NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्यप्रदेश: बाबाओं के भरोसे अब शिवराज सरकार
एक बार फिर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से अधिक बाबा पर भरोसा दिखाया है | इस बार गौपालन और संरक्षण बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है |
मुकुंद झा
13 Jun 2018
baba

मध्यप्रदेश में अब बाबाओं के भरोसे है शिवराज सरकारI एक बार फिर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से अधिक बाबा पर भरोसा दिखाया है | इस बार गौपालन और संरक्षण बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है | इससे पहले स्वामी अखिलेश्वरानंद को नर्मदा संरक्षण पैनल में नियुक्त किया गया था | उनके साथ अन्य पांच धर्मगुरुओं की भी नियुक्ति की गई थी | जिसके बाद से ही वो नाराज़ चल रहे थे | शायद उनको इससे ज़्यादा की उम्मीद थी और सरकार का यह कदम उन्हें अपना अपमान लगा| मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसलिए वो इस पैनल से हटना चाहते थे| परन्तु शिवराज सिंह को डर था कि कहीं इससे उनका सियासी नुकसान हो सकता है इसलिए मामले गंभीरता को देखते हुए आनफान में नया आदेश जारी कर अपनी पिछली भूल को सुधारते हुए स्वामी अखिलेश्वरानंद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे दिया गया|

साफ तौर पर ये दिख रहा है कि शिवराज सिंह चुनाव से पहले किसी भी तरह से अपने हिंदुत्व की छवि को मज़बूत करना चाहते है | ऐसे में वो किसी दक्षिणपंथी कट्टर हिन्दूवादी धर्मगुरु की नाराज़गी का सामना नहीं करना चाहेंगे| दूसरा उनके विरोध में हो रहे आंदोलनों को दबाने के लिए भी इस तरह बाबाओं में मंत्री पद रेवड़ियों की तरह बाँटे जा रहे हैं| इससे पूर्व जिन पाँच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्ज़ा दिया गया था, वो सभी शिवराज सिंह पर नर्मदा घोटाले का आरोप लगा रहे थे| उनके खिलाफ बड़े आन्दोलन की तैयारी कर रहे थे| राज्यमंत्री बनने के बाद इसे वापस ले लिया गया और इससे शिवराज सिंह विकास पुरुष और सबसे ईमानदार नेता हो गये|

शिवराज ने जिस नये बाबा को इन समस्याओं का हल करने में मदद के लिए कैबिनेट मंत्री का दर्ज़ा दिया है, उनके बारे में संक्षिप्त में नज़र डालते है|

स्वामी अखिलेश्वरानंद के बारे में

स्वामी अखिलेश्वरानंद को मार्च 2010 में निरंजन अखाड़ा ने महामंडलेश्वर बनाया गया था। उन्हें यह उपाधि संन्यास लेने के 12 साल बाद मिली। संन्यास लेने से पहले स्वामी अखिलेश्वरानंद  संघ से जुड़े संग्ठन वीएचपी के नेता थे और वह राम जन्मभूमि अभियान में भी हिस्सा ले चुके हैं। इन्हीं योग्यताओं के आधार पर अभी अखिलेश्वरानंद मध्य प्रदेश गऊपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। अखिलेश्वरानंद ऐसे पहले स्वामी हैं जिन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया है। यह संस्था राज्य में पशुवध को रोकने के लिए उचित प्रयासों के लिए काम करती है।

इसके बाद अगर हम उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए है गये बयानों को देखें तो आप पाएँगे की तर्कविहीन बाते केवल और केवल मिथ्या पर आधरित बाते है |

उनके अनुसार तीसरा विश्व युद्ध गाय की वजह से लड़ा जाएगा। स्वामी का कहना है कि गाय हमेशा तकरार का कारण रही है। पौराणिक कथाओं में इसका ज़िक्र है और 1857 की आज़ादी की पहली लड़ाई भी गाय की वजह से लड़ी गई थी। वो यहीं नहीं रुके, अपने एक दूसरे बयान में कहा कि “गाय अपने आप में एक सम्पूर्ण विज्ञान है। गोमूत्र सभी रोगों की रामबाण औषधि है। यह सम्पूर्ण शरीर का शोधन करके रागों का नाश करता है”।

इसके अलावा उन्होंने राज्य में एक अलग गाय मंत्रालय बनाने की बात की और कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री की सहमती है|जहाँ हम देख रहे कि पिछले कई वर्षों से प्रदेश में आंदोलनों का दौर है| राज्य में हर वर्ग और समुदाय में गुस्सा नज़र आ रहा है जिसे शिवराज सिंह कम नहीं कर पा रहे हैं| हम देख रहे है कि इन सबसे उनकी ख्यति में लगातार गिरावट आ रही है| कई राजनीतिक सर्वेक्षणों में भाजपा के इस बार चुनाव जीतने की संभावना को बहुत ही कम करके आँक रहे हैं| कुछ सामजिक और राजनीतिक कार्यकर्त्ताओं के अनुसार जो शिवराज प्रदेश के मामा थे अब वो कंस बन गये है|

इस दौरान कई ऐसे आन्दोलन हुए जिसे नियंत्रित करने में सरकार पूरी तरह से नाकाम रही हैI मसलन पिछले वर्ष मंदसौर की घटना का ही उदाहरण लिया जाये जहाँ सरकार ने शांतिपूर्ण किसान आन्दोलन को कुचलने के लिए आन्दोलनकारी किसानो पर गोलीबारी की जिसमें कई किसानों की मौत हुई| अभी भी मध्यप्रदेश में व्यापक किसान आन्दोलन चल रहा है|

इसके साथ ही गौरक्षा के नाम अल्पसंख्यकों और दलितों पर भाजपा और संघ समर्थित गुंडों का अत्याचार बढ़ा है| इस कारण ये समुदाय भी शिवराज सरकार से नाराज़ है|

इतने वर्षों के शासन के बाद भी भाजपा प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था का तो हाल बेहाल है, वहाँ शिक्षकों को कई-कई  महीनों तक वेतन नहीं मिलता है| स्कूलों में मूल बहुत सुविधाओं को भी सरकार उपलब्ध नहीं करवा पा रही है |

जिस प्रदेश में इतनी सारी समस्याएँ हो और इन्हें हल करने  की ज़िम्मेदारी जिस शासन-प्रशासन पर हो, वो इनको हल करने के लिए कोई ठोस कदम न उठाकर ऐसे बाबाओं की नियुक्ति करे तो ये एक गंभीर सवाल पैदा करता है | 

Madhya Pradesh
Shivraj singh
Baba in Cabinate
minister
Baba

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केरल: RSS और PFI की दुश्मनी के चलते पिछले 6 महीने में 5 लोगों ने गंवाई जान
    23 Apr 2022
    केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने हत्याओं और राज्य में सामाजिक सौहार्द्र को खराब करने की कोशिशों की निंदा की है। उन्होंने जनता से उन ताकतों को "अलग-थलग करने की अपील की है, जिन्होंने सांप्रदायिक…
  • राजेंद्र शर्मा
    फ़ैज़, कबीर, मीरा, मुक्तिबोध, फ़िराक़ को कोर्स-निकाला!
    23 Apr 2022
    कटाक्ष: इन विरोधियों को तो मोदी राज बुलडोज़र चलाए, तो आपत्ति है। कोर्स से कवियों को हटाए तब भी आपत्ति। तेल का दाम बढ़ाए, तब भी आपत्ति। पुराने भारत के उद्योगों को बेच-बेचकर खाए तो भी आपत्ति है…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लापरवाही की खुराकः बिहार में अलग-अलग जगह पर सैकड़ों बच्चे हुए बीमार
    23 Apr 2022
    बच्चों को दवा की खुराक देने में लापरवाही के चलते बीमार होने की खबरें बिहार के भागलपुर समेत अन्य जगहों से आई हैं जिसमें मुंगेर, बेगूसराय और सीवन शामिल हैं।
  • डेविड वोरहोल्ट
    विंबलडन: रूसी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध ग़लत व्यक्तियों को युद्ध की सज़ा देने जैसा है! 
    23 Apr 2022
    विंबलडन ने घोषणा की है कि रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों को इस साल खेल से बाहर रखा जाएगा। 
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    प्रशांत किशोर को लेकर मच रहा शोर और उसकी हक़ीक़त
    23 Apr 2022
    एक ऐसे वक्त जबकि देश संवैधानिक मूल्यों, बहुलवाद और अपने सेकुलर चरित्र की रक्षा के लिए जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी को अपनी विरासत का स्मरण करते हुए देश की मूल तासीर को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License