NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मिर्ज़ापुर : पत्रकारों का प्रशासन से सवाल, क्या सच को उजागर करना गुनाह है?
मिडडे मील से जुड़ी खबर करने वाले पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर मिर्जापुर में मंगलवार को पत्रकार संघ ने प्रदर्शन किया। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Sep 2019
mirzapur

उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर में पत्रकार और प्रशासन आमने-सामने हैं। जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में मिडडे मील के तौर पर नमक-रोटी परोसने का वीडियो वायरल होने के बाद जिस तरह पत्रकार पवन जायसवाल और अन्य पर प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है, उसके विरोध में मंगलवार यानी 3 सितंबर को पत्रकार संघ ने जिला मंडलायुक्त के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों का कहना है कि हमारा जिला प्रशासन से एक ही सवाल है कि क्या सच को उजागर करना गुनाह है? अगर इस तरह पत्रकारों की आवाज दबाई गई, तो हम पत्रकारिता कैसे करेंगे?

न्यूज़क्लिक से बातचीत में पत्रकार अमृत ने बताया कि वे लोग पवन जायसवाल पर मुकदमे के संबंध में कमिश्नर को ज्ञापन सौंपने के लिए पहले से समय मांग कर आए थे, लेकिन कार्यालय पर कमिश्नर साहब मौजूद नहीं थे। जिसके चलते उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।

एक और पत्रकार सौरभ ने बताया कि प्रशासन कैसे बच्चों को उस दिन रोटी-सब्जी देने की बात कर रहा है। जबकि उस दिन मैन्यू में ही रोटी-दाल थी। ये अपनी नाकामी छिपाने के लिए, इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। एक पत्रकार पर एक खबर करने के लिए इतनी संगीन धाराएं लगाना समझ के परे है।
Capture 2.PNG
इस संबंध में पवन जायसवाल ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा इस खबर के पीछे उनकी मंशा केवल सच को सामने लाने की थी। वे किसी प्रायोजित साजिश को अंजाम देने नहीं गए थे, केवल अपना काम कर रहे थे। अब मामला हाई-प्रोफाइल होने के बाद प्रशासन उन पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई कर रहा है।

उधर, कानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान इस संबंध में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार किसी के खिलाफ द्वेषपूर्ण व्यावहार नहीं करती है। यदि सरकार को बदनाम करने का कोई प्रयास करेगा तो वो उचित नहीं है। यदि कोई निर्दोष होगा तो सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी।

गौरतलब है कि सोमवार 2 सितंबर को स्थानीय पत्रकार के खिलाफ एफआईआर की खबर के तूल पकड़ते ही हर जगह मिर्जापुर प्रशासन की आलोचना होने लगी। इस संबंध में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कड़ी निंदा की, साथ ही इस कार्रवाई को पत्रकारों के खिलाफ उठाया गया क्रूर कदम बताया।

बता दें कि 22 अगस्त को मिर्जापुर स्थित एक प्राइमरी स्कूल के बच्चों को नमक के साथ रोटी खिलाने का मामला सामने आया था। जिसके तहत पुलिस ने आईपीसी की धारा 186, 193, 120B, 420 के तहत स्थानीय पत्रकार पवन जायसवाल और गांव के राजकुमार पाल पर साजिश करने, गलत साक्ष्य बनाकर वीडियो वायरल करने और छवि खराब करने को लेकर मामला दर्ज किया है।

जाहिर है पत्रकार पर मुकदमे का ये मामला गंभीर है। भले ही प्रशासन के अपने तर्क हो लेकिन आज पत्रकारों पर बढ़ते हमले और दबाव की खबरें भी किसी से छिपी नहीं हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या सरकार और प्रशासन की खामिया उजागर करना, अपराध करना है?

इसे भी पढ़ें : मिर्ज़ापुर : क्या प्रशासन पत्रकार पर मुकदमा दर्ज कर अपनी नाकामी छिपा रहा है?

mirzapur
UttarPradesh
mid day meal
Journalist Pawan Jaiswal

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कोर्ट कमिश्नर बदलने के मामले में मंगलवार को फ़ैसला

ज्ञानवापी विवाद में नया मोड़, वादी राखी सिंह वापस लेने जा रही हैं केस, जानिए क्यों?  


बाकी खबरें

  • bihar school
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की मांग में भाकपा-माले विधायकों का प्रदर्शन
    08 Mar 2022
    “2.75 लाख शिक्षक के पद नीचले स्तर पर खाली हैं और कॉलेज लेवल पर अभी भी करीब 70 प्रतिशत शिक्षक के पद खाली हैं। पढ़ने-लिखने वाले गरीब के बच्चे शिक्षा महंगी होने के चलते वे इससे दूर हो रहे हैं।"
  • एम. के. भद्रकुमार
    रूस ने अपने ऊपर लगाए गए प्रतिबंधों पर जवाबी कार्रवाई की
    08 Mar 2022
    ईरान के साथ परमाणु समझौते और मॉस्को-तेहरान के द्विपक्षीय संबंधों के बारे में रूस अमेरिका से “बेहद साफ़ शब्दों” में जवाब चाहता है।
  • womens day
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी एक आशा की किरण है
    08 Mar 2022
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 भारतीय महिलाओं के लिए मजबूत प्रासंगिकता के साथ राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं की एक श्रृंखला के बीच आता है। महिलाएं अपने अधिकारों को लागू करने और सार्वजनिक मंचों पर अपनी…
  • EXITPOLL
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    EXIT POLL: बिग मीडिया से उलट तस्वीर दिखा रहे हैं स्मॉल मीडिया-सोशल मीडिया
    08 Mar 2022
    पिछले डेढ़-दो महीने से जारी चुनाव खत्म हो चुके हैं अब नतीजों का इंतज़ार है, हालांकि उससे पहले जारी एग्ज़िट पोल में भाजपा की सरकार दिखाई जा रही है।
  • Ukrainian
    मोहम्मद शबीर
    यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने युवा कम्युनिस्ट नेताओं को गिरफ्तार किया 
    08 Mar 2022
    वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डेमोक्रेटिक यूथ और अन्य प्रगतिशील संगठनों ने यूक्रेन के लेनिनवादी कम्युनिस्ट यूथ यूनियन के नेताओं अलेक्सांद्र कोनोनोविच और मिखाइल कोनोनोविच की गिरफ्तारी की निंदा की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License