NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मे का ब्रेक्सिट फेल, सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश
ब्रिटिश संसद ने प्रधानमंत्री थेरेसा मे के ब्रेक्सिट समझौते को 230 मतों के भारी अंतर से खारिज कर दिया।
आईएएनएस
16 Jan 2019
प्रधानमंत्री थेरेसा मे के

 ब्रिटिश संसद ने प्रधानमंत्री थेरेसा मे के ब्रेक्सिट समझौते को 230 मतों के भारी अंतर से खारिज कर दिया। इतिहास में किसी सरकार की यह सबसे बड़ी हार है। इसके साथ ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश कर दिया गया है। बीबीसी के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान बुधवार शाम सात बजे तक होने की संभावना है। 

मे के ब्रेक्सिट समझौते के पक्ष में 202 मत पड़े, जबकि 432 इसके खिलाफ पड़े। इससे 29 मार्च को यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन के बाहर होने (ब्रेक्सिट) का मुद्दा जटिल हो गया है। 

सरकार की इतनी बड़ी हार के बाद मे के इस्तीफे की संभावना थी, लेकिन मतदान के तुरंत बाद दिए बयान में उन्होंने पद पर बने रहने का संकेत दिया। 

मे ने फैसला स्वीकार करते हुए कहा कि वह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान का स्वागत करेंगी। 

प्रधानमंत्री ने कहा, "सदन ने अपनी बात कही है और सरकार सुनेगी।"

उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट है कि सदन इस समझौते का समर्थन नहीं करता है, लेकिन आज रात होने वाला मतदान हमें इस बारे में कुछ नहीं बताता है कि यह किसके पक्ष में होगा।"

लेबर पार्टी के जेरेमी कॉर्बिन ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसके परिणाम स्वरूप आम चुनाव हो सकते हैं। 

कॉर्बिन ने मतदान के ठीक पहले कहा कि मे ने ब्रेक्सिट को पूरे देश के भले के मुद्दे के रूप में न लेकर कंजर्वेटिव पार्टी के मुद्दे के रूप में लिया। 

बीबीसी के अनुसार, यह हार मे के लिए बड़ा झटका है। समझौते को तैयार करने के लिए उन्होंने ढाई साल बातचीत की थी।


 

United kingdom
UK
Theresa May
Brexit

Related Stories

ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी

युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?

दुनिया को गौर करना चाहिए कि बाइडेन की प्रेसीडेंसी ढलान पर है

क्यों जूलियन असांज पर अमानवीय मुक़दमा हम सबके लिए अन्याय है

यूके ने अफ़ग़ानिस्तान के नए खेल में बढ़ाया पहला क़दम

वैक्सीन को मान्यता देने में हो रही उलझन से वैश्विक हवाई यात्रा पर पड़ रहा असर

आकुस के बहाने अमेरिका चीन ही नहीं, दुनिया को डाल रहा ख़तरे में

AUKUS पर हंगामा कोई शिक्षाप्रद नज़ारा नहीं है

रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की जलवायु योजनायें पेरिस समझौते के लक्ष्य को पूरा कर पाने में विफल रही हैं 

चीन ने यूएस, यूके और ऑस्ट्रेलिया के बीच त्रिपक्षीय सुरक्षा गठबंधन को "शीत युद्ध मानसिकता और वैचारिक पूर्वाग्रह" का प्रदर्शन बताया


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में आज फिर एक हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 71 मरीज़ों की मौत
    06 Apr 2022
    देश में कोरोना के आज 1,086 नए मामले सामने आए हैं। वही देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 871 रह गयी है।
  • khoj khabar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुसलमानों के ख़िलाफ़ नहीं, देश के ख़िलाफ़ है ये षडयंत्र
    05 Apr 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने दिल्ली की (अ)धर्म संसद से लेकर कर्नाटक-मध्य प्रदेश तक में नफ़रत के कारोबारियों-उनकी राजनीति को देश के ख़िलाफ़ किये जा रहे षडयंत्र की संज्ञा दी। साथ ही उनसे…
  • मुकुंद झा
    बुराड़ी हिन्दू महापंचायत: चार FIR दर्ज लेकिन कोई ग़िरफ़्तारी नहीं, पुलिस पर उठे सवाल
    05 Apr 2022
    सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि बिना अनुमति के इतना भव्य मंच लगाकर कई घंटो तक यह कार्यक्रम कैसे चला? दूसरा हेट स्पीच के कई पुराने आरोपी यहाँ आए और एकबार फिर यहां धार्मिक उन्माद की बात करके कैसे आसानी से…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमपी : डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे 490 सरकारी अस्पताल
    05 Apr 2022
    फ़िलहाल भारत में प्रति 1404 लोगों पर 1 डॉक्टर है। जबकि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मानक के मुताबिक प्रति 1100 लोगों पर 1 डॉक्टर होना चाहिए।
  • एम. के. भद्रकुमार
    कीव में झूठी खबरों का अंबार
    05 Apr 2022
    प्रथमदृष्टया, रूस के द्वारा अपने सैनिकों के द्वारा कथित अत्याचारों पर यूएनएससी की बैठक की मांग करने की खबर फर्जी है, लेकिन जब तक इसका दुष्प्रचार के तौर पर खुलासा होता है, तब तक यह भ्रामक धारणाओं अपना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License