NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
मई दिवस का तोहफा : डीयू के 100 से ज़्यादा सफाई कर्मचारी काम से बाहर
दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस साल सुलभ इंटरनेशनल के साथ अपना करार तोडकर ‘नेक्स जेन’ नाम की एक नई कंपनी के साथ करार किया है। परिणामस्वरूप, आज यानी पहली मई से 100 से अधिक संविदा सफाई कर्मचारियों को हटा दिया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 May 2019
du contract safaikaramcharis

प्रधानमंत्री मोदी ने एक ओर स्वच्छ भारत के लिए विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए, वहीं दूसरी और  चुनावों के देखते हुए  कुंभ मेले में सफाई कर्मचारियों के पैर धोने जैसे प्रतीकात्मक और नाटकीय काम भी किए परन्तु वास्तविकता में सफाई कर्मचारियों के जीवन की स्थितियां नहीं बदली हैं। वे आज भी बढ़ते वर्ग और जातिगत शोषण, अनिश्चितता और अपमान की जिंदगी जीने को मज़बूर है। दिल्ली विश्वविद्यालय में सफाई कर्मचारियों  की वर्तमान स्थिति इसी का एक आदर्श उदाहरण है। पहले सुलभ इंटरनेशनल ने उनका दोहन किया अब एक नयी संस्था ने आकर उन्हें नौकरी से ही निकाल दिया है।

दरअसल 2005 के बाद से, सुलभ इंटरनेशनल को डीयू प्रशासन द्वारा सफाई का ठेका दिया गया था। सुलभ इंटरनेशनल 'स्वैच्छिक' संगठन (NGO) होने के बहाने बनाकर अनुबंधित सफाई कर्मचारियों को उचित वेतन, अवकाश और पीएफ और ईएसएफ की सुविधा देने से लगातार इनकार करता रहा। इस साल, डीयू  ने  सुलभ इंटरनेशनल के साथ अपना करार तोडकर, Nex Gen Manpower Services Pvt Ltd. (NGMS)नामक एक नई कंपनी के साथ करार किया है। परिणामस्वरूप, आज यानी पहली मई  से 100 से अधिक संविदा सफाई कर्मचारियों को हटा दिया गया। जिन कर्मचारियों को हटाया गया है उनको इसका नोटिस भी नहीं दिया गया है। 59385139_2179009215518784_8261029720208965632_n.jpg

डीयू के सफाई कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 10-15 सालों से डीयू में काम करते हुए इस विश्वविद्यालय को साफ रखने का काम कर रहे हैं। 2005 से सुलभ इण्टरनेशनल के तहत उन्हें ठेके में काम कराया जा रहा था। इस दौरान उन्हें पीएफ, ईएसआई की सुविधा भी नहीं दी जाती थी। 10-15 सालों से लगातार काम करने के बाद अचानक एक सप्ताह पहले कर्मचारियों को बताया गया कि सुलभ का ठेका खत्म होने के कारण 1 मई से उन्हें काम से हटा दिया जाएगा 

 

कर्मचारियों ने बताया कि नयी कंपनी ‘नेक्स जेन’ जिसको नया ठेका मिला है, हममें से किसी भी पुराने कर्मचारी को काम पर रखने को तैयार नहीं है। वो बाहर से नए लड़कों को लाकर काम कराना चाहती है। 1 मई से हमें काम पर आने से मना कर दिया गया है। 

भारत सरकार ने 1971 में ठेका मज़दूरी उन्मूलन व विनियमन कानून में कहा था कि सभी नियमित किस्म के कामों से ठेका प्रथा को समाप्त कर दिया जायेगा। लेकिन 1971 के बाद से ठेका मज़दूरों की संख्या में दोगुनी-तिगुनी की बढ़ोतरी हुई है। लगभग सभी सरकारों ने इस सवाल पर मज़दूरों को धोखा दिया है। अब तो कोई भी सरकार  ठेका प्रथा के उन्मूलन की बात भी नहीं करती है। बल्कि अब तो आलम यह है निजी नियोक्ता को तो छोड़ दीजिए अब तो लगता है कि सरकार ही ठेके पर चल रही है। 

आज किसी भी सरकारी संस्था को देख लीजिए अब जितने भी नई नियुक्तियां हो रही हैं अधिकतर ठेके पर या आउटसोर्स पर की जा रही हैं। यहाँ तक की उन पदों पर भी ठेके से काम कराया जा रहा है जिनका स्वरूप स्थायी काम का है। भारत के श्रम कानूनों के मुताबिक ये गैर क़ानूनी है परन्तु ये सब हो रहा है। 

यह सिर्फ डीयू में नहीं हो रहा है देश के तमाम संस्थानों की यही हालत है कुछ दिन पहले अभी उत्तराखण्ड गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने 150 सुरक्षा कर्मियों और 30 सफाई कर्मचारियों को हटाने का आदेश जारी किया। इनमें से अधिकतर लोग पिछले 17-18 वर्षों से नौकरी कर रहे थे। 

इसे भी पढ़े ;-गढ़वाल विवि का 180 सुरक्षा कर्मियों और सफाई कर्मियों को हटाने का आदेश, छात्रों ने किया विरोध

कर्मचारी दीपक का कहना है कि  पिछले 10-15 सालों से डीयू में एक परिवार की तरह काम करने के दौरान हमारा इस विश्वविद्यालय से लगाव है। हम यहां के छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों को अपना परिवार मानते हैं। परंतु एक झटके में हमारे भविष्य को अंधकारमय करते हुए हमें विश्वविद्यालय से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में हम आप से अपील करते हैं कि हमारी नौकरी बचाने की लड़ाई में आप हमारा सहयोग और समर्थन करें।  

अपनी मांगों को लेकर छात्रों और कर्मचारियों ने कल, 30 अप्रैल को रजिस्टर ऑफिस में ज्ञापन सौंपा था परन्तु कोई हल न निकलने के बाद आज अपने संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने 1 मई मजदूर दिवस पर आर्ट फैकल्टी गेट पर धरना दिया। 

कर्मचारियों की मांग

1. डीयू के सभी निकाले गए सफाई कर्मचारियों को वापस लो।

2. स्थायी काम के लिए स्थायी नौकरी दो।

3. हमारा चोरी किया गया पीएफ, ईएसआई का हमें भुगतान करो।

 

 

Delhi University
CONTRACT SAFAIKARAMCHARIS
workers protest
Contract Workers

Related Stories

सीवर कर्मचारियों के जीवन में सुधार के लिए ज़रूरी है ठेकेदारी प्रथा का ख़ात्मा

दिल्ली: सीटू के नेतृत्व वाली आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन ने आप सरकार पर बातचीत के लिए दबाव बनाया

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

एक बड़े आंदोलन की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशा बहनें, लखनऊ में हुआ हजारों का जुटान

दिल्ली: ऐक्टू ने किया निर्माण मज़दूरों के सवालों पर प्रदर्शन

मज़दूर हड़ताल : "कृषि कानूनों की तरह ही लेबर कोड की भी होगी वापसी"

वेतन के बग़ैर मिल्टन साइकिल के कर्मचारी सड़क पर

पूंजीवाद के दौर में क्यों ज़रूरी है किसान-मज़दूरों का गठबंधन

दिल्ली :राजकुमारी अमृत कौर कॉलेज ऑफ नर्सिंग के कर्मचारियों की जीत; तीन महीने के संघर्ष के बाद काम पर वापस बुलाए गए सभी कर्मचारी

हिमाचल प्रदेश का मज़दूर आंदोलन शहादत की अनोखी मिसाल है


बाकी खबरें

  • MSME policy
    बी. सिवरामन
    एमएसएमई नीति के नए मसौदे में कुछ भी नया या महत्वपूर्ण नहीं!
    25 Feb 2022
    एमएसएमई मंत्रालय द्वारा MSMEs के लिए लाई गई राष्ट्रीय नीति का मसौदा कितना महत्वपूर्ण?
  • Russia Ukraine update
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: यूक्रेन के कुछ शहरों पर रूस का कब्जा, यूरोप ने प्रतिबंध बढ़ाए
    25 Feb 2022
    कीव/पेरिस: यूक्रेन की राजधानी कीव में शुक्रवार को एक रॉकेट एक बहुमंजिला अपार्टमेंट से जा टकराया, जिससे इमारत आग लग गई और कम से कम तीन लोग घायल हो गए। कीव के मेयर विटाली क्लिच्स्को
  • Modi
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः पूर्वांचल के सियासी चक्रव्यूह में फंसी भाजपा को सिर्फ "मोदी मैजिक" का भरोसा
    25 Feb 2022
    पूर्वांचल की ऐतिहासिक धरती पर भाजपा की राह पहले की तरह आसान नहीं रह गई है। सिर्फ बनारस ही नहीं, पूर्वांचल की सभी 130 सीटों पर इस पार्टी के प्रत्याशियों को सिर्फ "मोदी मैजिक"  पर भरोसा है। अंतिम दो…
  • Rajasthan Budget 2022-23
    रिचा चिंतन
    राजस्थान ने किया शहरी रोज़गार गारंटी योजना का ऐलान- क्या केंद्र सुन रहा है?
    25 Feb 2022
    कोविड-19 के तकलीफ़ भरे वक़्त में राजस्थान सरकार ने 2022-23 के बजट में शहरी इलाकों में परिवारों को 100 दिन के रोज़गार की गारंटी दी है। लेकिन केंद्र सरकार ने इस तरह की योजना की मांग पर कोई ध्यान नहीं…
  • mob lynching
    मो. इमरान खान
    बिहार: बीफ खाने के नाम पर खलील की हत्या, परिवार का आरोप; उच्च-स्तरीय जांच की मांग
    25 Feb 2022
    पुलिस को खलील का शव बरामद होने के एक दिन बाद, सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप में कथित तौर पर दिखाया गया कि अभियुक्तों द्वारा उसे कथित तौर पर बीफ खाने के नाम पर धमकाया गया, गाली-गलौज की गई और मारा-…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License