NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मध्यप्रदेश के शाजापुर में ईद पर दो समुदाय में झड़प के बाद धरा 144 लागू
“पुलिस अधिकारी ने, दोनों पक्षों से डीजे की आवाज़ को कम करने के लिए आग्रह किया परन्तु किस ने उनकी बात नहीं मानी और अचानक ही पत्थरबाज़ी शुरू हो गई |”
कफील ककवी
18 Jun 2018
Translated by मुकुंद झा
mp

शाजापुर जिले के मणिहारवाडी इलाके में शनिवार (ईद) को दो समुदायों के लोगों में डीजे की आवाज़ को लेकर विवाद  के बाद सांप्रदायिक तनाव शुरू हुआ| जिससे इलाके में खूब पत्थरबाज़ी हुई।

हालांकि,पुलिस की तत्परता ने इस सांप्रदायिक तनाव को रोका और घटना के एक दिन बाद तक कोई दुर्घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस मामले में 30-35 लोगों को आईपीसी के प्रासंगिक धारा में गिरफ्तार किया गया|

शाजापुर पुलिस के मुताबिक शनिवार दोपहर को शहर के मणिहारवाड़ी बाज़ार में  कुछ मुस्लिम युवा डीजे के संगीत पर नाचकर ईद मना रहे थेI इन्होंने कथित रूप से महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर डीजे के संगीत की आवाज़ को कम करने के लिए हुई बहस के बाद राजपूत समुदाय के जुलूस पर पत्थर मार थे|

झड़प के दौरान आधा दर्ज़न लोगों को मामूली चोटे लगीं। जबकि दो पुलिस वाले घायल हुए; उनमें से एक ने अपनी आँखों की रौशनी खो दी। पुलिस के मुताबिक इसके अलावा लगभग 10 वाहनों को आग लगा दी गयी और कई दुकानों को तबाह कर दिया गया था। इस इलाके में सुरक्षा बलों को भरी संख्या में तैनात किया गयाI सीआरपीसी की धारा 144 को लगायी गयी है जिसके तहत चार या उससे अधिक लोगों का इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई थी|

हाल के दिनों में, धार्मिक त्योहारों और सालगिरह समारोहों का इस्तेमाल कई स्थानों पर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए किया गया है। इस साल की शुरुआत में, राम नवमी को कुछ संगठनों ने जानबुझकर उत्तेजक तरीके से मनाया| जिसके बाद दो समुदायों के बीच तनाव के बाद बिहार के 13 ज़िलों में बड़े स्तर पर हिंसा फैली। राजस्थान और पश्चिम  बंगाल आदि जैसे अन्य राज्यों से इसी तरह की घटनाओं की खबरें मिली।

शाजापुर के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि, "राजपूत समुदाय (महाराणा प्रताप जयंती जुलूस के आयोजक) और मुस्लिम युवाओं के बीच बहस के बाद तनाव पैदा हुआ, मुस्लिम युवा डीजे संगीत की आवाज़ को कम करने पर ज़ोर दे रहे थे।"

उन्होंने आगे कहा, जब जुलूस मुस्लिम-वर्चस्व वाले क्षेत्र नई सड़क से गुज़र रहा था तो कुछ लोगों ने उनसे अनुरोध किया कि वे जुलूस में बजाये जा रहे संगीत की आवाज़ को कम करें। चौहान ने बताया कि "जब आवाज़ में कम नहीं की गयी तो कुछ मुस्लिम युवाओं ने कथित रूप से जुलूस में पत्थर फेंके। दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया और स्थिति बिगड़ गई।"

 स्थिति अब नियंत्रण में है और इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि, "पुलिस सीसीटीवी फुटेज और घटना के वीडियो के आधार पर गिरफ्तारी कर रही है।"

सोशल मीडिया पर इस घटना की फ़र्ज़ी सूचनाओं और इससे जुड़े किस्सों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि, "हम सोशल मीडिया पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और लोगों को अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। अगर ऐसी स्थिति उभरती है तो हम इंटरनेट को बंद करने में संकोच नहीं करेंगे।"

क्षेत्र के टाउन इंस्पेक्टर आलोक परिहार ने कहा कि पुलिसकर्मी जुलूस के साथ मार्च कर रहे थेI लेकिन उन्हें ईद पर मुस्लिम युवाओं द्वारा नई सड़क में डीजे पर बजाए संगीत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। परिहार ने कहा कि, "उन्हें डीजे बजाने की कोई अनुमति नहीं थी, जब हमने थोड़ी देर के लिए इसे रोकने का आग्रह किया, उन्होंने बात नहीं मानी और यही दो समूहों के बीच तनाव का कारण बन गया।"
 

प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि

नई सड़क पर एक दुकान चलाने वाले प्रत्यक्षदर्शी पवन बियानी के मुताबिक, घटना के समय वह खरीदारों के साथ व्यस्त थे। "कुछ मुस्लिम युवा बाज़ार के कोने में डीजे चला रहे थे और महाराणा प्रताप का जुलूस मुख्य सड़क से आ रहा था। सब कुछ सामान्य था, फिर यकायक दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाज़ी शुरू कर दी और एक मिनट में ही सब तहस-नहस हो गया।"

उन्होंने आगे कहा कि स्थिति खराब हो जाने के कारण पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए लाठीचार्ज किया और आँसू गैस के गोले भी चलाए। "एक घंटे के भीतर ही पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया। शहर की पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया।"

इस घटना का एक और नज़रिया एक अन्य व्यक्ति ने नाम न ज़ाहिर किये जाने की शर्त पर दिया, "जब शौर्य यात्रा जुलूस नई सड़क पहुंची, महादेव मंदिर के पास एक खुली जगह में ईद का जश्न भी चरम पर था। पुलिस अधिकारियों के अनुरोध के बावजूद डीजे की आवाज़ किसी भी तरफ से कम नहीं हुई और कुछ बहस के बाद अचानक ही पत्थरबाज़ी शुरू हुई।"

Madhya Pradesh
Shajapur
clashes

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

कड़ी मेहनत से तेंदूपत्ता तोड़ने के बावजूद नहीं मिलता वाजिब दाम!  

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

एमपी ग़ज़ब है: अब दहेज ग़ैर क़ानूनी और वर्जित शब्द नहीं रह गया

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License