NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मज़ाक उड़ाओ, डिसलेक्सिक का भी मजाक उड़ाओ, देश का हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाओ!
मोदी जी सिर्फ अपना नहीं पूरे देश का हैप्पीनेस इंडेक्स बढा़ना चाहते हैं। पिछले चार साल से मोदी जी स्वयं खुश ही रहते हैं। सारा देश भले ही जिस भी हाल में रहे, मोदी जी की खुशी में कभी कमी नहीं आती है...।
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
10 Mar 2019
narendra modi laughing
सांकेतिक तस्वीर। साभार : गूगल

प्रधानमंत्री जी अभी हाल में ही आईआईटी खड़गपुर में ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ नामक एक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं से बात कर रहे थे। एक छात्रा जो देहरादून की यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी साइंस से थी, ने अपने एक एप के बारे में मोदी जी को बताया। उसने कहा "मैंने डिसलेक्सिक बच्चों के लिए एप बनाया है। डिसलेक्सिक बच्चे वे बच्चे होते हैं जिनकी लर्निंग और (या) राइटिंग फेज बहुत ज्यादा स्लो होता है पर उनकी इंटेलिजेंस और क्रिएटिविटी काफी अच्छी होती है।" इसके बाद वह छात्रा ‘तारे ज़मीं पर’ फिल्म का उदाहरण देती है।

यहीं पर प्रधानमंत्री जी उसे रोक कर, उसके प्रोजेक्ट के बारे में आगे सुनने की बजाय, यह पूछने लगते हैं कि क्या चालीस पचास साल के बच्चे को भी ये योजना काम आयेगी। छात्रा के सकारात्मक जवाब देने के बाद प्रधानमंत्री का कहना होता है कि फिर तो ऐसे बच्चों की मां बहुत खुश हो जायेगी। सभी हंसने लगते हैं। चारों ओर हंसी खुशी का माहौल छा जाता है। लोगों का अनुमान है कि मोदी जी राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी का मज़ाक उड़ा रहे थे।

tirchi najar after change new_2.png

प्रधानमंत्री जी को पता है कि हमारा देश हैप्पीनेस इंडेक्स में बहुत सारे देशों से पीछे है। यहां तक कि पाकिस्तान से भी पीछे है। भले ही हमारी सेना ने हाल में ही बालाकोट में सर्जिकल सट्राईक कर पाकिस्तान को नीचा और मोदी जी को ऊंचा दिखा दिया हो। भले ही मोदी जी बात बे बात खिलखिलाते रहते हों, पर हैप्पीनेस इंडेक्स में हम पाकिस्तान से पीछे ही हैं। ये सो काल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में पाकिस्तान पिचहत्तर वें (75) पर और हम एक सौ तैंतीसवें (133) पर। बड़ी नाइंसाफी है...। आज का गब्बर इसे दूर करेगा। सबको हंसायेगा, बेबात हंसायेगा, विकलांगों पर हंसायेगा, डिसलेक्सिया पर हंसायेगा। देश का हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ायेगा।

वैसे तो मोदी जी विकलांगों को दिव्यांग की प्रतिष्ठा दे उनके प्रति अपना कर्तव्य पहले ही पूरा कर चुके हैं। अब इस संबंध में इससे अधिक बोझ मोदी जी पर नहीं डालना चाहिए। अब वे खुल कर उनका मजाक उडा़ सकते हैं। मेरी कमी रही है कि मैं स्वयं कभी भी किसी भी विकलांग को दिव्यांग नहीं कह पाया। मैं कभी भी किसी जानकार या अनजान विकलांग से यह पूछने का साहस नहीं कर पाया कि उसकी आंख, हाथ या पैर इस दिव्यता को किस प्रकार प्राप्त हुई। मोदी जी साहसी हैं, मज़ाकिया हैं, इसलिए यह पूछ सकते हैं। मोदी जी किसी की दिव्यांगता पर हंस भी सकते हैं और हंसा भी सकते हैं।

अब यह मानना तो बेमानी ही होगा कि यह सब अचानक ही, अनायास ही हो गया। कोई और होता तो बात अलग थी पर मोदी जी की तो सारी की सारी चीजें प्लानिंग से होती हैं। हर मीटिंग के बारे में मोदी जी को पहले से ही सब कुछ ब्रीफ कर दिया जाता है। मोदी जी को तो उन मीटिंग्स के बारे में भी, जिनमें उन्हें अपने ही कार्यकर्ताओं को संबोधित करना होता है, मोदी जी को पता होता है कि उनसे क्या पूछा जायेगा। नहीं तो कोर्स से बाहर बात होने पर मोदी जी ‘वणक्कम’ कह आगे बढ़ जाते हैं। आईआईटी खड़गपुर में मोदी जी को पहले से ही पता था कि डिसलेक्सिया पर बात होगी और उन्होंने मजाक उड़ाया। अकेले ही नहीं उड़ाया, छात्र छात्राओं को भी (मजाक उड़ाने में) मिलाया।

मोदी जी सिर्फ अपना नहीं पूरे देश का हैप्पीनेस इंडेक्स बढा़ना चाहते हैं। पिछले चार साल से मोदी जी स्वयं खुश ही रहते हैं। सारा देश भले ही जिस भी हाल में रहे, मोदी जी की खुशी में कभी कमी नहीं आती है। उनकी खुशी न तो नोटबंदी के दौरान कम हुई और न ही पठानकोट या पुलवामा अटैक के बाद। मोदी जी का हैप्पीनेस इंडेक्स तो एक है (फिनलैंड के बराबर) और कम से कम पिछले चार साल से एक ही रह रहा है। वह तो देश का हैप्पीनेस इंडेक्स ही इतना पिछड़ा हुआ है। देश का हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाने के लिए जरूरी है कि सभी हंसें। वृद्ध भी हंसें और युवा भी हंसें। बेबात हंसें और बेबाक हंसें। मोदी जी ने इसीलिए युवाओं को भी हंसाया। चुनावी सभाओं में तो हंसाते ही रहते हैं, एकेडमिक सभाओं में भी हंसाया, वीडियो कांफ्रेंस में भी हंसाया। पढे़ लिखे टैक्नोक्रैट युवाओ को भी हंसाया। डिसलैक्सिया पर भी हंसाया। उन्हें संवेदनहीन बनाया। क्योंकि मोदी जी जानते हैं कि यह संवेदनहीनता ही उनकी जड़ें मजबूत करेगी।

मोदी उवाच : मज़ाक उड़ाओ, सबका मज़ाक उड़ाओ। विरोधियों का भी मज़ाक उडाओ। विकलांगों....नहीं...नहीं दिव्यांगों का मज़ाक उड़ाओ। डिसलेक्सिक बच्चों का मज़ाक उड़ाओ। मेरी तरह से खिलखिलाओ और देश का हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाओ।

(लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)

Satire
Political satire
tirchi nazar
Narendra modi
Dyslexia
Smart India Hackathon
World happiness index

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • corona
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के मामलों में क़रीब 25 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई
    04 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,205 नए मामले सामने आए हैं। जबकि कल 3 मई को कुल 2,568 मामले सामने आए थे।
  • mp
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर
    04 May 2022
    माकपा और कांग्रेस ने इस घटना पर शोक और रोष जाहिर किया है। माकपा ने कहा है कि बजरंग दल के इस आतंक और हत्यारी मुहिम के खिलाफ आदिवासी समुदाय एकजुट होकर विरोध कर रहा है, मगर इसके बाद भी पुलिस मुख्य…
  • hasdev arnay
    सत्यम श्रीवास्तव
    कोर्पोरेट्स द्वारा अपहृत लोकतन्त्र में उम्मीद की किरण बनीं हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं
    04 May 2022
    हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं, लोहिया के शब्दों में ‘निराशा के अंतिम कर्तव्य’ निभा रही हैं। इन्हें ज़रूरत है देशव्यापी समर्थन की और उन तमाम नागरिकों के साथ की जिनका भरोसा अभी भी संविधान और उसमें लिखी…
  • CPI(M) expresses concern over Jodhpur incident, demands strict action from Gehlot government
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग
    04 May 2022
    माकपा के राज्य सचिव अमराराम ने इसे भाजपा-आरएसएस द्वारा साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अनायास नहीं होती बल्कि इनके पीछे धार्मिक कट्टरपंथी क्षुद्र शरारती तत्वों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल
    04 May 2022
    भारत का विवेक उतना ही स्पष्ट है जितना कि रूस की निंदा करने के प्रति जर्मनी का उत्साह।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License