NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र उप-चुनाव: पालघर निर्वाचन क्षेत्र में सीपीआई(एम) छिपा रुस्तम है
वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की माँग को लेकर, पालघर निर्वाचन क्षेत्र के हजारों किसान लॉन्ग मार्च में शामिल हुए थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 May 2018
Translated by मुकुंद झा
Kisan Long March

महाराष्ट्र के दो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों - पालघर और भंडारा-गोंडिया में 28 मई के उपचुनाव के लिए एक सप्ताह से भी कम समय रहे गया है | सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए एक कठिन परीक्षा होने वाली है। साथ ही विपक्षी दल पालघर-गोंडिया में बहुजन विकास अघादी (बीवीए), कांग्रेस और सीपीआई (एम) के उम्मीदवारों के साथ भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवारों के साथ चुनाव लड़ रही है | जिसके बाद यह एक बहु-संगठित प्रतियोगिता हो गई है। परन्तु मुख्य मुक़ाबला एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन और बीजेपी के बीच होगा।

बीजेपी द्वारा शासित दो लोकसभा सीटों के लिए उपचुनाव निर्धारित किये गये हैं, क्योंकि पालघर से भाजपा सांसद चिंतमान वांगा का 30 जनवरी को निधन हो गया था। दूसरी तरफ, भंडारा-गोंडिया वर्तमान सांसद नाना पाटिल  ने दिसंबर 2017 को अपना इस्तीफा सौंप दिया और भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को भारत के वितरण आयोग की सिफारिशों के आधार पर राष्ट्रपति अधिसूचना के कार्यान्वयन के एक हिस्से के रूप में 2008 में ही बनाया गया था।

पालघर निर्वाचन क्षेत्र

शिवसेना ने बीजेपी के सांसद चिंतामन वांगा के बेटे श्रीनिवास वांगा को मैदान में उतारा है, जबकि बीजेपी ने पूर्व कांग्रेस मंत्री राजेंद्र गावित को अपने उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। इसके अलावा, बीवीए से बलिरम जाधव, कांग्रेस के दामोदर शिंगदा और सीपीआई (एम) के किरण गहला मैदान में हैं। निर्वाचन क्षेत्र में मुख्य जनजातीय आबादी का दबदबा है जिसमें अनुसूचित जनजातियों के लिए छह विधानसभा खंडों में से चार आरक्षित हैं |बीवीए के पास वसई, नलसोपारा और बोइसर (एसटी) विधानसभा क्षेत्रों में विधायक हैं, जबकि बीजेपी के दो एसटी आरक्षित विधानसभा क्षेत्र दहनू और विक्रमगढ़ सीट पर कब्जा हैं। शिवसेना का पालघर विधानसभा से एक विधायक है|

राज्य में बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन के बावजूद, दो भगवा दल एक-दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं, जो कि दोनों पक्षों के प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा  है। दूसरी तरफ, बीवीए ने अपने तीन मौजूदा विधायकों को सीपीआई (एम) के लिए प्रचार करने का आदेश दिया है, विशेष रूप से वाम पार्टी के नेतृत्व में हालिया संघर्ष - विशेष रूप से पालघर जिले में - इसकी ताकत है। राज्य में सीपीआई (एम) की अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा हाल ही में आयोजित किसान लॉन्ग मार्च में, निर्वाचन क्षेत्र के हजारों जनजातीय किसानों ने भाग लिया था जो मुख्य रूप से वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की माँग कर रहे थे। 2014 और 2009 के चुनावों में सीपीआई (एम) उम्मीदवार क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। सीपीआई (एम), जो जनजातीय किसानों के साथ कई संघर्षों का आयोजन कर रही है, भगवा दलों के बीच संघर्ष के बीच छिपे रुस्तम  के रूप में उभर सकता है। कांग्रेस के लिए, एनसीपी के साथ इसका गठबंधन इसको मज़बूत करता है।

2014 के चुनावों में, बीजेपी के चिंतामन वांगा चुने गए, जिन्होंने 53.72 प्रतिशत वोटों को हासिल किया था। जबकि 2009 के लोकसभा चुनावों में बीवीए के उम्मीदवार बलराम जाधव को पालघर सांसद के रूप में निर्वाचित किया गया था, जिन्होंने 30.4 प्रतिशत वोट हासिल किए थे।

भंडारा-गोंडिया निर्वाचन क्षेत्र

हालांकि 18 उम्मीदवार भंडारा-गोंडिया निर्वाचन क्षेत्र के लिए मैदान में हैं, क्योंकि बीएसपी और शिवसेना ने कोई भी उम्मीदवार नहीं बनाया है, मुख्य चुनाव एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन और बीजेपी के बीच माना जा रहा है। निर्वाचन क्षेत्र में हुए पिछले दो चुनावों में, मुख्य लड़ाई तीन पार्टियों - एनसीपी, बीजेपी और बीएसपी में रही है। एनसीपी के मधुकर कुकेडे को भाजपा के हेमंत पाटले के खिलाफ लड़ा रही है । जबकि बीजेपी पार्टी और सांसद दोनों से नाना पटोले के इस्तीफे के बाद भाजपा को पहले ही झटका लगा है, परन्तु  इसके सहयोगी सेना ने इस निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के लिए भी समर्थन की घोषणा नहीं की है । दूसरी तरफ, बीएसपी, जिसका निर्वाचन क्षेत्र में मजबूत आधार है, उसने एनसीपी उम्मीदवार का समर्थन किया है ।

इस निर्वाचन क्षेत्र के छह विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी के पाँच खंडों में विधायक हैं- अर्जुन-मोरगांव, तिरोरा, सकोली, भंडारा और तुम्सार। गोंडिया विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का एकमात्र विधायक है।

पिछले 2014 के चुनावों में, भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ने वाले नाना पटोले ने सांसद के रूप में निर्वाचित होकर एनसीपी के प्रफुल पटेल को हराया। 2009 के लोकसभा चुनावों में, एनसीपी उम्मीदवार प्रफुल पाटेल ने नाना पटोले के खिलाफ जीता, जो की  स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं ।

Kisan Long March
Maharashtra
CPI(M)
Forest Rights Act
Palghar Constituency

Related Stories

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

महाराष्ट्र : एएसआई ने औरंगज़ेब के मक़बरे को पांच दिन के लिए बंद किया

महाराष्ट्र में गन्ने की बम्पर फसल, बावजूद किसान ने कुप्रबंधन के चलते खुदकुशी की

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर

जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं


बाकी खबरें

  • CORONA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 15 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 278 मरीज़ों की मौत
    23 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 15,102 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 28 लाख 67 हज़ार 31 हो गयी है।
  • cattle
    पीयूष शर्मा
    यूपी चुनाव: छुट्टा पशुओं की बड़ी समस्या, किसानों के साथ-साथ अब भाजपा भी हैरान-परेशान
    23 Feb 2022
    20वीं पशुगणना के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि पूरे प्रदेश में 11.84 लाख छुट्टा गोवंश है, जो सड़कों पर खुला घूम रहा है और यह संख्या पिछली 19वीं पशुगणना से 17.3 प्रतिशत बढ़ी है ।
  • Awadh
    लाल बहादुर सिंह
    अवध: इस बार भाजपा के लिए अच्छे नहीं संकेत
    23 Feb 2022
    दरअसल चौथे-पांचवे चरण का कुरुक्षेत्र अवध अपने विशिष्ट इतिहास और सामाजिक-आर्थिक संरचना के कारण दक्षिणपंथी ताकतों के लिए सबसे उर्वर क्षेत्र रहा है। लेकिन इसकी सामाजिक-राजनीतिक संरचना और समीकरणों में…
  • रश्मि सहगल
    लखनऊ : कौन जीतेगा यूपी का दिल?
    23 Feb 2022
    यूपी चुनाव के चौथे चरण का मतदान जारी है। इस चरण पर सभी की निगाहें हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में हर पार्टी की गहरी हिस्सेदारी है।
  • Aasha workers
    वर्षा सिंह
    आशा कार्यकर्ताओं की मानसिक सेहत का सीधा असर देश की सेहत पर!
    23 Feb 2022
    “....क्या इस सबका असर हमारी दिमागी हालत पर नहीं पड़ेगा? हमसे हमारे घरवाले भी ख़ुश नहीं रहते। हमारे बच्चे तक पूछते हैं कि तुमको मिलता क्या है जो तुम इतनी मेहनत करती हो? सर्दी हो या गर्मी, हमें एक दिन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License