NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र के किसान एक बार फिर सड़कों पर
किसान संगठनों ने सरकार के दूध के दाम में वृद्धि के फैसले को लागू करने के लिए आंदोलन का बिगुल फूंक चूके हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Jul 2018
farmers protest
image courtesy:Hindustan Times

महाराष्ट्र के किसान आज से दूध आंदोलन की शुरूआत कर चूके हैं। राज्य सरकार ने दूध 27 रूपये प्रति लीटर देने की घोषणा की थी लेकिन अभी भी वहां के किसान दूध को 17-20 रूपये पर बेचने पर मज़बूर है। सरकार के द्वारा अपने वादे को पूरा न कर पाने के कारण किसानों और उनसे जुड़े हुए संगठनों ने राज्य में दूध आंदोलन करने कि घोषणा की है।

किसानों का कहना है कि उनकी दयनीय स्थिति का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में दूध से ज़्यादा दामों पर पानी की बिक्री होती है। उनका यह भी कहना है कि यही दूध शहरों में 40-45 रूपये पर बिकता है जबकि हम 17-20  रूपये पर बेचने को मज़बूर हैं। किसानों द्वारा मार्च के महीने में हुए आंदोलन में भी दूध के दामों को बढ़ाने की मांग राज्य सरकार के सामने रख चूकी है।

यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र किसान आंदोलन: इन चार नेताओं के बारे में आपको पता होना चाहिए

आपको बता दें कि रविवार रात से ही महाराष्ट्र के किसानों ने दूध आंदोलन की शुरूआत कर दी है। रिपोर्ट लिखे जाने तक यहां के किसानों ने सड़को पर लाखों  लिटर दूध बहा चूके हैं। इस आंदोलन की अगुआई स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने की है। अखिल भारतीय किसान सभा के साथ 13 किसान संगठनों ने इस आंदोलन का समर्थन किया है। मुंबई और पुणे की ओर जाने वाले दूध की सप्लाई को किसानों के द्वारा रोका जा रहा है।

कुछ समय पहले लोकसभा एमपी व स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के संस्थापक राजू शेट्टी ने कहा था कि किसान डेयरी में 17 रूपये प्रति लिटर दूध बेचते हैं यही दूध पैकेट में पैक होकर 42 रूपये न्यूनतम दर से बिकता है। किसानों को इसके अंतर का लाभ नहीं मिलता है जोकि उन्हें मिलना चाहिए।

अखिल भारतीय किसान सभा के महाराष्ट्र राज्य महासचिव डॉक्टर अजित नवाले ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि "सरकार किसानों के बज़ाए उद्योगपतियों की मदद कर रही है ,डेयरी में किसानों से खरीदे हुए दूध का सूखा पाउॅडर बना कर महंगें दामों पर बेचा जाता है लेकिन किसानों को उससे कुछ फायदा नहीं होता है। सरकार ने छह महीना पहले जब किसानों को एक लीटर दूध के बदले 27 रूपये दिलाने का वायदा किया था तो उसे पूरा क्यों नहीं कर रही है? किसान अब भी 17 रूपये दूध बेचने को मज़बूर हैं। उनके अनुसार यह आंदोलन अनिश्चितकालीन समय के लिए है, सरकार जब तक किसानों की मांग नहीं मान लेती तब तक किसान यह आंदोलन करते रहेंगे।"

यह भी पढ़ें-  मुंबई किसान लॉन्ग मार्च: AIKS के नेतृत्व में संगठित विरोध से किसानों की बढ़ी उम्मीद

वह आगे बताते हैं कि "सरकार किसानों की समस्या का हल निकालने के बजाए इस बात पर ध्यान दे रही है कि वह इस आंदोलन को कैसे रोके। दूध आंदोलन को रोकने के लिए सरकार आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रही है, साथ ही आंदोलन से ठीक एक दिन पहले मुझे भी प्रशासन की तरफ से नोटीस आया है। राज्य में सत्ताधीन भाजपा सरकार की कहीं से कोई भी मंशा नहीं दिख रही की वह किसानों के मसले को हल करे और प्रस्तावित प्रति लीटर दूध की कीमत किसानों को दिलाये।"

यह भी पढ़ें- गुजरात : किसानों ने किया बुलेट ट्रेन योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

farmers protest
Maharastra
Maharastra farmers protest
milk farmers
Milk protest

Related Stories

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

कभी सिख गुरुओं के लिए औज़ार बनाने वाला सिकलीगर समाज आज अपराधियों का जीवन जीने को मजबूर है

लखीमपुर खीरी हत्याकांड: आशीष मिश्रा के साथियों की ज़मानत ख़ारिज, मंत्री टेनी के आचरण पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी

युद्ध, खाद्यान्न और औपनिवेशीकरण

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

किसान आंदोलन: मुस्तैदी से करनी होगी अपनी 'जीत' की रक्षा

महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा

किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी एक आशा की किरण है

ख़बरों के आगे पीछे: यूक्रेन में फँसे छात्रों से लेकर, तमिलनाडु में हुए विपक्ष के जमावड़े तक..


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License