NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में कुलपति के खिलाफ हड़ताल पर अध्यापक और छात्र
अध्यापकों और छात्रों  की माँग  है कि इस केंद्रीय  विश्विद्यालय के कुलपति को तुरंत हटाया जाए। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Jun 2018
teachers strike

बिहार के मोतिहारी में स्थित महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में 29 मार्च से अध्यापक धरने पर बैठे हुए हैं। अध्यापकों और छात्रों  की माँग  है कि इस केंद्रीय  विश्विद्यालय के कुलपति को तुरंत हटाया जाए।  दिलचस्प  बात ये है कि भूख हड़ताल पर बैठे ये अध्यापक विश्वविद्यालय में चल रही परीक्षा में अपनी ज़िम्मेदारियाँ  निभाना भी नहीं छोड़ रहे हैं। इन सभी अध्यापकों को छात्रों का भी पूरा समर्थन है, जैसे-जैसे छात्रों की परीक्षा  ख़तम होती जा रही है वैसे वैसे छात्र भी अध्यापकों का साथ देने धरने  पर बैठ रहे हैं। 

दरअसल इस देश के सबसे नए केंद्रीय विश्वविद्यालय में अध्यापकों और छात्रों ने कुलपति के ज़ुल्मों से परेशान होकर ये निर्णय लिया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया और कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण की नीति लागू नहीं किया जाता, अध्यापकों को लगातार  मानसिक प्रताड़ना दी जाती है, छात्रों की फीस में अत्याधिक वृद्धि की गयी है, उनसे लाइब्रेरी में काम करवाया जाता है और पैसा नहीं दिया जाते, अध्यापकों की नियुक्ति में भाई-भतीजावाद किया गया और किताबों की खरीद में भारी भ्रष्टाचार किया गया है। 

लेकिन अध्यापकों ने कहा कि इस हड़ताल को शुरू करने का तात्कालिक कारण ये था कि उनके साथी अध्यापक बुद्धि प्रकाश जैन ने राजस्थान विश्वविद्यालय में नौकरी के लिए आवेदन भरा  था और इसीलिए उन्होंने विश्विद्यालय से NOC देने  को कहा, लेकिन इसपर कुलपति अरविन्द कुमार अग्रवाल ने उन्हें मेमो भेज दिया और NOC देने  से मना  कर दिया।  इस घटना के बाद अध्यापकों  के सब्र  का बाँध  टूटा और वह 29 मई  से धरने  पर बैठे  हैं।  एक अध्यापक (जिन्होंने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर हमसे बात की )  ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि पिछले साल सितम्बर में भी बिना कारण बताए कुलपति ने दो अध्यापकों को निकाल दिया था। इस कार्यवाही के बाद अध्यापकों ने मिलकर इसका  विरोध किया , जिसके बाद उन्हें वापस  रख  लिया गया।  अध्यापकों और छात्रों दोनों का आरोप है कि  इस घटना  के बाद उन्होंने इस मुद्दे पर  3  RTI दायर की थी लेकिन अब तक ये जवाब नहीं मिला है कि क्यों उन अध्यापकों को हटाया  गया था। न्यूज़क्लिक  से बात करने वाले अध्यापक  ने बताया कि कुलपति अध्यापकों से  भरती के समय की इस्तीफा लिखा  लेते हैं और फिर उनसे अपने काम करते हैं, उनसे  कहा जाता है कि अगर वह  ऐसा नहीं करेंगे तो उन्हें निकाल  दिया जायेगा। 

अध्यापक ने ये भी बताया कि कुलपति कई लोगों को ये कहकर भी अपना  काम करवाते हैं कि  "तुम  पर यौन उत्पीड़न का मामला  दर्ज़  करा दूंगा। " अध्यापक  का ये भी दवा  है कि उनके पास इस तरह की धमकियों की रिकॉर्डिंग है। उन्होंने कुलपति पर किताबों की खरीद पर भारी भ्रष्टाचार का आरोप  लगाया और ये भी कहा  कि अध्यापकों की नियुक्ति में भाई भतीजावाद किया जा रहा है । अध्यापकों ने इस सब के खिलाफ हाल ही में देश  के राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी है। 

ये विश्वविद्यालय  2016  में शुरू हुआ और इसमें करीबन 650 छात्र और 68 अध्यापक हैं। अध्यापकों के आलावा  छात्र भी कुलपति की तानाशाही के शिकार हैं।  न्यूज़क्लिक  से बात करते हुए छात्रों  ने बताया गरीब छात्रों लाइब्रेरी में छात्रों से काम कराया गया  जो कि छात्रों का काम नहीं है।  उनसे  कहा गया कि  इसके लिए पैसे दिए जायेंगे लेकिन महीनों तक 4  से 5 घण्टे काम कराने के बाद भी उन्हें पैसे नहीं दिए गए।  इसके साथ छात्रों  ने आरोप लगाया कि  छात्रों  का बीमा कराने का वादा  किया गया था लेकिन उनसे इसके पैसे लिए जाने के बाद भी अब तक बीमा नहीं कराया  गया। छात्रों के दो सबसे  बड़े मुद्दे हैं फीस  में मनमानी  वृद्धि  और आरक्षण को लागू कराने की माँग । छात्रों  ने बताया कि 2016 -2017 सत्र  में BA  की  फीस थी 4700 रुपये  ,b.com  और B.SC  की  फीस थी 5800 रुपये , लेकिन इस  स्तर में इसे कई गुना बढ़ा  दिया गया । अब BA की  फीस है  8000 रुपये और विज्ञान के विषयों की है 1000  से 12000 रुपये और MBA  और MS W 30000  से 35 000 .  इस अत्याधिक फ़ीस  वृद्धि  से पिछड़े  तबके से आने वाले छात्रों  पर काफी बोझ  पड़ रहा है। 

छात्र  और अध्यापक  माँग  कर रहे हैं कि कुलपति  को हटाया  जाए , कर्मचारियों  की भर्ती और छात्रों के दाखिले में आरक्षण  की नीति लागू की जाए , साउथ बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय की ही तरह  फीस  को संचालित किया जाए , लाइब्रेरी में उनके द्वारा किये गए काम का पैसा मिले , कुलपति  के भ्रष्ट्राचारी  साथियों को हटाया  जाए , EC  के मिनट्स  को सार्वजनिक  किया जाए , 4 सेमिस्टर से नहीं अये परीक्षा नतीजों  को निकला  जाए। 

अध्यापकों  ने कहा है कि उन्होंने इस सब की शिकायत राष्ट्रपति और MHRD दोनों से की है।  जब तब उनकी माँगे  नहीं मांगी जाएँगी  वह हड़ताल जारी रखेंगे  और अगर उनकी बात नहीं सुनी गयी तो फिर वह  कोर्ट के दरवाज़े  भी खटखटाएंगे।

Teachers' Strike
MGCU
Student Protests
motihari
Bihar

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’


बाकी खबरें

  • अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर : रणनीतिक ज़ोजिला टनल के 2024 तक रक्षा मंत्रालय के इस्तेमाल के लिए तैयार होने की संभावना
    30 Mar 2022
    प्रोजेक्ट हैंडलर्स के मुताबिक़, ज़ोजिला टनल सहित पांचों टनल का काम सर्दियों के दौरान तेज़ किया गया है। यह रूट तय समय से एक साल पहले सितंबर 2025 में ही इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाएगा।
  • SC
    भाषा
    उच्चतम न्यायालय में चार अप्रैल से प्रत्यक्ष रूप से होगी सुनवाई
    30 Mar 2022
    शीर्ष अदालत में बुधवार को मामलों पर सुनवाई शुरू होने से पहले प्रधान न्यायाधीश ने यह घोषणा की।
  • Cartoonclick
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: चुनाव ख़तम-खेल शुरू...
    30 Mar 2022
    कहावत है कि ‘खेल ख़तम-पैसा हज़म’, लेकिन राजनीति के संदर्भ में इसे यूं भी कहा जा सकता है कि ‘चुनाव ख़तम-खेल शुरू...’ जी हां, तभी तो पांच राज्यों में चुनाव ख़त्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दामों में आग
  • sabarmati ashram
    तुषार गांधी
    मैंने क्यों साबरमती आश्रम को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है?
    30 Mar 2022
    साबरमती आश्रम महज़ बापू और बा का स्मारक ही नहीं है, बल्कि यह आज़ादी को लेकर किये गए हमारे अनूठे अहिंसक जनांदोलन, यानी सत्याग्रह का भी एक स्मारक है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,233 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    30 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 14 हज़ार 704 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License