NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
मिर्ज़ापुर डीएम के खिलाफ लामबंद हुए पत्रकार, वाराणसी में निकाला मौन जुलूस
पत्रकार पवन जयसवाल पर मुकदमे के विरोध में प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने कहा कि मिर्ज़ापुर के डीएम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सच लिखने वाले पत्रकारों की जगह समाज में नहीं बल्कि जेल में होगी। ऐसे डीएम को एक दिन भी अपने पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Sep 2019
protest

मिर्ज़ापुर के एक प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे-मील के तहत नमक रोटी परोसे जाने का मामला उजागर करने वाले पत्रकार पर एफआईआर दर्ज होने के विरोध में आज, सोमवार, 16 सितंबर को 'पत्रकार प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश' के बैनर तले सैकड़ों पत्रकारों ने वाराणसी के सारनाथ में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पत्रकारों ने काली पट्टी बांधकर मौन जुलूस भी निकाला।

प्रदर्शन में शामिल पत्रकारों ने मांग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तत्काल प्रभाव से मिर्ज़ापुर के जिलाधिकारी अनुराग पटेल को निलंबित कर, पत्रकार पवन जयसवाल के खिलाफ दर्ज हुए झूठे मुकदमे को वापस लें।

IMG-20190916-WA0008.jpg

पत्रकारों का कहना है कि ज़िलाधिकारी अनुराग पटेल ने स्वयं योजनाओं को कलंकित करने का कार्य किया है। जिससे पत्रकारों के साथ समाज भी सदमे में है।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए 'पत्रकार प्रेस क्लब' के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम पाठक ने कहा कि उनका प्रदर्शन पत्रकार पवन जयसवाल के ख़िलाफ़ दर्ज की गई फर्जी एफआईआर के खिलाफ है। ये प्रेस की आवाज़ दबाने की कोशिश है।

घनश्याम पाठक ने आगे कहा, मिर्ज़ापुर के जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने पत्रकार पवन जायसवाल के साथ जो कृत्य किया है उससे सभी पत्रकारों को इमरजेंसी की याद आने लगी। प्रदेश के साथ-साथ देश भर में मिर्ज़ापुर के डीएम की थू-थू हुई, उसके बावजूद भी प्रदेश सरकार ने उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा।

प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने कहा कि मिर्ज़ापुर के डीएम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सच लिखने वाले पत्रकारों की जगह समाज में नहीं बल्कि जेल में होगी। ऐसे डीएम को एक दिन भी अपने पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
बता दें कि विरोध प्रदर्शन के बाद पत्रकारों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व डीजीपी को ट्वीट कर ज़िलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

IMG-20190916-WA0009.jpg

गौरतलब है कि 22 अगस्त को मिर्ज़ापुर स्थित एक प्राइमरी स्कूल के बच्चों को नमक के साथ रोटी खिलाने का मामला सामने आया था। जिसके तहत पुलिस ने आईपीसी की धारा186, 193, 120B, 420 के तहत स्थानीय पत्रकार पवन जायसवाल और गांव के राजकुमार पाल पर साज़िश करने, गलत साक्ष्य बनाकर वीडियो वायरल करने और छवि खराब करने को लेकर मामला दर्ज किया है।

ज़ाहिर है पत्रकार पर मुकदमे का ये मामला गंभीर है। भले ही प्रशासन के अपने तर्क हो लेकिन आज पत्रकारों पर बढ़ते हमले और दबाव की खबरें भी किसी से छिपी नहीं हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या सरकार और प्रशासन की खामिया उजागर करना अपराध  है?

इसे भी पढ़ें :मिर्ज़ापुर : क्या प्रशासन पत्रकार पर मुकदमा दर्ज कर अपनी नाकामी छिपा रहा है?

mirzapur
Journalist Pawan Jaiswal
UttarPradesh
yogi sarkar
mid day meal
banaras
freedom of expression
Media

Related Stories

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

यूपीः योगी सरकार पर अभ्यर्थियों ने लगाया शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले का आरोप

यूपी: 69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले में युवाओं पर लाठीचार्ज, लेकिन घोटाले की जवाबदेही किसकी?

बंधुआ हालत में मिड डे मील योजना में कार्य करने वाली महिलाएं, अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में भरी हुंकार

यूपी के चंदौली में 50 दिन से धरने पर बैठा है एक पत्रकार, लेकिन कोई सुनवाई नहीं


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!
    27 Mar 2022
    पुनर्प्रकाशन : यही तो दिन थे, जब दो बरस पहले 2020 में पूरे देश पर अनियोजित लॉकडाउन थोप दिया गया था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं लॉकडाउन की कहानी कहती कवि-पत्रकार मुकुल सरल की कविता- ‘लॉकडाउन—2020’।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!
    27 Mar 2022
    ये एक सौ तीस-चालीस दिन बहुत ही बेचैनी में गुजरे। पहले तो अच्छा लगा कि पेट्रोल डीज़ल की कीमत बढ़ नहीं रही हैं। पर फिर हुई बेचैनी शुरू। लगा जैसे कि हम अनाथ ही हो गये हैं। जैसे कि देश में सरकार ही नहीं…
  • सुबोध वर्मा
    28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?
    27 Mar 2022
    मज़दूर और किसान आर्थिक संकट से राहत के साथ-साथ मोदी सरकार की आर्थिक नीति में संपूर्ण बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।
  • अजय कुमार
    महंगाई मार गई...: चावल, आटा, दाल, सरसों के तेल से लेकर सर्फ़ साबुन सब महंगा
    27 Mar 2022
    सरकारी महंगाई के आंकड़ों के साथ किराना दुकान के महंगाई आकड़ें देखिये तो पता चलेगा कि महंगाई की मार से आम जनता कितनी बेहाल होगी ?
  • जॉन पी. रुएहल
    क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?
    27 Mar 2022
    अपने सैन्य गठबंधन, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के जरिये संभावित हस्तक्षेप से रूस को एक राजनयिक जीत प्राप्त हो सकती है और अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास एक स्वीकार्य मार्ग प्रशस्त…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License