NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
अमेरिका
अमेरिकी सरकार के साथ बैठक के बाद मादुरो का विपक्ष के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की समाजवादी सरकार और विपक्ष के बीच संवाद प्रक्रिया अक्टूबर 2021 से रुकी हुई थी। इस बीच वेनेजुएला और अमेरिका के बीच के राजनयिक रिश्ते जनवरी 2019 से ही निलंबित थे।
तान्या वाधवा
11 Mar 2022
maduro
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का 7 मार्च को विपक्ष के साथ बातचीत की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने और अमेरिकी सरकार के साथ संपर्क बहाल करने का ऐलान। फ़ोटो: वेनेज़ुएला प्रेसिडेंशियल प्रेस/ट्विटर

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार, 7 मार्च को देश की आर्थिक बहाली और स्थिरता के मद्देजनज़र धुर दक्षिणपंथी विरोधी दलों के मंचों के साथ संवाद और वार्ता प्रक्रिया को फिर से सक्रिय करने का ऐलान कर दिया। इसके अलावे, राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि 5 मार्च को उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एक बैठक की। मादुरो ने मिराफ़्लोरेस पैलेस में अपने उप राष्ट्रपतियों, मंत्रियों और सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान यह घोषणा की।

दोनों देशों के बीच के सम्बन्धों में आने वाले संभावित बदलाव का संकेत देते हुए वेनेजुएला में अमेरिकी राष्ट्रीयता वाले दो क़ैदियों को 8 मार्च को रिहा कर दिया गया था। जहां अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात से इनकार कर दिया है कि उन दोनों क़ैदियों की रिहाई का दोनों देशों के बीच की वार्ता से कोई लेना-देना है,वहीं कई लोगों का मानना है कि यह रिहाई एक संभावित रियायत या ऐसा कारक हो सकती है, जिसका इस्तेमाल वार्ता में फ़ायदे के लिए किया जा सकता है।

संवाद प्रक्रिया

अंदरूनी संवाद प्रक्रिया के सिलसिले में बात करते हुए मादुरो ने कहा कि “हमने देश के सभी राजनीतिक, आर्थिक और धार्मिक हल्कों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर संवाद प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का फ़ैसला किया है। हम ज़्यादा से ज़्यादा समावेशी और व्यापक राष्ट्रीय संवाद प्रक्रिया को एक नया स्वरूप देने जा रहे हैं।" उन्होंने देश की वास्तविकताओं पर आधारित इस संवाद को लेकर अपने रुख़ को स्पष्ट किया और कहा कि "इस संवाद को आने वाले सालों में सभी तरह की राजनीतिक गारंटी दी जानी चाहिए। हम सभी क्षेत्र के लोगों के साथ बैठक को लेकर राजनीतिक वार्ता प्रक्रिया को फिर से शुरू करने जा रहे हैं।”

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की समाजवादी सरकार और अमेरिका समर्थित जुआन गुएदो की अगुवाई में विपक्ष के बीच जो संवाद अगस्त 2021 में मैक्सिको में शुरू हुआ था, उसे अक्टूबर 2021 से रोक दिया गया था। केप वर्डे से संयुक्त राज्य अमेरिका में वेनेज़ुएला के विशेष राजनयिक दूत, एलेक्स साब की अवैध हिरासत और प्रत्यर्पण के बाद वेनेज़ुएला सरकार ने इन संवादों में अपनी भागीदारी को "क्रूर आक्रामकता के ख़िलाफ़ अपना गंभीर विरोध जताते हुए" उसे रोक दिया था।

तीन दौर की बातचीत में सरकार और विपक्ष के बीच अहम समझौते हुए। अगस्त 2021 में उन्होंने संवाद के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। सितंबर 2021 में उन्होंने गुयाना एसेक्विबा पर वेनेजुएला की संप्रभुता को मान्यता देते हुए और कोविड-19 महामारी के बीच लोगों का समर्थन करने के लिहाज़ से विदेशों में वेनेजुएला के संसाधनों को फिर से हासिल करने को लेकर व्यवस्था स्थापित करने वाले दो समझौतों पर दस्तख़त किये थे।

अमेरिकी सरकार के साथ संपर्क की बहाली

अमेरिकी सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक के सन्बन्ध में राष्ट्रपति ने कहा कि "यह एक बहुत ही कूटनीतिक बैठक थी और हमने लगभग दो घंटे बात की" और इस सम्बन्ध में आगे बताते हुए कहा कि यह बैठक "सम्मानजनक" और "सौहार्दपूर्ण" माहौल में संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि उस बैठक में उनके साथ जॉर्ज रोड्रिग्ज (नेशनल असेंबली के अध्यक्ष) और प्रथम महिला,यानी राष्ट्रपति मादुरो की पत्नी, सिलिया फ्लोर्स (डिप्टी) भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि "हम आगे बढ़ने वाले एजेंडे पर काम करने को लेकर सहमत हो गये हैं, मुझे लगता है कि वेनेजुएला और दुनिया के हित से जुड़े मुद्दों को लेकर होने वाली यह आमने-सामने की बातचीत बेहद अहम है।"

इसी तरह, मादुरो ने इस क्षेत्र के लोगों के लिए शांति और सुरक्षा की गारंटी देने वाले एजेंडे में कूटनीति और सम्मान के साथ आगे बढ़ने के वेनेज़ुएला के इरादे की पुष्टि की। इस सिलसिले में उन्होंने इस बात पर रौशनी डालते हुए कहा कि "अमेरिकी सरकार और वेनेज़ुएला के बोलिवेरियन गणराज्य के बीच बातचीत, समन्वय और सकारात्मक एजेंडे की यह पहल जारी रहेगी।"

तत्कालीन डिप्टी जुआन गुएदो ने वेनेज़ुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर ख़ुद के घोषित कर दिया था और फिर डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन (2017-2021) ने मान्यता दे दी थी। इसके बाद बोलिवेरियन गणराज्य ने जनवरी 2019 में अमेरिका के साथ राजनयिक रिश्ते तोड़ लिये थे।

अमेरिका की ओर से पुष्टि

सोमवार को बाइडेन प्रशासन ने भी इस बात की पुष्टि कर दी कि अमेरिकी अधिकारियों ने वेनेज़ुएला की यात्रा की थी और निकोलस मादुरो की अगुवाई वाली वेनेजुएला सरकार के साथ संपर्क स्थापित किया था। एक संवाददाता सम्मेलन में व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने इस बात को स्वीकार किया कि "पिछले कुछ दिनों में वेनेज़ुएला प्रशासन के सदस्यों के साथ बातचीत हुई थी, और बातचीत खुली है।" उन्होंने कहा कि उस दौरे के मक़सदों में "ऊर्जा सुरक्षा" और "हिरासत में लिये गये संयुक्त राज्य के नागरिकों की सेहत बारे में पता लगाना" शामिल है।

दक्षिणपंथी स्पेनिश अख़बार एबीसी में नाम उजागर नहीं करने का अनुरोध करने वाले स्रोतों का हवाला देते हुए कहा गया कि व्हाइट हाउस वेनेज़ुएला के कच्चे तेल पर लगे "प्रतिबंधों" को आंशिक रूप से उठाने पर विचार कर रहा है, और इसी कारण से उसने अधिकारियों को वेनेज़ुएला भेजा था।

यूक्रेन में चल रहे संकट को लेकर हाल के दिनों में रूस पर उस अभूतपूर्व प्रतिबंध को लगाये जाने के बाद,जिसमें सभी रूसी-निर्यातित ईंधन को अवरुद्ध करना भी शामिल है, अमेरिका ने तेल का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता खो दिया है। अमेरिका में बढ़ती मुद्रास्फीति और आगामी विधायी चुनावों ने अमेरिका को वेनेज़ुएला पर अपनी नीतियों की समीक्षा करने के लिए मजबूर कर दिया है।

ट्रम्प की सरकार ने साल 2019 में बतौर ऊर्जा प्रतिबंध वेनेजुएला के ख़िलाफ़ वित्तीय नाकेबंदी को सख़्त कर दिया था। उस एकतरफ़ा प्रतिबंधों के बाद भी वेनेजुएला अपने सहयोगियों (चीन और रूस, दूसरे देशों) की मदद से एक दिन में तक़रीबन 760,000 बैरल तेल का उत्पादन करने में सक्षम रहा है। एबीसी ने विश्लेषकों के हवाले से बताया है कि बिना किसी ज़ोर-ज़बरदस्ती के वेनेज़ुएला हर दिन तक़रीबन 1.2 मिलियन बैरल का उत्पादन कर सकता है।

अमेरिका और वेनेज़ुएला के पड़ोसी देश कोलंबिया के रूढ़िवादियों ने दोनों देशों के बीच के सम्बन्धों में आ रही इस गर्मजोशी को खारिज कर दिया है। मार्को रुबियो ने ट्वीट करते हुए कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका को मादुरो से एक बूंद तेल की ज़रूरत नहीं है, अगर बाइडेन इजाज़त दें,तो हम यहां ज़रूरत से कहीं ज़्यादा उत्पादन कर सकते हैं।" संयुक्त राज्य अमेरिका में कोलंबिया के पूर्व राजदूत रहे फ़्रांसिस्को सैंटोस ने वाशिंगटन की अपनी आगामी यात्रा में वेनेजुएला के साथ व्हाइट हाउस की हालिया बैठक पर आपत्ति जताने के सिलसिले में कोलंबिया के राष्ट्रपति इवान ड्यूक से आह्वान किया है।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

https://peoplesdispatch.org/2022/03/09/maduro-announces-reactivation-of-dialogue-with-the-opposition-after-meeting-with-us-government/

Nicolás Maduro
Juan Guaido
Venezuela
US intervention in Venezuela
Latin America

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

केवल विरोध करना ही काफ़ी नहीं, हमें निर्माण भी करना होगा: कोर्बिन

लैटिन अमेरिका को क्यों एक नई विश्व व्यवस्था की ज़रूरत है?

"एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी

वेनेज़ुएला ने ह्यूगो शावेज़ के ख़िलाफ़ असफल तख़्तापलट की 20वीं वर्षगांठ मनाई

चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र

ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया

कोलंबिया में चुनाव : बदलाव की संभावना और चुनावी गारंटी की कमी

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

2.2 करोड़ अफ़ग़ानियों को भीषण भुखमरी में धकेला अमेरिका ने, चिले में वाम की ऐतिहासिक जीत


बाकी खबरें

  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    आखिर क्यों है भाजपा के संकल्प पत्र में 'लव जिहाद' पर इतना जोर ?
    13 Feb 2022
    हाल ही में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड चुनावों के लिए भाजपा ने संकल्प पत्र जारी किया जिसमे लव जिहाद पर ज़्यादा जोर दिया गया है। आखिर क्यों है भाजपा के संकल्प पत्र में 'लव जिहाद' पर इतना जोर ? जानने की…
  • ch
    मुकुंद झा, अविनाश सौरव
    उत्तराखंड चुनाव : डबल इंजन सरकार में भी ऐसा गांव जो दवा-पानी और आटे तक के लिए नेपाल पर निर्भर
    13 Feb 2022
    एक गांव है थपलियालखेड़ा जो चम्पावत ज़िले के नेपाल-भारत सीमा पर स्थित है। ये गांव तीन तरफ से नेपाल सीमा से घिरा हुआ है और एक तरफ भारत का टनकपुर डैम है। इस गांव के लोग ज़रूरी सुविधाओं के लिए पूरी तरह से…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    फ़ैज़: हम ने इस इश्क़ में क्या खोया है क्या सीखा है... आजिज़ी सीखी ग़रीबों की हिमायत सीखी
    13 Feb 2022
    ‘इतवार की कविता’ में आज फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की 111वीं सालगिरह और प्यार के दिन वैलेंटाइन्स डे की पूर्व बेला पर पढ़ते हैं फ़ैज़ की यह नज़्म जिसमें वह बात कर रहे हैं अपने रक़ीब से...
  • voting
    रवि शंकर दुबे
    यूपी का रण, दूसरा चरण: मुस्लिम बाहुल्य इस क्षेत्र में किसका जनाधार?
    13 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण में 9 ज़िलों की 55 सीटों पर सोमवार, 14 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। इन सभी सीटों पर मुस्लिम वोटरों की आबादी अच्छी-ख़ासी है, ऐसे में देखना होगा कि भारतीय जनता पार्टी कैसा…
  • राज वाल्मीकि
    अब साहित्य का दक्षिण टोला बनाने की एक कोशिश हो रही है: जयप्रकाश कर्दम
    13 Feb 2022
    इतवार विशेष: दलित साहित्य और दलित लेखकों के साथ भेदभाव हो रहा है जैसे गांव में होता है न, दलित बस्ती दक्षिण टोला। दलित साहित्य को भी यह मान लीजिए कि यह एक दक्षिण टोला है। इस तरह वे लोग दलित साहित्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License