आइकन बन गया था। युवा लड़के उसके जैसा बनने की इच्छा रखते थे। उसकी मौत के बाद भी वह दक्षिण कश्मीर के युवाओं पर भी इसी तरह का प्रभाव डाल रहा है। पुलवामा ज़िले के एक 21 वर्षीय लड़के ने कहा, "हमारे लिए बुरहान वानी एक शहीद है और वह मेरे लिए ऐसा ही रहेगा। मैं उसकी तरह बनना चाहता हूँ। वास्तव में मेरे ज़िले का हर कोई उसके जैसा बनना चाहता है। उसने ऐसा किया है जो दूसरा नहीं कर सका। उसने आज़ादी के क़रीब एक क़दम बढ़ाया।" कुछ मिनट बाद इस लड़के ने बुरहान वानी की तस्वीर वाली टी-शर्ट दिखाने के लिए अपना फेरान (एक लंबा कपड़ा) हटाया। लड़का मुस्कुराते हुए शर्ट की तरफ इशारा करते हुए कहा, "देखो, वह मेरे साथ है।"

 

इस बीच वानी के पिता रविवार को होने वाली घटना से भयभीत थे। मुजफ्फर वानी ने न्यूज़क्लिक को बताया, "पिछले कुछ दिनों से हम बहुत चिंतित हैं। मेरा शहीद बेटा कई लोगों के लिए एक ऑइकॉन था।"

बुरहान वानी आतंकियों में शामिल होने के लिए 15 साल की उम्र घर छोड़कर चला गया था। उसके पिता जो कि हेडमास्टर हैं और गणित पढ़ाते हैं उन्होंनेे कहा कि वानी एक प्रतिभावान छात्र था जिसने हमेशा अपनी परीक्षा में बेहतर किया था। लेकिन एक घटना ने उसके जीवन को बदल दिया। मुज़फ्फर वानी ने कहा, "जब बुरन कक्षा दस में था तब वह अपने भाई खालिद के साथ बाहर गया। रास्ते में उन्हें सुरक्षा कर्मियों के एक समूह ने रोक लिया जिन्होंने उन्हें सिगरेट खरीदने को कहा। ऐसा करने के बाद भी लड़कों को सुरक्षा बलों ने पीटा। इसी घटना ने उसके जीवन को बदल दिया। बुरहान ने हमसे बात करना बंद कर दिया। "वह खुद को रखता था और कुछ दिनों बाद, एक सुबह छोड़ दिया, कभी वापस नहीं आया।" उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने बुरहान को आतंकवाद छोड़ने के लिए काफी कोशिश की थी। मुज़फ्फर वानी ने कहा, "मैंने उससे कहा था कि मैं उसे उच्च शिक्षा के लिए दुबई भेज दूंगा। जब मैं उसे मनाने में नाकाम रहा तो मैंने उसे अध्ययन के लिए पाकिस्तान भेजने को भी कहा। लेकिन उसने नहीं सुना।"

बुरहान के परिवार ने कहा कि आतंकियों में शामिल होने के बाद वह कभी वापस नहीं आया। मुज़फ्फर वानी ने कहा, "कहां वह रहता था मुझे नहीं पता था। कहां वह खाता था कहां सोता था इसके बारे में मुझे कुछ भी नहीं पता था। यह लोग थे जिन्होंने उसे प्यार दिया और उसे अपने घरों में जगह दी।"

 

Burhan Wani
Kashmir Crisis
BJP-PDP

Related Stories

कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें

सज्जाद लोन ने ‘विश्वास की कमी’ का हवाला देते हुए ख़ुद को गुपकर गठबंधन से अलग किया

क्यों बदल जाएगी जम्मू-कश्मीर की डेमोग्राफ़ी

मिलिट्री राज में क़ैद कश्मीर की कहानी

“कश्मीरी पंडितों के बारे में क्या कहना है” से उनका संकट हल होने नहीं जा रहा है

कश्मीर: अभावों और पहरेदारी के बीच जूझती घाटी

कश्मीर प्रशासन कर रहा है इन्टरनेट पर सुप्रीम कोर्ट फ़ैसले की अवहेलना?

कश्मीर: संविधान के मूल्यों को कैसे बनाकर रख पाएगी सेना

कश्मीर टूरिज्म निचले पायदान पर पहुंचा

दर्द में गुजरे कश्मीर के चार महीने !


बाकी खबरें

  • beedi worker
    सतीश भारतीय
    बीड़ी कारोबार शरीर को बर्बाद कर देता है, मगर सवाल यह है बीड़ी मजदूर जाएं तो जाएं कहां?
    05 Feb 2022
    मध्यप्रदेश का सागर जिला जिसे बीड़ी उद्योग का घर कहा जाता है, वहां बीड़ी कारोबार नशा से बढ़कर गरीब आवाम की रोजी-रोटी का सहारा है। उन्हें बीड़ी कारोबार से बाहर निकालकर गरिमा पूर्ण जीवन मुहैया करवाने के…
  • handloom
    मोहम्मद ताहिर
    ग्राउंड रिपोर्ट : जिस ‘हैंडलूम और टेक्सटाइल इंडस्ट्री' को PM ने कहा- प्राइड, वो है बंद होने की कगार पर
    05 Feb 2022
    देश के प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिन पहले हैंडलूम सेक्टर को मेरठ का ’प्राइड’ कहा था। न्यूज़क्लिक ने जब इस सेक्टर की पड़ताल की तो पता चला कि ये सेक्टर अपने सबसे ख़राब दिनों से गुजर रहा है। जिसकी…
  • up elections
    एस एन साहू 
    यूपी चुनाव: क्या पश्चिमी यूपी कर सकता है भाजपा का गणित ख़राब?
    05 Feb 2022
    पश्चिमी यूपी में 10 फरवरी, 2022 को होने वाला पहले चरण का चुनाव, शेष चरणों के लिए भी काफी महत्व रखता है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से, पश्चिमी यूपी में अधिकांश विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने वाला राजनीतिक…
  • up chunav
    सौरभ शर्मा
    यूपी चुनाव: कांस्य युग में फंसा एक द्वीपनुमा गांव
    05 Feb 2022
    उत्तरप्रदेश में चुनाव प्रचार चल रहा है, लेकिन ग्रामीणों को अभी तक उनके क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के बारे में पता तक नहीं चल पाया है। इसके पीछे की वजह है-बुनियादी सुविधाओं का अभाव। 21वीं…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1.28 लाख नए मामले, 1,059 मरीज़ों की मौत
    05 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,27,952 नए मामले सामने आए हैं | देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 20 लाख 80 हज़ार 664 हो गयी है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License