NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
मन की असली बात : फ़ौजी भाइयों के साथ
“वीर जवानों, मेरे से पहले आज तक किसी ने भी आप को वह स्थान नहीं दिया जो मैं आप लोगों को देता हूँ। जब भी कोई मेरे या मेरी सरकार के खिलाफ कुछ भी बोलता है, तो मेरे समर्थक उसका मुंह बंद करने के लिए आप जवान लोगों की शहादत का उपयोग करते हैं।”
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
24 Mar 2019
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy : NDTV.com

(डिसक्लेमर : इस संबोधन / आलेख का माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ से कोई संबंध नहीं हैं। अगर आपको ऐसा लगे तो इसे महज़ संयोग मात्र समझें : लेखक)

मेरे प्यारे जवान भाइयों, मैं आज आपसे अपने मन की असली बात करना चाहता हूं। मेरे प्यारे जवान भाइयों, मैं बचपन से ही फौज में भर्ती हो कर, भारत माता की सेवा करना चाहता था। अगर मैं चाय न बेचता तो आज फौज में भर्ती हो कर, आप लोगों के बीच रहकर भारत माता की सेवा कर रहा होता।

वीर जवानों, मेरे से पहले आज तक किसी ने भी आप को वह स्थान नहीं दिया जो मैं आप लोगों को देता हूँ। क्या आज से पहले कभी किसी ने भी अपने विरोधियों का मुंह बंद करने के लिए आप जवानों का ‘सदुपयोग’ किया है। जब भी कोई मेरे या मेरी सरकार के खिलाफ कुछ भी बोलता है, तो मेरे समर्थक उसका मुंह बंद करने के लिए आप जवान लोगों की शहादत का उपयोग करते हैं "वहां जवान लोग शहादत दे रहे हैं, सियाचिन में ड्यूटी कर रहे हैं और तुम मोदी के खिलाफ बोल रहे हो। शर्म करो, शर्म।" क्या ऐसा किसी और ने किया है।

tirchi najar after change new_6.png

कांग्रेस के आज के नामजादों की एक दादी होती थी। आपको याद होगा, आप जवानों ने उन दिनों देश के लिए इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल की। पाकिस्तान से बांग्लादेश को अलग किया। नब्बे हजार सैनिकों से आत्म समर्पण कराया। पर उस औरत ने आपका अहसान नहीं माना। चुनावों में आपकी इस जीत का नाम तक नहीं लिया। आपकी जीत को नहीं भुनाया। और दूसरी तरफ मैं हूँ। आपने मेरे शासन में दो सर्जिकल स्ट्राइक की। और मैंने उन्हें कितना बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया। जवान भाइयों, आप खुद देख सकते हैं कांग्रेस कितनी अहसान फरामोश पार्टी है और मैं आप जवानों का कितना अहसान मानता हूँ। हर क्षण हर पल सर्जिकल स्ट्राइक को याद करता रहता हूँ। चुनावी रैलियों में तो और ज्यादा याद करुंगा और उसका पूरा लाभ हासिल कर के रहूंगा।

मेरे प्यारे जवान भाइयों, कांग्रेस हमेशा ही आपका मोरेल खत्म करने पर लगी रहती है। सिर्फ छह सौ करोड़ का जहाज खरीद रही थी आप लोगों के लिए। इतने सस्ते जहाज से हमारे जवानों का मोरेल डाउन होता या नहीं। इसलिए मैंने वही जहाज सोलह सौ करोड़ रुपए में खरीदा जिससे जवानों का मोरेल ऊंचा बना रहे। दुश्मन भी समझ नहीं पायेगा कि इतने मंहगे जहाज में क्या क्या लगा है और क्या नहीं लगा है। वह भी गच्चा खा जायेगा। देखी मेरी अक्लमंदी। पाकिस्तान और चीन ही नहीं, अमेरिका भी यह सोच परेशान हो रहा होगा कि ये इस मोदी ने छह सौ का जहाज सोलह सौ में क्यों खरीदा। इसमें क्या क्या लगवाया। पर सच्ची बात तो यह है कि  जहाज वही है जो छह सौ करोड़ का था। देखा, अपनी बुद्धिमानी से दुश्मन को कैसे गच्चा दे दिया और खुद भी कमा लिया।

कांग्रेस को हमारे जवानों की वीरता पर विश्वास कभी  रहा ही नहीं है। 126 जहाज खरीदना चाहती थी। कहती थी, जंगी विमानों के सात सक्वैड्रन की कमी है। पर मैं अपने जवानों की वीरता का कायल हूँ। मैं जानता हूँ वीर जवानों, कि आप 36 राफेल से भी वीरता पूर्वक लड़ सकते हैं। आप आपनी वीरता से सात सक्वैड्रन की जगह दो सक्वैड्रन से ही दुश्मन के छक्के छुड़ा सकते हैं। और तो और रफ़ाल हवाई जहाज के बिना भी छुडा़ सकते हैं। यह बात सिर्फ मैं ही अच्छी तरह जानता हूँ। इन कांग्रेसियों को आपकी वीरता पर विश्वास ही नहीं है। बार बार अधिक मंहगे और कम राफेल विमानों की बात कर ये देशद्रोही कांग्रेसी आपका मोरेल को डाउन करने में लगी है।

प्यारे वीर जवानों, आपका मैं तहेदिल से धन्यवाद करना चाहता हूं कि आपने ठीक समय पर पुलवामा में अपनी कुर्बानी दे मुझे ठीक चुनाव से पहले जीवन दान दे दिया। मैंने भी सर्जिकल स्ट्राइक करा आपके द्वारा दिये गए मौके को पूरी तरह भुना लिया। अब मुझे आप पर पूरा विश्वास है कि भविष्य में भी, चुनाव पूरा होने तक, यदि माहौल मेरे खिलाफ गया तो, वीर जवानों, आप अपनी जान दे कर भी, मेरी सहायता करेंगे। 

फौजी भाइयों विश्वास रखिये, आप मेरे काम आइये, मैं भी आपके काम आऊंगा। आपको एमएलए, एमपी, मंत्री बनाऊंगा। पहले भी बनाया है, आगे भी बनाऊंगा। फौजी जनरल को भी बनाया है, पुलिस अफसर को भी बनाया है।

नेता जी कहिन : मेरे प्यारे फौजी भाइयों, 

खून आपका बहता है, बाछें मेरी खिलती हैं। 

लाश आपकी गिरती है, लड्डू मेरे मन में फूटते हैं। 

युद्ध आप लड़ते हो, विजयी मैं होता हूँ।

इसे भी पढ़ें : "मन की असली बात"

(लेखक पेश से चिकित्सक हैं।)

tirchi nazar
Satire
Political satire
Narendra modi
mann ki baat
netaji kahin
BJP-RSS
General elections2019

Related Stories

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

तिरछी नज़र: सरकार-जी, बम केवल साइकिल में ही नहीं लगता

विज्ञापन की महिमा: अगर विज्ञापन न होते तो हमें विकास दिखाई ही न देता

तिरछी नज़र: बजट इस साल का; बात पच्चीस साल की

…सब कुछ ठीक-ठाक है

तिरछी नज़र: ‘ज़िंदा लौट आए’ मतलब लौट के...

बना रहे रस: वे बनारस से उसकी आत्मा छीनना चाहते हैं

तिरछी नज़र: ओमीक्रॉन आला रे...

तिरछी नज़र: ...चुनाव आला रे

चुनावी चक्रम: लाइट-कैमरा-एक्शन और पूजा शुरू


बाकी खबरें

  • loksabha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में चर्चा होना देशहित में- मोदी, लेकिन कृषि क़ानून निरस्त करने का बिल बिना चर्चा के ही पास!
    29 Nov 2021
    सरकार की कथनी-करनी का फ़र्क़ एक बार फिर तुरंत देश के सामने आ गया। आज सुबह संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से कहा कि संसद में चर्चा होना देशहित में है और सरकार हर सवाल का जवाब…
  • TN
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु इस सप्ताह: राज्य सरकार ने सस्ते दामों पर बेचे टमाटर, श्रमिकों ने किसानों के प्रति दिखाई एकजुटता 
    29 Nov 2021
    इस सप्ताह, तमिलनाडु ने 52,549 करोड़ रूपये की 82 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सभी क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसके साथ ही सरकार ने थूथुकड़ी, नागापट्टिनम और…
  • alok dhanwa
    अनिल अंशुमन
    ‘जनता का आदमी’ के नाम ‘जनकवि नागार्जुन स्मृति सम्मान’: नए तेवर के कवि आलोक धन्वा हुए सम्मानित
    29 Nov 2021
    यह सम्मान 2020 में ही दिल्ली में नागार्जुन जी के स्मृति दिवस पर दिया जाना था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसलिए महामारी प्रकोप के कम होते ही यह सम्मान आलोक धन्वा के प्रिय शहर…
  • Assam
    संदीपन तालुकदार
    असम: नागांव ज़िले में स्वास्थ्य ढांचा उपलब्ध होने के बावजूद कोविड मरीज़ों को स्थानांतरित किया गया
    29 Nov 2021
    महामारी ने स्वास्थ्य सुविधा संकट की परतें खोलकर रख दी हैं और बताया कि कैसे एम्स की सुविधा होने पर नागांव बेहतर तरीक़े से महामारी का सामना कर सकता था।
  • Bahgul River
    तारिक़ अनवर
    यूपी के इस गाँव के लोग हर साल बांध बना कर तोड़ते हैं, जानिए क्यों?
    29 Nov 2021
    हालांकि सरकार ने पिछले साल एक स्थायी जलाशय बनाने के लिए 57.46 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी, लेकिन इस परियोजना को अभी तक अमल में नहीं लाया गया है और इस साल भी मिट्टी से बांध बनाने की प्रक्रिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License