NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्य प्रदेश में ईवीएम पर मचा बवाल
भोपाल के स्ट्रांगरूम के बाहर लगी एलईडी के अचानक बंद होने से कई सवाल पर उठ रहे हैं तो सागर में मतदान के दो दिन बाद शुक्रवार को ईवीएम के पहुंचने पर हंगामा हुआ।
आईएएनएस
01 Dec 2018
SAGAR
Image Courtesy: MP Breaking News

भोपाल/सागर।  मध्यप्रदेश में मतदान के बाद ईवीएम को लेकर सियासी वार तेज हो गए हैं। राज्य के विभिन्न स्थानों पर बने स्ट्रांगरूम की सुरक्षा पर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने भोपाल के स्ट्रांगरूम के बाहर लगी एलईडी के बंद होने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए निर्वाचन आयोग में शिकायत की तो दूसरी ओर सागर में शुक्रवार को ईवीएम के पहुंचने पर हंगामा किया। निर्वाचन अधिकारी गड़बड़ी की आशंका को हालांकि नकार रहे हैं।

भोपाल के विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम मशीनों को पुरानी जेल के परिसर में रखा गया है, मगर शुक्रवार की सुबह स्ट्रांगरूम के बाहर लगी एलईडी अचानक बंद हो जाने से हड़कंप मच गया। कांग्रेस ने गड़बड़ी की आशंका जताई है, वहीं प्रशासन ने बिजली गुल होने की बात कही है।

बताया गया है कि शुक्रवार सुबह आठ बजे अचानक स्ट्रांगरूम के बाहर चलने वाली एलईडी स्क्रीन बंद हो गई। इस एलईडी पर स्ट्रांगरूम में रखी ईवीएम मशीनों को बाहर से देखा जा सकता है। स्क्रीन के बंद होते ही वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐतराज जताया, साथ ही ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया। लगभग डेढ़ घंटे तक एलईडी बंद रही। 

एलईडी स्क्रीन बंद होने की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सुदाम खाडे मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया, साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चर्चा की।

खाडे ने संवाददाताओं से कहा कि बिजली गुल होने के कारण एलईडी बंद हो गई थी। यहां त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रबंध है, किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक इंतजाम से संतुष्ट किया गया।

राज्य में मतदान 28 नवंबर को हुआ था, उसके बाद वापस आई ईवीएम मशीनों को गुरुवार को पुरानी जेल में बनाए गए स्ट्रांगरूम में रखा गया था। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने के साथ पल-पल की स्थिति दिखाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों को बाहर लगी एलईडी से जोड़ा गया है। इस तरह भीतरी स्थिति को बाहर बैठकर आसानी से देखा जा सकता है। 

शाम को सागर से ईवीएम के मतदान के 48 घंटे बाद मुख्यालय पर पहुंचने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि ये मशीनें खुरई विधानसभा क्षेत्र से आई हैं, जहां से प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। जिस वाहन में ये मशीनें पहुंचीं, उस पर नंबर भी नहीं है, इसलिए संदेह हो रहा है।

कांग्रेस के प्रवक्ता संदीप सबलोक ने बताया कि ये मशीनें बस से आई, इन्हें परीक्षण के बाद जिलाधिकारी के कार्यालय में स्थित कोषालय के स्ट्रांगरूम में रखा गया। देर से मशीन लेकर पहुंचने वाले अफसरों को बर्खास्त किया जाए। 

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट किया, "चुनावी कार्य में लगे सभी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकरियों से अपील है कि वे लोकतंत्र के महापर्व के अवसर पर मतगणना तक निष्पक्षता का आचरण करें। हमें कुछ अधिकरियों के खिलाफ शिकायत मिली है।"

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि सभी कांग्रेसजन, कांग्रेस प्रत्याशियों से अपील है कि 11 दिसंबर को मतगणना तक स्ट्रांगरूम व ईवीएम पर निगरानी रखें, विशेष सावधानी रखें। कांग्रेस की सरकार बननी तय है।
 

madhya pradesh elections
EVM
EVM controversy
Assembly elections 2018
BJP
Congress
Shivraj Singh Chauhan

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Modi
    शंभूनाथ शुक्ल
    प्रधानमंत्री की कानपुर यात्रा: “बुढ़ापा हमका चापर किहिस!”
    01 Jan 2022
    कानपुर रैली में उनके भाषण को देख कर लगा कि जैसे उन्हें कानपुर से चिढ़ हो। शायद इसलिए कि कानपुर शहर का मिज़ाज थोड़ा भिन्न है। कानपुर लम्बे समय तक कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ रहा है।
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे
    01 Jan 2022
    कारपोरेट-फासीवादी आक्रामकता के कैसे ख़ौफ़नाक दौर में हम  फंसे हैं, यह किसान-आंदोलन के स्थगन के 15 दिन के अंदर के घटनाक्रम से ही साफ हो गया है।
  • 2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    सुबोध वर्मा
    2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    01 Jan 2022
    पूरे साल के दौरान, औद्योगिक श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, स्वरोज़गार श्रमिकों, बेरोज़गारों, पुरुष-महिलाओं, युवा-बूढ़ों – यानी कामकाजी लोगों के सभी तबक़ों ने साथ मिलकर अपनी आजीविका पर लगातार हो रहे…
  • Missionaries of Charity's
    कुमुदिनी पति
    मिश्नरीज़ ऑफ चैरिटी के FCRA रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन क्यों ख़ारिज हुआ?
    01 Jan 2022
    मिशनरीज ऑफ चैरिटी क्या है? यह क्या काम करता है कि इसका एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन ख़ारिज किया गया। 
  • calendar of IIT Kharagpur
    सोनिया यादव
    क्या हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार के लिए आईआईटी खड़गपुर का कैलेंडर तैयार किया गया है?
    01 Jan 2022
    कैलेंडर विवाद में जहां संस्थान और इस कैलेंडर को तैयार करने वाले इसमें कुछ भी गलत नहीं होने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई शिक्षाविद् और संस्थान के पूर्व छात्र इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License