NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ कई विधायक सपा में शामिल, अखिलेश बोले ‘’हिट विकेट हो गए बाबा’’
यूपी चुनाव से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी बिसात बिछा रही हैं, ऐसे में अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ कई विधायकों को पार्टी में शामिल कराकर बीजेपी करारा झटका दिया है।  
रवि शंकर दुबे
14 Jan 2022
Akhilesh
चित्र साभार:पीटीआई

चुनावों ने ठीक पहले यूपी में कुछ मंत्रियों और विधायकों के इस्तीफे ने बीजेपी की नींदें उड़ा दी हैं, लखनऊ में समाजवादी कार्यालय के बाहर जो तस्वीरें देखने को मिली वो भारतीय जनता पार्टी के माथे पर चिंता की लकीरें खींचने को काफी हैं, एक मंच पर एक साथ अखिलेश यादव और स्वामी प्रसाद मौर्य एक दूसरे को साफा पहनाकर स्वागत कर रहे थे, तो दूसरी ओर समर्थकों का हुजूम भी देखने लायक था।

‘’85 तो हमारा है... 15 में भी बंटवारा है’’ के बुलंद नारे के साथ स्वामी प्रसाद मौर्य लाल टोपी पहनकर साइकिल पर सवार हो गए और अखिलेश यादव के साथ 10 मार्च की ओर निकल पड़े हैं...

सपा में शामिल होते ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलना शुरू कर दिया, और कहा- ‘’आप कहते हो... नारा दे रहे हैं 80 और 20 का, मैं कहता हूं 80-20 नहीं अब तो होगा 15 और 85 का। 85 तो हमारा है 15 में भी बंटवारा है’’

दरअसल कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20-80 का नारा दिया था, अब स्वामी प्रसाद मौर्य का ये नया नारा उसी का जवाब माना जा रहा है।

कई राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इस नारे में 20 प्रतिशत मुसलमानों को देखा जा रहा है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में मुसलमान वोटरों की संख्या 19 प्रतिशत के करीब बताई जाती है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश को भाजपा के शोषण से मुक्त कराना है, आज भाजपा के खात्मे का शंखनाद बज गया है, भाजपा ने देश और प्रदेश की जनता को गुमराह कर उनकी आंखों में धूल झोंकी है और जनता का शोषण किया है, अब भाजपा का खात्मा करके उत्तर प्रदेश को भाजपा के शोषण से मुक्त कराना है।‘ स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘भाजपा के बड़े- बड़े नेता जो कुंभकरण नींद सो रहे थे, आज हम लोग के इस्तीफा देने के बाद उनकी नींद हराम हो गई है, उन्हें नींद ही नहीं आ रही है।‘

एक ओर भाजपा की निंदा तो दूसरी ओर स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव की जमकर तारीख की.. उन्होंने कहा कि- ‘अखिलेशजी पढ़े लिखे हैं नौजवान हैं और प्रदेश के लाखों लोगों का साथ उनके साथ मिलकर बीजेपी को निस्तनाबूत कर देंगे।‘

स्वामी प्रसाद मौर्य ने फिर अपनी वही पुरानी बात दोहराई और कहा कि- ‘जिसका मैं साथ छोड़ता हूं उसका कोई वजूद नहीं रहता। हमारी बहनजी इसका जीता जागता सबूत है, बहन जी ने कांशीराम जी का नारा बदल दिया मैंने उसका विरोध किया लेकिन नहीं मानी और आज उनका कोई वजूद नहीं रहा।‘

स्वामी प्रसाद मौर्य के भाषण के बाद समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने बोलना शुरू किया, उन्होंने योगी सरकार पर हमला करने के लिए इस बार क्रिकेट की भाषा का इस्तेमाल किया। अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे बाबा मुख्यमंत्री क्रिकेट खेलना नहीं जानते, इनका सूपड़ा साफ हो गया है, अखिलेश यादन ने कहा कि सियासी मैदान में भारतीय जनता पार्टी लगातार कैच छोड़ रही है और हिट विकेट हो रही है।

क्योंकि मकर संक्रांति के मौके पर योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में एक दलित के घर में भोजन करने पहुंचे थे, ऐसे में अखिलेश यादव ने कहा कि 11 तारीख की टिकट थी लेकिन वो पहले ही गोरखपुर चले गए।

भारतीय जनता पार्टी छोड़ने वाले लगभग सभी मंत्री और विधायक अखिलेश यादव के साथ एक मंच पर मौजूद थे, लेकिन दारा सिंह चौहान मंच पर नज़र नहीं आए। स्वामी प्रसाद मौर्य और  सपा में शामिल होने वाले पांच भाजपा विधायकों में भगवती सागर (कानपुर में बिल्हौर), रोशनलाल वर्मा (शाहजहांपुर में तिलहर), विनय शाक्य (औरैया में बिधूना), बृजेश प्रजापति (बांदा में तिंदवारी) और मुकेश वर्मा (फिरोजाबाद में शिकोहाबाद) शामलि थे। वहीं बसपा प्रमुख मायावती के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रहे पदम सिंह और भाजपा की सहयोगी अपना दल-एस के सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ के विधायक चौधरी अमर सिंह भी सपा में शामिल हो गये हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे धर्म सिंह सैनी ने भी सपा का दामन थाम लिया है।

इस्तीफा देने वाले मंत्री और अधिकांश विधायक जो अब तक भाजपा छोड़कर आए हैं, सभी मौर्य के खास माने जाते हैं। बता दें कि, स्वामी प्रसाद मौर्य के बीते मंगलवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से इस्तीफा देने के बाद यह सभी विधायक भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं। इनमें से ज्यादातर विधायक उत्तर प्रदेश में 2017 के चुनावों से पहले बहुजन समाज पार्टी से भाजपा में शामिल हो गए थे। कुछ भाजपा नेताओं का दावा है कि यह वह विधायक हैं जो जानते हैं कि इस बार उन्हें विधानसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा।

समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम के दौरान समर्थकों का हुजूम भी देखने लायक था, जो भारतीय जनता पार्टी के लिए एक मौके की तरह साबित हुआ, जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं करने की बात कहकर 2500 लोगों पर FIR दर्ज कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक CRPC की धारा 144 तहत सपा के खिलाफ ये एक्शन लिया गया है। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा- ढाई हजार समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से इसे एक वर्चुएल आयोजन का नाम दिया गया था, लेकिन देखते ही देखते पार्टी के बाहर समर्थकों का हुजूम इकट्ठा हो गया।

आपको बताते चले कि स्वामी प्रसाद मौर्य के जाने और साथ में कई विधायकों को ले जाने के बाद बीजेपी ने भी मार्य पर हमला शुरू कर दिया है, दरअसल स्वामी प्रसाद मौर्य के 7 साल पुराने मामले को फिर से खोल दिया गया है जिसमें उनके द्वारा देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्णी करने का आरोप लग रहा है।  

ख़ैर... समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का दावा है कि अभी भारतीय जनता पार्टी को और विकेट गिरने वाले हैं, ऐसे में उत्तर प्रदेश का चुनावी सफर और ज्यादा दिलचस्प होता है, हालांकि स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ तमाम विधायकों का सपा में शामिल होना बीजेपी के लिए बड़ा डेंट माना जा रहा है।

AKHILESH YADAV
Swami Prasad Maurya
SAMAJWADI PARTY
BJP
Yogi Adityanath

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Farmers
    रवि कौशल
    आंशिक जीत के बाद एमएसपी और आपराधिक मुकदमों को ख़ारिज करवाने के लिए किसान कर रहे लंबे संघर्ष की तैयारी
    25 Nov 2021
    कृषि क़ानूनों की वापसी की घोषणा के बावजूद, किसान, अपने संघर्ष की दूसरी मांगों पर अडिग हैं, जिनमें एमएसपी पर गारंटी, प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज केस रद्द किए जाने, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की…
  • workers
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: देश की सबसे बड़ी कोयला मंडी में छोटी होती जा रही मज़दूरों की ज़िंदगी
    25 Nov 2021
    यूपी के चंदौली जिले में चंधासी, देश की सबसे बड़ी कोयला मंडी है। यह इलाका उस संसदीय क्षेत्र के साथ लगा है, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुना है। ..."जिस सड़क से पांच मिनट गुजरने में दम निकलता हो…
  • Gandhi ji
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    ख़तो-किताबत: आंदोलनजीवी बापू की चिट्ठी आई है
    25 Nov 2021
    पेशे से चिकित्सक, व्यंग्यकार डॉ. द्रोण कुमार शर्मा ने दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर उनके नाम एक चिट्ठी लिखकर उन्हें देश के हालात से अवगत कराया था। अब उन्होंने इसका जवाब लिखा है। यानी लेखक…
  • farmers
    अजय गुदावर्ती
    कृषि क़ानूनों को निरस्त करने के बाद भाजपा-आरएसएस क्या सीख ले सकते हैं
    25 Nov 2021
    सत्ताधारी पार्टी संकट आने पर हर बार हिंदू-मुस्लिम का बटन नहीं दबा सकती और कामयाब भी नहीं हो सकती। 
  • cop 26
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    जलवायु को बचाने के नाम पर, वे खेतों को बाज़ारू वस्तु जैसा बना देंगे
    25 Nov 2021
    सीओपी26 में, विकृत खाद्य प्रणाली, जो कि पृथ्वी और हमारे शरीर को प्रदूषित करती है, पर चुप्पी रही; स्वस्थ भोजन के उत्पादन और ग्रह पर जीवन बनाए रखने के लिए खाद्य प्रणाली में किसी तरह के परिवर्तन के बारे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License