NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
फिल्में
भारत
राजनीति
ममूटी के प्रशंसकों को पार्वती पर गुस्सा क्यों आया?
मलयालम मुख्यधारा की फिल्मों में महिला विरोधी रुझान को इंगित करने के लिए अभिनेता ममूटी के प्रशंसकों ने अभिनेत्री पार्वती टीIकेI के खिलाफ हिंसक टिप्पणियां क्यों कीI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Dec 2017
Translated by महेश कुमार
malayali actress

पिछले हफ्ते, मलयालम अभिनेता ममूटी के प्रशंसकों/अनुयायियों ने पुरस्कार विजेता कलाकार पार्वती टी.के. के खिलाफ अश्लील और हिंसक टिप्पणियाँ करने में व्यस्त रहे, उनका कसूर इतना था कि उन्होंने मलयालम मुख्यधारा की फिल्मों में गलत रुझान की तरफ इशारा किया थाI

हाल ही में केरल के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आई.एफ.एफ.के.) में ओपन फोरम में बात करते हुए, पार्वती ने फिल्म 'कसाबा' में एक अग्रणी अभिनेता द्वारा की गई महिला के प्रति अपमानजनक संवाद पर निराशा व्यक्त की थीI

हालांकि, हाल ही में आई.एफ.एफ.के. में सर्वश्रेष्ठ महिला अभिनेता का पुरस्कार पाने वाली अभिनेता ने फिल्म बिरादरी के प्रति सम्मान के साथ अपनी टिप्पणी में फिल्म 'कसाबा' का इस्तेमाल उदाहरण तौर पार्ट किया, लेकिन प्रशंसक इस आलोचना को स्वीकार करने में पर्याप्त सहनशीलता नहीं दिखा पाएI

केरल के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में पार्वती ने कहा कि “कसाबा ऐसी फिल्म थी जिसे उसने दुर्भाग्यवश देखा”…मैं निश्चित रूप से एक इतने उत्कृष्ट अभिनेता को देख निराश हो गयी, उन्होंने फिल्म में कुछ ऐसे संवादों का सहारा लिया जो न केवल महिलाओं के प्रति अपमानजनक थे फिल्म के दृश्य में महिला के लिए दुखद भी था"I जैसा-जैसे चर्चा में प्रगति हुई, पार्वती ने यह भी कहा कि "मुझे नहीं लगता कि कोई भी कसाबा के बयान को सीमित कर सकता है"I

उनकी टिप्पणियों के बाद, अनुभवी सुपरस्टार ममूटी के प्रशंसकों ने उन्हें विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के ज़रिए अपमानजनक और गलत टिप्पणियों के साथ तकलीफ पहुँचाईI उन्हें अन्य धमकियों के साथ बलात्कार और एसिड हमले की धमकी भी दी गयीI उनके चरित्र हनन करने के लिए ममूटी के प्रशंसकों और उनके सोशल मीडिया योद्धाओं ने उन्हें "हलकी नारीवादी" भी कहाI

इस सब के बारे में बात करते हुए, सिनेमा कलेक्टिव (डब्ल्यू.सी.सी.) की सदस्य बीना पॉल ने न्यूज़क्लिक को कहा: "पार्वती ने किसी भी अभिनेता का नाम लिए बिना किसी व्यापक संदर्भ में फिल्मों में महिला विरोधी मिथक/रुझान को बताया I लेकिन मामूटी प्रशंसकों ने टिप्पणियों को ममूटी के विरुद्ध मान लिया”I

साइबर दादागिरी के पैरोकारों ने डब्लू.सी.सी. के अन्य सदस्यों पर भी दुर्भावनापूर्ण हमले किये, जिनमें मुख्यतः मलयालम फिल्म उद्योग की अग्रणी रीमा कालिंगल, और समीक्षकों द्वारा जाने-माने निर्देशक और अभिनेता गीता मोहनदास शामिल थीI जिन्होंने पार्वती के तर्कों का समर्थन किया थाI

हमलों की वर्तमान कड़ी कोई अलग-थलग घटना नहीं है "जब हम उद्योग में ग़ैर-उदारवादी रुझानों के बारे में आवाज़ उठाते थे तब से, डब्ल्यू.सी.सी. इस तरह के हमलों का सामना कर रही है", डब्ल्यू.सी.सी. पर हमले पर बीना ने कहा कि मलयालम फिल्म उद्योग में काम कर रही महिलाओं का यह पेशेवरों का संगठन हैI

"कुछ लोगों की गलत धारणा है कि डब्ल्यू.सी.सी. एक ऐसा संगठन है जो फिल्म उद्योग के खिलाफ विद्रोह करता हैI लेकिन डब्ल्यू.सी.सी. उद्योग में बेहतर वातावरण के लिए काम कर रहा है", बीना पॉल ने पार्वती को समर्थन इसका विस्तार बतायाI

इस विवाद के बाद, पार्वती ने पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा के पास शिकायत दर्ज कराईI शिकायत में, उसने उन लोगों के बारे में विवरण प्रस्तुत किया, जिन्होंने भद्दी टिप्पणियाँ पोस्ट कीं थीI इस विशेष शिकायत के कारण अब तक एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया हैI

इस बीच, राज्य वित्त मंत्री टी.एम. थॉमस आईजैक सहित विभिन्न वर्गों से लोगों ने पार्वती को अपना समर्थन दियाI

ऑनलाइन हमलों की निंदा करते हुए, थॉमस आईजैक ने फेसबुक पर आई.एफ.एफ.के. में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतकर केरल को गौरान्वित करने वाली पार्वती की प्रशंसा कीI

"वह (पारवती) वर्तमान में एक भयंकर साइबर हमले का सामना कर रही हैंI और यह फिल्म में कुछ विरोधी महिलाओं सामग्री के दुरुपयोग के नाम पर किया जा रहा हैI महिलाओं के खिलाफ इस तरह का हिंसक व्यव्हार बेहद दुखद हैI "उन्होंने कहाI

उन्होंने यह भी कहा, कि  "अब यह स्पष्ट हो गया है कि फिल्म उद्योग में महिलाओं द्वारा अपने अधिकारों के समर्थन के लिए एक मंच बनाने का फैसला राज्य में कई लोगों बर्दाश्त नहीं हुआI"

साइबरस्पेस पर महिलाओं के हमलों पर एक नोट लेते हुए, मंत्री ने कहा कि यह एक अलग घटना नहीं है और साइबर प्लेटफॉर्मों पर महिलाओं की आवाज़ को रौंदने के लिए यह आम बात हो गई हैI

Mammotty
Malayalam actress
trolled

Related Stories


बाकी खबरें

  • otting massacre
    अजय सिंह
    2021: हिंसक घटनाओं को राजसत्ता का समर्थन
    31 Dec 2021
    दिखायी दे रहा है कि लिंचिंग और जेनोसाइड को सामाजिक-राजनीतिक वैधता दिलाने की कोशिश की जा रही है। इसमें भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत लग रही है। वर्ष 2021 को इसलिए भी याद किया जायेगा।
  • dharm sansad
    स्मृति कोप्पिकर
    तबाही का साल 2021: भारत के हिस्से में निराशा, मगर लड़ाई तब भी जारी रहनी चाहिए
    31 Dec 2021
    साम्प्रदायिक विद्वेष और दलित विरोधी हिंसा के चलते हमारी स्थिति पहले भी बहुत ख़राब थी, लेकिन मौजूदा स्थिति कहीं ज़्यादा ख़राब है। नफ़रत 2021 की हमारी नयी पहचान बन गयी और भारत सरकते हुए बहुत नीचे चला…
  • BAJRANG DAL
    रवि शंकर दुबे
    बजरंग दल को नए साल के जश्न से भी परेशानी, काशी की गलियों में नोटिस लगाकर दी धमकी
    31 Dec 2021
    विश्व हिंदू परिषद हर दिन नई धमकियाँ दे रहा है। इस बार विहिप ने धमकी दी है कि अगर नए साल का जश्न मनाया गया तो ठीक नहीं होगा, साथ ही इस दल ने पब और होटल पर संगीन आरोप मढ़ दिए हैं।
  • dharm sansad
    सत्यम श्रीवास्तव
    असल सवाल इन धर्म संसदों के औचित्य का है
    31 Dec 2021
    सवाल हरिद्वार या रायपुर में एक या अनेक लेकिन एक जैसे कथित संतों द्वारा बदतमीज़ी और उकसाने वाले बयानों का नहीं है बल्कि असल सवाल इन कथित धर्म सांसदों के आयोजनों के औचित्य का है।
  • protest
    रौनक छाबड़ा
    हरियाणा: यूनियन का कहना है- नाकाफी है खट्टर की ‘सौगात’, जारी रहेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल
    31 Dec 2021
    8 दिसंबर से जारी हड़ताल की कार्रवाई के चलते राज्य भर के सभी 22 जिलों में लगभग 26,000 आंगनबाड़ी केंद्रों में कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License