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भारत
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मध्य प्रदेश: संकट में कमलनाथ सरकार, आठ विधायक गुड़गांव के होटल में
मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार गिराने के लिए भाजपा के कुछ नेता आठ विधायकों को जबरन हरियाणा के एक होटल में ले गए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Mar 2020
KAMAL NATH 1

भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार के एक मंत्री ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार गिराने के लिए भाजपा के कुछ नेता आठ विधायकों को जबरन हरियाणा के एक होटल में ले गए हैं। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने बताया, ‘पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेन्द्र सिंह और रामपाल सिंह सहित अन्य भाजपा नेता साजिश के तहत आठ विधायकों को हरियाणा के एक होटल में जबरन ले गए। विधायकों ने हमें बताया कि भाजपा नेताओं द्वारा उन्हें जबरन वहां ले जाया गया।’

पटवारी ने कहा कि हम उन्हें वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं। उनमें से चार विधायक वापस भी आ गए हैं, लेकिन आदिवासी विधायक बिसाहूलाल सिंह को जबरन उठा लिया गया है। पटवारी के इस बयान से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार गिराने के लिए भाजपा पर कांग्रेस के विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) के आरोप लगाते हुए दावा किया था कि भाजपा के एक पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह बसपा की विधायक रामबाई को चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली ले गए हैं।

भाजपा ने दिग्विजय के इस दावे को खारिज करते कहा कि राज्यसभा के 26 मार्च को होने वाले चुनाव में अपना नामांकन सुनिश्चित करने के लिये वह इस तरह के बयान दे रहे हैं। मीडिया में आई खबरों के अनुसार दिग्विजय सिंह और उनके मंत्री पुत्र जयवर्धन सिंह भी विधायकों से मिलने हरियाणा के होटल पहुंचे।

इस बीच, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘हालात नियंत्रण में हैं। ऐसा कुछ नहीं है। विधायक वापस आ जायेंगे।’ कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक हरियाणा ले जाए गए आठ विधायकों में से चार कांग्रेस, एक निर्दलीय और बाकी बसपा और सपा के विधायक हैं।

इससे पहले सोमवार को दिग्विजय ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया था कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार गिराने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस के विधायकों को बड़ी धनराशि की पेशकश की गई है। इस पर पलटवार करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने दिग्विजय पर सनसनी फैलाने के लिए झूठा बयान देने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि लोग दिग्विजय को अब गंभीरता से नहीं लेते हैं।

मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार अंतर्कलह से ग्रसित: भाजपा

हरियाणा के एक होटल में मध्यप्रदेश के सत्तापक्ष के विधायकों को भाजपा नेताओं द्वारा बंधक रखे जाने के कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा ने साफ किया है कि मध्यप्रदेश में कमजोर बहुमत पर खड़ी मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का वह कोई प्रयास नहीं कर रही है बल्कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने ही अंतर्कलह से ग्रसित है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने बुधवार सुबह को यहां प्रदेश भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘ मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अपने अंतर्विरोधों, अंतर्कलह से ग्रसित है। आप लोग देख रहे होंगे कि किस प्रकार से सरकार में उनके अपने अंदर विद्रोह हैं। भारतीय जनता पार्टी का इस पूरे प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है, ना ही भाजपा के इस तरह के कोई प्रयास हैं।’  उन्होंने कहा कि अंतर्कलह का जवाब कमलनाथ जी, सिंधिया जी और दिग्विजय सिंह जी को देना चाहिए।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘ये पहले से ही ब्लैकमेल सरकार है। जब बनी थी तब जोड़-तोड़ के आधार पर बनी थी। इस प्रकार के घटनाक्रम में न भाजपा का कोई लेना देना है न हमारे किसी प्रकार के प्रयास हैं।’


व्हिसलब्लोअर का दावा, 'सरकार गिराने के लिये विधायकों को घूस की पेशकश'

मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉ. आनंद राय ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर जारी किया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मिश्रा ने राज्य की कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार को गिराने के एवज में कुछ कांग्रेस विधायकों को 100-100 करोड़ रुपये की घूस और मंत्री पद की पेशकश की थी।

राय ने अपने फेसबुक अकाउंट पर "हॉर्स ट्रेडिंग : बीजेपी एक्सपोज्ड" शीर्षक से कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, "जनमत को खरीदने की कोशिश हुई नाकाम, 100 करोड़ रुपये और मंत्री पद का लालच भी हमारा ईमान नहीं खरीद पाया।" व्यापमं घोटाले के व्हिसलब्लोअर ने ऐसे वक्त यह वीडियो जारी किया, जब कमलनाथ सरकार समर्थक विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिशों के आरोपों से सूबे की सियासी सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं।

राय ने इस वीडियो को प्रामाणिक बताते हुए कहा कि वह मिश्रा से मुलाकात की ऑडियो-विजुअल सामग्री की किसी भी एजेंसी से जांच कराने को तैयार हैं। हालांकि व्हिसलब्लोअर द्वारा जारी वीडियो की प्रमाणिकता की अभी स्वतंत्र तौर पर तसदीक नहीं हो सकी है जबकि सूबे के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उन्होंने जाली तरीके से यह ऑडियो-विजुअल सामग्री तैयार की है।

राय ने दावा किया, "यह वीडियो दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके के मध्यप्रदेश भवन के एक कमरे का है जो पिछले साल भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा से मेरी मुलाकात के दौरान खुफिया कैमरे से रिकॉर्ड किया गया था।"

उन्होंने संबंधित विधायकों का नाम लिए बगैर कहा, "प्रदेश में कांग्रेस के चार विधायक ऐसे हैं जो मेरे सम्पर्क में रहते हैं। हर विधायक को चार किश्तों में 100-100 करोड़ रुपये की घूस और मंत्री पद की पेशकश के साथ भाजपा के पाले में लाने के लिये मिश्रा ने अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर दिल्ली में मुझसे मुलाकात की थी ताकि कमलनाथ सरकार को गिराया जा सके।"

व्हिसलब्लोअर ने दावा किया कि उन्होंने मिश्रा के कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो इसलिये जारी किया ताकि सूबे के मतदाता यह "सच्चाई" जान सकें कि जनमत को खरीदने की कोशिशें कमलनाथ सरकार के गठन के तत्काल बाद शुरू हो गयी थीं। उधर, प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा, "सोशल मीडिया पर राय का पोस्ट किया गया वीडियो फर्जी है जो पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिये जारी किया गया है।"
 
शर्मा ने राय पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह राजनीतिक धूर्तता में माहिर हैं और कूटकला, अवसरवादिता और निर्लज्ज सौदेबाजी में पारंगत प्रजाति में उनका अग्रणी स्थान है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ ) 

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