NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश है भारतः सर्वे
महिलाओं की सुरक्षा के मामले में भारत से बेहतर देश अफ़गानिस्तान और सीरिया हैं ।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Jun 2018
exploitation

मंगलवार को प्रकाशित थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन के एक सर्वेक्षण के मुताबिक महिलाओं के लिए भारत दुनिया में सबसे असुरक्षित देश है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ इस सर्वेक्षण में युद्धग्रस्त क्षेत्र अफगानिस्तान और सीरिया की तुलना में भारत को महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक बताया गया है। इस सर्वे में अफगानिस्तान और सीरिया क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। सोमालिया की तुलना में भारत को महिलाओं के लिए और भी खतरनाक माना जाता है जो चौथे स्थान पर है जहां साल 1991 से संघर्ष चल रहा है। वहीं यमन आठवें स्थान पर है जो मानवीय संकट से गुज़र रहा है।

महिलाओं के मुद्दों पर कुल 548 वैश्विक विशेषज्ञ, जिनमें से 43 भारत से हैं, से छह क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले जोखिमों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। ये क्षेत्र हैं स्वास्थ्य सेवा, आर्थिक संसाधनों और भेदभाव, परंपरागत प्रथाएं, यौन हिंसा, गैर-यौन हिंसा और मानव तस्करी।

कुल मिलाकर भारत की स्थिति सबसे ख़राब रही खास कर महिलाओं की तस्करी, यौन हिंसा और सांस्कृतिक, धार्मिक और जनजातीय परंपराओं के मामले में।

जब थॉमसन रॉयटर्स की लंदन स्थित एक शाखा ने साल 2011 में इसी तरह का सर्वे किया था तो उस समय भारत चौथे स्थान पर था और पाकिस्तान तीसरे स्थान पर था। इस बार पाकिस्तान छठे स्थान पर है जबकि भारत पहले स्थान पर। इस सर्वे के अनुसार महिलाओं की सुरक्षा के मामले में भारत से बेहतर पाकिस्तान है।

थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन के सीईओ मोनिक विला ने कहा कि "दिल्ली में 2012 में हुए गैंग रेप के बाद भारत में काफी हंगामा हुआ था तो आपने सोचा होगा कि इसमें सुधार हुआ होगा लेकिन नए क़ानून के लागू होने के बावजूद ऐसा होता हुआ नहीं दिखाई देता है और महिलाओं से यौन हिंसा की घटनाओं में वृद्धि की ख़बरें सामने आई है।"

इस सर्वे में महिलाओं के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के मामले में सबसे ख़तरनाक देश के रूप भारत पहले स्थान पर है। महिला के ख़िलाफ़ हिंसा में घरेलू हिंसा, अंजान लोगों द्वारा रेप, यौन उत्पीड़न और रेप के मामलों में न्याय तक पहुंच की कमियां शामिल हैं।

exploitation of women
rape
voilence against women
India

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ


बाकी खबरें

  • Modi
    शंभूनाथ शुक्ल
    प्रधानमंत्री की कानपुर यात्रा: “बुढ़ापा हमका चापर किहिस!”
    01 Jan 2022
    कानपुर रैली में उनके भाषण को देख कर लगा कि जैसे उन्हें कानपुर से चिढ़ हो। शायद इसलिए कि कानपुर शहर का मिज़ाज थोड़ा भिन्न है। कानपुर लम्बे समय तक कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ रहा है।
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे
    01 Jan 2022
    कारपोरेट-फासीवादी आक्रामकता के कैसे ख़ौफ़नाक दौर में हम  फंसे हैं, यह किसान-आंदोलन के स्थगन के 15 दिन के अंदर के घटनाक्रम से ही साफ हो गया है।
  • 2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    सुबोध वर्मा
    2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    01 Jan 2022
    पूरे साल के दौरान, औद्योगिक श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, स्वरोज़गार श्रमिकों, बेरोज़गारों, पुरुष-महिलाओं, युवा-बूढ़ों – यानी कामकाजी लोगों के सभी तबक़ों ने साथ मिलकर अपनी आजीविका पर लगातार हो रहे…
  • Missionaries of Charity's
    कुमुदिनी पति
    मिश्नरीज़ ऑफ चैरिटी के FCRA रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन क्यों ख़ारिज हुआ?
    01 Jan 2022
    मिशनरीज ऑफ चैरिटी क्या है? यह क्या काम करता है कि इसका एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन ख़ारिज किया गया। 
  • calendar of IIT Kharagpur
    सोनिया यादव
    क्या हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार के लिए आईआईटी खड़गपुर का कैलेंडर तैयार किया गया है?
    01 Jan 2022
    कैलेंडर विवाद में जहां संस्थान और इस कैलेंडर को तैयार करने वाले इसमें कुछ भी गलत नहीं होने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई शिक्षाविद् और संस्थान के पूर्व छात्र इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License