NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी के नाम संजीव भट्ट का खुला ख़त
संजीव भट्ट ने लगातार प्रधानमंत्री मोदी पर 2002 गुजरात दंगों को ले कर आरोप लगाए हैं। इसी कड़ी में 2012 में जब आरोपी बाबू बजरंगी, डॉ माया कोडनानी को सज़ा सुनाई गयी थी, तब उन्होंने नरेंद्र मोदी के नाम एक खुला ख़त लिखा था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Jun 2019
मोदी के नाम संजीव भट्ट का खुला ख़त

पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को 20 जून को जामनगर की अदालत ने आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। ये सज़ा 1990 में हिरासत में हुई एक मौत के मामले में सुनाई गई है। उस वक़्त संजीव भट्ट जामनगर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। इसके अलावा संजीव भट्ट का सत्ता से सवाल करने का अपना इतिहास रहा है। संजीव भट्ट ने लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 2002 गुजरात दंगों को ले कर आरोप लगाए हैं। इसी कड़ी में 2012 में जब आरोपी बाबू बजरंगी, डॉ माया कोडनानी को सज़ा सुनाई गयी थी, तब संजीव भट्ट ने नरेंद्र मोदी के नाम एक खुला ख़त लिखा था। जिसमें वो कहते हैं, "ऐन मुमकिन है कि ज़िंदगी में कभी आपने भी आम इन्सानों की तरह प्यार के जादू को पहचाना होगा, या शायद बच्चे पैदा करने, एक परिवार शुरू करने के बारे में सोचा होगा! क्या आपने एक बार भी उनकी पत्नियों और उनके बच्चों के बारे में सोचा, जो एक वक़्त पर आपके चापलूस रहे थे, और अब आजीवन कारावास में हैं?" 

संजीव भट्ट को मिली सज़ा के मामले में उनकी पत्नी ने आरोप लगाए हैं, कि ये सज़ा राजनीति से प्रभावित है। 

आज हम आपको 2012 का वो पूरा ख़त पढ़वा रहे हैं। यह ख़त मूलरूप से अंग्रेजी में लिखा गया है, जिसका हिन्दी अनुवाद किया गया। 

प्रिय नरेंद्र मोदी,
आपके वफ़ादार सिपाहियों डॉ. माया कोडनानी और बाबू बजरंगी और भ्रांतिपूर्ण हिन्दुत्व के पथभ्रष्ट पैदल सिपाहियों को मिली सज़ा के बारे में आपको पहले से आगाह किया ही गया होगा। इन सबको ज़िंदगी भर की क़ैद की सज़ा दी गई है। क्या ये महज़ एक इत्तेफ़ाक है कि आपने वक़्त के अनुकूल ख़ुद को इन अभागे लोगों से चालाकी से दूर कर लिया?

क्या आपने एक बार भी उन लोगों के परिवार के बारे में विचार किया जिनको ज़िंदगी भर जेल में रहने की सज़ा मिली है? ये कहा जाता है कि एक वक़्त पर आप भी शादीशुदा थे। ऐन मुमकिन है कि ज़िंदगी में कभी आपने भी आम इन्सानों की तरह प्यार के जादू को पहचाना होगा, या शायद बच्चे पैदा करने, एक परिवार शुरू करने के बारे में सोचा होगा! क्या आपने एक बार भी उनकी पत्नियों और उनके बच्चों के बारे में सोचा, जो एक वक़्त पर आपके चापलूस रहे थे, और अब आजीवन कारावास में हैं?

मोदी जी, क्या आपने अपने डिज़ाइनर कपड़ों को भुला कर, अपने असली व्यक्तित्व पर एक नज़र डाली है? क्या आपने कभी इस मुखौटे के पीछे छुपे असली चेहरे की परछाई को देखा है? क्या आपने कभी अपने उस व्यक्तित्व के बारे में आत्म-निरीक्षण किया है, जिसे आपके मीडिया-मैनेजरों द्वारा बनाई एक काल्पनिक तस्वीर के पीछे छुपा दिया गया है? क्या आपने कभी एक भी बार सोचा है कि सिर्फ़ सत्ता में बने रहने के लिए अपने साथी इन्सानों को क़ुर्बान कर के उसका फ़ायदा उठाना कितना सही है? क्या आपने एक भी बार , कभी भी इस बात पर विचार किया है कि क्या ये सही है कि कोई इंसान जो आपकी आस्था में विश्वास नहीं करता है, सिर्फ़ इस वजह से उसकी हत्या को बढ़ावा देना क्या सही है? क्या इस तरह ख़ुद के व्यक्तित्व के साथ धोखा करना सही है? या ये सिर्फ़ आपके राजनीतिक जुनून के लिए चुकाई जाने वाली छोटी से क़ीमत है?

मैं उम्मीद करता हूँ और भगवान से प्रार्थना करता हूँ इसी ज़िंदगी में इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए वक़्त, समझदारी और मौक़ा मिल सके।
भगवान आपका भला करे,
संजीव भट्ट

sanjiv bhatt
Narendra modi
2002 riots
modi's image
ips sanjiv bhatt
custodial death 1990
jamnagar court
Jamnagar sessions court

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एल्गार परिषद मामला : कोर्ट ने कहा वरवरा राव को 18 नवंबर तक सरेंडर करने की ज़रूरत नहीं
    27 Oct 2021
    बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी कवि वरवरा राव को 18 नवंबर तक तलोजा जेल के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने की
  • rahul
    भाषा
    पेगासस मामले में कोर्ट के आदेश से विपक्ष के रुख़ पर मोहर, संसद में होनी चाहिए चर्चा : राहुल
    27 Oct 2021
    राहुल ने कहा, हमारे तीन सवाल थे। पहला यह कि पेगासस को किसने खरीदा तथा इसे किसने अधिकृत किया? दूसरा यह है कि किनके खिलाफ इस स्पाईवेयर का इस्तेमाल किया गया? तीसरा यह कि क्या किसी अन्य देश ने हमारे…
  • crop
    अजय कुमार
    बारिश से बर्बाद हुई फसल की भरपाई क्या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए हो पाएगी?
    27 Oct 2021
    बेमौसम बारिश की वजह से भारत के कई इलाकों की फसल बर्बाद हो चुकी है। पहले से ही कम कमाई पर जीने वाले अधिकतर किसान टूटने के कगार पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में क्या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए…
  • kashmir
    सबीहा शाहीन
    कश्मीर में दहेज़ का संकट
    27 Oct 2021
    मुहम्मद अशरफ़ की छोटी बहन की कथित तौर पर हत्या के पांच महीने बाद, मैं उनसे मुलाक़ात करने उनके बदरन ऐशमुकम स्थित घर गई थी। एक पुरानी ऊँची इमारत के साथ-साथ विशिष्ट क
  • बिहारः पटना में डेंगू का क़हर, एक रिटायर्ड अधिकारी की मौत
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः पटना में डेंगू का क़हर, एक रिटायर्ड अधिकारी की मौत
    27 Oct 2021
    CPIM पटना जिला के सचिव मनोज कुमार ने न्यूजक्लिक को कहा डेंगू के मामले सामने आने के बाद भी पटना नगर निगम की ओर से दवा छिड़काव का काम अब तक नहीं हुआ है। सरकार और प्रशासन ने जनता को मरने के लिए छोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License