NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
मेरठ में तबरेज़ हत्याकांड के विरोध जुलूस पर लाठीचार्ज, 1000 लोगों पर मुकदमा
पुलिस का कहना है कि जुलूस की पहले अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हाथापाई और पथराव का भी आरोप लगाया और 70 नामज़द सहित एक हजार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। 10 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में भी लिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Jul 2019
मेरठ में जुलूस पर लाठीचार्ज
फोटो साभार : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मेरठ में तनावपूर्ण शांति के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियाती तौर पर जिले में अगले आदेश तक इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

गौरतलब है कि झारखंड में तबरेज़ अंसारी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने की घटना को लेकर रविवार देर शाम ‘युवा सेवा समिति’ के बैनर तले ‘फैज-ए-आम इंटर कॉलेज’ में सभा की गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस निकाला।

पुलिस ने कई जगह जुलूस रोकने की कोशिश की। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस से हाथापाई कर पथराव किया।

इसके बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई लोग घायल हो गए। पांच पुलिसकर्मियों को भी चोट आई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी का कहना कि शहर में धारा 144 लागू है। ‘फैज-ए-आम कॉलेज’ में बिना अनुमति सभा की गई और उसके बाद बिना अनुमति के जुलूस निकालने की कोशिश की गई। पुलिस के रोकने पर कुछ लोगों ने पथराव किया।

उन्होंने बताया कि पुलिस से हाथापाई और पथराव के आरोप में 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

पुलिस ने 70 नामजद सहित एक हजार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

तिवारी ने बताया कि सभी मोबाइल और निजी इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। केवल बीएसएनएल ब्रॉडबैंड को इससे बाहर रखा गया है।

आपको बता दें कि इसी तरह शनिवार शाम लखनऊ में तबरेज़ की हत्या के विरोध में निकाले जा रहे शांति मार्च को पुलिस ने रोक लिया था। वहां भी पुलिस का कहना था क पूर्व अनुमति नहीं ली गई। जबकि प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस-प्रशासन को इसके लिए पहले ही सूचित कर दिया गया था।

इसे भी पढ़ें : लखनऊ में मॉब लिंचिंग के विरोध जुलूस को पुलिस ने रोका

दरअसल बताया जा रहा है कि अब तबरेज़ की हत्या को लेकर देश के साथ उत्तर प्रदेश में जिस तरह विरोध बढ़ता जा रहा है उसके चलते योगी आदित्यनाथ सरकार परेशान है और चाहती है कि ये विरोध आगे न बढ़ पाए। इसलिए अब उत्तर प्रदेश में तबरेज़ को लेकर सभी धरने-जुलूसों को किसी भी तरह रोकने की कोशिश की जा रही है।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

#JusticeForTabrez
mob lynching
Jharkhand
meerut
Protest
UP police
LATHI CHARGE

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License