NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी के गुजरात में गौ रक्षकों का बोलबाला: एक परिवार पर फिर हमला
गाय के नाम पर जारी हमले में एक और घटना जुड़ गयी है।
रितांश आज़ाद
18 Aug 2017
मोदी के गुजरात में गौ रक्षकों का बोलबाला: एक परिवार पर फिर हमला

गाय के नाम पर जारी हमले में एक और घटना जुड़ गयी है। गुजरात के कासोर गांव  में दलित समाज के शैलेन्द्र और उनकी माँ को 15 से अधिक लोगी की हिंसा का तब सामना करना पड़ा जब वो शमशान के पास मरे हुए सांड का चमड़ा निकालने गए थे । बुधवार को पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है।

हालाकि शैलेश के अनुसार यह काम शुरू करने से पहले ही उनपर हमला किया गया । शैलेश ने आगे बताया कि "शुक्रवार को मुझे मेरे क्लाइंट का  कॉल आया कि मैं उनके सांड का मृत शरीर उठा लूँ। मैंने हमेशा की तरह एक ट्रेक्टर किराये पर लिया और साँड़ के मृत शरीर को गांव ले आया। पर क्योंकि गांव में चमड़ा निकालने  के लिए निर्धारित जगह पर पानी भरा हुआ था  इसीलिए  मैं शव को गांव के शमशान के पास एक खुले मैदान में ले गया । रास्ते  में गांव के सरपंच ने मुझे देखा और कहा कि मैं  यहाँ चमड़ा ना निकालूं , उनकी बात मानते हुए  मैं शव को हमारी बस्ती के करीब ले गया ".  अगले दिन 15  लोगों की एक भीड़ हमारे इलाके में मुझे ढूढ़ते हुए पहुंची।  मेरी माँ किसी पड़ोसी से बात कर रही थी तब ही उन लोगों ने  मेरे घर का  पता उनसे पूछा।  मेरी माँ ने जब उन्हें बताया कि  मैं उन्ही का बेटा हूँ तो वो माँ के  साथ गली गलौज करने लगे। ये सुनकर मैं घर से बाहर आया और तभी उन्होंने हमपर हमला कर दिया। मेरी माँ को पेट में काफी चोट लगी है और उन्हें काफी मानसिक आघात भी पंहुचा है ". हमले के बाद शैलेश की माँ को पास ही के अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। घटना के बाद शैलेश ने बताया  कि  वो ये काम 15  साल की उम्र से कर रहे  हैं  और उनके साथ पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। दलित समाज ने लोगों ने इसके बाद शनिवार को शिकायत की , जिसके बाद पुलिस ने बुधवार को क्षत्रिय समाज के 17 लोगों को गिरफ्तार किया।

 ये घटना पिछले साल गुजरात में हुई ऊना की  घटना की याद दिलाती है, जहाँ  इसी तरह चार दलित युवाओं को मरी हुई गाय का चमड़ा निकालने पर बुरी तरह पीटा गया था। इसी के  विरोध में  दलितों ने मरी हुई गायों के शव कलेक्टर के ऑफिस के सामने फेंक दिए और जल्द ही उनका विरोध जन आंदोलन में बदल गया । इस आंदोलन में दलित प्रतिरोध के काफी तीखे स्वर उठे थे , जिनकी  गूँज सहारनपुर में हुई घटना के बाद भी सुनाई दी।

गौ रक्षा के नाम पर जारी ऐसी घटनाएं  दर्शाती हैं  कि आज भी समाज में जातिवाद की जड़ें कितनी गहरी हैं । पर दलित मेहनतकश तबकों से निकल रहे प्रतिरोध के स्वर काफी उम्मीद जगा भी रहे हैं। हमें ये समझना भी ज़रूरी है  कि दलितों के सामाजिक  मुद्दों को उनके आर्थिक मुद्दों से जोड़कर देखने से ही आगे का रास्ता नज़र आएगा। हालाकी इसके साथ समाज के सभी प्रगतिशील तकातों को एक साथ मिलकर इन मुद्दों पर क़ानूनी लड़ाई लड़ने के साथ साथ जन आन्दोलन को भी तेज़ करना होगा.

गौ रक्षक
गौमांस
गुजरात

Related Stories

''सिलिकोसिस बीमारी की वजह से हज़ारो भारतीय मजदूर हो रहे मौत के शिकार''

बुलेट ट्रेन परियोजना के खिलाफ गोदरेज ने की हाई कोर्ट में अपील

न्याय से बेजार गुजरात के बच्चे !

अदानी ग्रुप के अस्पताल में 111 नवजात शिशुओं की मौत, सरकार ने दिए जाँच के आदेश

राजकोट का क़त्ल भारत में दलितों की दुर्दशा पर रोशनी डालता है

गुजरात में मछुआरों की आजीविका बर्बाद करने को लेकर विश्व बैंक क़ानूनी कार्रवाई का कर रहा सामना

गुजरात किसानों ने किया बुलेट ट्रेन परियोजना का विरोध,कहा किसानों के साथ मीटिंग एक धोखा थी

झारखंड मॉब लिंचिंग मामलाः अलीमुद्दीन को वकीलों ने इस तरह दिलवाया न्याय

गुजरात सरकार ने कहा कि ऊना के दलित पीड़ितों को नौकरी और ज़मीन नहीं दी जाएगी

किसानों की नाराज़गी के चलते , सरकार ने पशु खरीद फरोख्त के नियमों में किया बदलाव


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान
    24 May 2022
    वामदलों ने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और बेरज़गारी के विरोध में 25 मई यानी कल से 31 मई तक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है।
  • सबरंग इंडिया
    UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध
    24 May 2022
    संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत ने दावा किया है कि देश में 10 करोड़ से ज्यादा आदिवासी और दूसरे समुदायों के मिलाकर कुल क़रीब 30 करोड़ लोग किसी ना किसी तरह से भोजन, जीविका और आय के लिए जंगलों पर आश्रित…
  • प्रबीर पुरकायस्थ
    कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक
    24 May 2022
    भारत की साख के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 सदस्य देशों में अकेला ऐसा देश है, जिसने इस विश्व संगठन की रिपोर्ट को ठुकराया है।
  • gyanvapi
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज्ञानवापी मस्जिद की परछाई देश की राजनीति पर लगातार रहेगी?
    23 May 2022
    न्यूज़क्लिक की इस ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय ज्ञानवापी मस्जिद और उससे जुड़े मुगल साम्राज्य के छठे सम्राट औरंगज़ेब के इतिहास पर चर्चा कर रहे हैं|
  • सोनिया यादव
    तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?
    23 May 2022
    पुलिस पर एनकाउंटर के बहाने अक्सर मानवाधिकार-आरटीआई कार्यकर्ताओं को मारने के आरोप लगते रहे हैं। एनकाउंटर के विरोध करने वालों का तर्क है कि जो भी सत्ता या प्रशासन की विचारधारा से मेल नहीं खाता, उन्हें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License