NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराजा गगांसिहं विश्वविधालय बीकानेर में  SFI  के आंदोलन से झुका प्रशासन, वापिस लेना पड़ा फीसवृद्धि का फरमान 
राजस्थान के बिकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय और उसके अधीन आने वाले लगभग 250 कॉलेजों में परीक्षा फीस में तीन गुणा वृद्धि को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन कल खत्म हुआ।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Dec 2017
SFI Student

राजस्थान के बिकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय और उसके अधीन आने वाले लगभग 250  कॉलेजों में परीक्षा फीस में तीन गुणा वृद्धि को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन कल खत्म हुआ। परीक्षा फीस में बढ़ोतरी को लेकर छात्रों में भारी गुस्सा और रोष था। छात्रों के आंदोलन और गुस्से को देखते हुए कुलपति को बढ़ी हुई फीस का फरमान वापिस लेना पड़ा।

दरअसल विशवविद्यालय ने सत्र 2018 के लिए होने वाली परीक्षा की फीस को 300 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक बढ़ाने का फरमान जारी किया।  विश्वविद्यालय में बोम (बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट) नाम की एक कैमेटी है जो विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों के लिए काम करती है। मगर कुलपति ने इस कैमेटी से बातचीत किए बिना ही परीक्षा की फीस वृद्धि का फरमान जारी कर दिया। कुलपति ने कहा कि उसने राज्यपाल के जारी किए गए नियम के बाद ही परीक्षा फीस में बढ़ोतरी की है।

SFI।

राज्यपाल ने एक फरमान सुनाया था कि विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले सभी कॉलेजो की परीक्षा फीस में बढ़ोतरी की जाए ताकि सभी कॉलेजो की फीस एक समान हो। इस फरमान के बाद विश्वविद्यालय में छात्र संगठन एसएफआई ने फीस वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किए क्योंकि परीक्षा के लिए हर साल 1500 रुपए बढ़ाकर देना छात्रों के लिए मुमकिन नहीं था।

इस आंदोलन के दौरान 5 दिसंबर, 2017 को बीकानेर जिला महासचिव एसएफआई राज्याध्यक्ष सुनिल पूनियाँ व अनय छात्रों पर पुलिस ने बदसलूकी कर डराने धमकाने का प्रयास भी किया। साथ ही एसएफआई छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याक्षी प्रफुल हटेला व मदन कस्वा को विश्वविद्यालय से निलंबित भी किया गया था। इन्हीं सब बर्बरतापूर्ण रवैये को देखते हुए जब एसएफआई ने 6 दिसंबर को कुलपति कार्यालय पर धरना प्रदर्शन तेज किया तो कुलपति को छात्रों के दबाव के कारण फीस वृद्धि के फरमान को वापिस लेना पड़ा। इसके साथ ही एसएफआई नेता प्रफुल और एनएसआई नेता मवदन का निलंबन भी वापिस ले लिया गया है।  

SFI  

इस तरह एसएफआई आंदोलन ने महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के करीब साढ़े तीन लाख छात्रों की जेब से जाने वाले 11 करोड़ 80 लाख रुपए को विश्वविद्यालय के भ्रष्ट तंत्र में जाने से बचा लिया। लेकिन बाकी कॉलेजों में अभी एसएफआई के आंदोलन जारी है। फीसवदृधि के फरमान को दूसरे कॉलेजो में अभी वापिस नहीं लिया गया है। 

SFI
SFI Student
Maharaja Ganga Singh University
Fee Hike

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

एलएसआर के छात्रों द्वारा भाजपा प्रवक्ता का बहिष्कार लोकतंत्र की जीत है

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !

बिहारः प्राइवेट स्कूलों और प्राइवेट आईटीआई में शिक्षा महंगी, अभिभावकों को ख़र्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 


बाकी खबरें

  • विजय विनीत
    बनारस को धार्मिक उन्माद की आग में झोंकने का घातक खेल है "अज़ान बनाम हनुमान चालीसा" पॉलिटिक्स
    19 Apr 2022
    हनुमान चालीसा एक धार्मिक पाठ है। इसे किसी को जवाब देने के लिए नहीं, मन और आत्मा की शांति के लिए पढ़ा जाता है। अब इसका इस्तेमाल नफ़रती राजनीति के लिए किया जा रहा है। दिक्कत यह है कि बहुत से पढ़े-लिखे…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश फसल घोटाला: माकपा ने कहा- 4000 करोड़ के घोटाले में बिचौलिए ही नहीं भाजपाई भी हैं शामिल
    19 Apr 2022
    माकपा ने इस घोटाले का आरोप बीजेपी पर लगाते हुए कहा है कि पिछले डेढ़ दशक से भी लंबे समय से चल रहे गेहूं घोटाले में बिचौलिए ही नहीं प्रशासन और भाजपाई भी बड़े पैमाने पर शामिल हैं। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: कई राज्यों में मामले बढ़े, दिल्ली-एनसीआर में फिर सख़्ती बढ़ी 
    19 Apr 2022
    देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकारों ने कोरोना के नियमों का पालन करने जोर दिया है, और मास्क नहीं पहनने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा |
  • अजय कुमार
    मुस्लिमों के ख़िलाफ़ बढ़ती नफ़रत के ख़िलाफ़ विरोध में लोग लामबंद क्यों नहीं होते?
    19 Apr 2022
    उत्तर भारत की मज़बूत जनाधार वाली पार्टियां जैसे कि समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, बाकी अन्य दलों के नेताओं की तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया, जिससे यह लगे कि भारत के टूटते ताने-बाने को बचाने के…
  • संदीप चक्रवर्ती
    केवल आर्थिक अधिकारों की लड़ाई से दलित समुदाय का उत्थान नहीं होगा : रामचंद्र डोम
    19 Apr 2022
    आर्थिक और सामाजिक शोषण आंतरिक रूप से जुड़े हुए हैं। माकपा की पोलिट ब्यूरो में चुने गए पहले दलित सदस्य का कहना है कि सामाजिक और आर्थिक दोनों अधिकारों की लड़ाई महत्वपूर्ण है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License