NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
उत्पीड़न
कृषि
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
खाद-बीज की नकली किल्लत पैदा कर सरकारी संरक्षण में किसानों को लूटने की साजिश: माकपा
माकपा ने मांग की है कि किसानों को नकली खाद और बीज की लूट से बचाने और खरीफ के फसल के भरपूर उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार तुरंत पहल करे और किसानों के लिए बीज और खाद की पर्याप्त व्यवस्था करे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Jun 2021
seeds

जब मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है और किसान खरीफ की फसल की बुआई की तैयारी में जुटा है, तब प्रदेश सरकार ने मानसून से पूर्व न तो पर्याप्त मात्रा में खाद की व्यवस्था की है और न ही बीज ही उपलब्ध कराया है। बारिश के बाद तो कई ग्रामीण क्षेत्रों में बीज खाद पहुंचना ही असंभव हो जायेगा। किसानों का  कहना है कि किसानों को हर बार की तरह इस बार भी धान के बीज के साथ ही खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है।  

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मध्यप्रदेश इकाई ने इस कमी को लेकर सरकार पर हमला बोला और कहा है कि खाद बीज की नकली किल्लत पैदाकर सरकारी संरक्षण में किसानों को लूटने की साजिश की जा रही है।  

माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश भर के किसान सोयाबीन, धान, बाजरा, मक्का, मूंग, मूंगफली, ज्वार आदि के बीज के लिए भटक रहें हैं। सरकार ने सरकारी खरीद केंद्रों पर जो बीज पहुंचाया है, वह ऊंट के मुंह में जीरा है, जो प्रभावशाली किसानों के बीच बंट कर रह जायेगा। आम किसानों को फसल की बोवनी करने के लिए निजी बीज केंद्रो से बीज खरीदने और लुटने पर मजबूर होना पड़ेगा।

माकपा नेता का कहना है कि किसानों की यह लूट राजनीतिक संरक्षण में प्रशासन और कालाबाजारियों की सांठगांठ से होती है। किसानों को न केवल बीज कालाबाजारी में खरीदने  पड़ते हैं बल्कि नकली बीज भी मिलते हैं। यह कालाबाजारी सिर्फ बीज ही नहीं, बल्कि खाद भी नकली और कालाबाजारी में खरीदना पड़ती है।

जसविंदर सिंह ने कहा है कि आमतौर पर निजी दुकानों से मिलने वाले बीज और खाद की किसानों को रसीद भी नहीं मिलती है इसलिए यदि किसानों की फसल अंकुरित नहीं होती है या उसमें फूल और फली नहीं आती है तो किसान बीज कंपनी पर मुआवजे के लिए दावा भी नहीं कर सकते हैं।

 माकपा ने मांग की है कि किसानों को नकली खाद और बीज की लूट से बचाने और खरीफ के फसल के भरपूर उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार तुरंत पहल करे और किसानों के लिए बीज और खाद की पर्याप्त व्यवस्था करे।
 

seeds
fertilizers
Madhya Pradesh
farmers
agricultural crises

Related Stories

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बाल विवाह विधेयक: ग़ैर-बराबरी जब एक आदर्श बन जाती है, क़ानून तब निरर्थक हो जाते हैं!

मध्य प्रदेश में वीएचपी, बजरंग दल के निशाने पर अब ईसाई समुदाय

सामूहिक वन अधिकार देने पर MP सरकार ने की वादाख़िलाफ़ी, तो आदिवासियों ने ख़ुद तय की गांव की सीमा


बाकी खबरें

  • कोविड-19 : मृतक आश्रितों को मुआवज़ा देने में केंद्र अक्षम! कोर्ट में किए हाथ खड़े, फ़ैसला सुरक्षित
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोविड-19 : मृतक आश्रितों को मुआवज़ा देने में केंद्र अक्षम! कोर्ट में किए हाथ खड़े, फ़ैसला सुरक्षित
    21 Jun 2021
    कोविड-19 से मौत होने पर परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा देने पर सुप्रीम कोर्ट में बहस। केंद्र ने कहा कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं वह कोविड मृतकों के आश्रितों को 4 लाख मुआवज़ा देने में सक्षम नहीं है।…
  •  बाइडेन
    पीपल्स डिस्पैच
    सैकड़ों पॉलिटिकल एक्टिविस्ट, मानवाधिकार समूह और विद्वानों ने बाइडेन प्रशासन से फ़िलिस्तीनी मानवाधिकारों की रक्षा करने की मांग की
    21 Jun 2021
    जो बाइडेन ने कहा है कि उनकी विदेश नीति मानवाधिकारों पर आधारित है और उन्होंने हाल ही में कहा है कि उनका मानना है कि "फ़िलिस्तीन और इज़रायल समान रूप से स्वतंत्रता, समृद्धि और लोकतंत्र के समान अवसरों का…
  • यूपी: बांदा में कर्ज़ में डूबे एक किसान ने आवारा मवेशियों से बर्बाद हो चुकी फसल से परेशान होकर ख़ुदकुशी की
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी: बांदा में कर्ज़ में डूबे एक किसान ने आवारा मवेशियों से बर्बाद हो चुकी फसल से परेशान होकर ख़ुदकुशी की
    21 Jun 2021
    ललक सिंह ने कथित तौर पर एक बैंक से 1 लाख रूपये का कर्ज़ लिया था। वे अपने पीछे अपनी पत्नी और दो नाबालिग बच्चों को छोड़ गए हैं।
  • एक छलावा बन गई गाय की विरासत!
    शंभूनाथ शुक्ल
    एक छलावा बन गई गाय की विरासत!
    21 Jun 2021
    आज जिस तरह से गाय को एक राजनीतिक पशु बना दिया गया है, उससे हमारी किसानी, सामाजिक और आर्थिक चेतना गड्ड-मड्ड हो गई है।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 53 हज़ार नए मामले, 1,422 मरीज़ों की मौत
    21 Jun 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 53,256 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 2.34 फ़ीसदी यानी 7 लाख 2 हज़ार 887 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License