NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी की हवाई यात्राएं भी सवालों के घेरे में, कौन देगा जवाब?  
खुद को पाक साफ़ बताकर दूसरों के दोष गिनाकर  चुनावी राजनीति करने के दौर में प्रधानमंत्री की चुनाव  यात्राओं से जुड़ा खुलासा हुआ है। 
अजय कुमार
10 May 2019
helicopter
image courtesy- hindustan times

चुनावी माहौल अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। और चुनावी चर्चा की गरिमा हर दिन  जनता के जमीनी  हितों से दूर होती हुई पाताल में जा रही है।  चर्चा राजीव गांधी के घोटालों से लेकर राजीव गांधी की छुट्टियों तक पहुँच चुकी है। जबकि चुनाव साल 2019में हो रहा है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका प्रधानमंत्री  निभा रहे हैं।  खुद को पाक साफ़ बताकर दूसरों के दोष गिनाकर  चुनावी राजनीति करने के दौर में प्रधानमंत्री की चुनाव  यात्राओं से जुड़ा खुलासा हुआ है।  

इस सम्बन्ध में हिंदुस्तान टाइम्स में एक खबर छपी है। इस खबर के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ मोदी जी के हवाई यात्राओं के खर्चे का ब्यौरा दिया गया है। जिसके तहत यह जानकारी  मिली  है कि  मोदी जी के 128 नॉन ऑफिसियल घरेलू हवाई यात्राओं पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने इंडियन एयर फोर्स को  89 लाख रुपये भुगतान किए हैं। इस रिपोर्ट में इस तरफ  ध्यान दिलाया गया है कि कि अगर यह यात्राएं प्रधानमंत्री की बजाय एक व्यक्ति करता तो इन हवाई यात्राओं का खर्चा बहुत अधिक होता।  यहां एक व्यक्ति इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री ने यह सारी यात्राएं एक चुनावी दावेदार के तरह की है न कि प्रधानमंत्री की हैसियत से और न ही किसी ऑफिशियल काम की वजह से। इस तरह की यात्राओं पर चुनाव  आयोग का नियम है कि मंत्री  से लेकर प्रधानमंत्री तक जब चुनावी यात्राएं सरकारी साधन से  करेंगे तो इसका भुगतान सरकार के खाते में जरूर करेंगे। 

 रिटायर्ड कोमोडोर लोकेश के बत्रा ने सूचना के अधिकार तहत इंडियन एयर फोर्स से प्रधानमंत्री की हवाई यात्राओं के बारें में  सवाल पूछे थे। इंडियन एयर फोर्स से मिले जवाब पर लोकेश बत्रा  ने कहा  कि ये  सारी 128  नॉन-ऑफिसियल यात्रायें प्रधानमंत्री ने साल2014 में अपने कार्यभार सँभालने के बाद से लेकर फरवरी  2017 के दौरान की थी।  यह सारी यात्राएं चुनावी प्रचार से जुड़ी हैं।  इस दौरान प्रधानमंत्री  उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्मिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड, असम के  विधानसभा चुनाव के दौरे पर थे। 

 कोमोडोर ने सूचना के अधिकार के तहत यह सवाल भी पूछा  था कि  हवाई यात्राओं  के खर्चे के भुगतान का जरिया क्या था? इंडियन एयर फोर्स के किस नियम के तहत प्रधानमंत्री को यह अधिकार मिलता है वह अपनी घरेलू नॉन-ऑफिसियल यात्राओं के लिए आईएएफ के प्लेन का इस्तेमाल कर सकते हैं? इस पर इंडियन एयर फोर्स का जवाब था कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ पदाधकारी ऑफिसियल कामों के लिए बिना किसी भुगतान के इंडियन एयर फोर्स के हवाई जहाज का इस्तेमाल  कर सकते हैं।  अगर नॉन ऑफिसियल और अन्य  कामों के लिए हवाई जवाज का इस्तेमाल किया जा रहा है तब रेगुलर कमर्शियल सेवा के तहत खर्चे की राशि तय  की जायेगी। जबकि हकीकत यह है कि रक्षा मंत्रलाय द्वारा 1999 में निर्धारित किया हुए दर अब तक रेगुलर कमर्शियल सेवाओं की तहत चलते आ रहा है। 

पीएमओ ने दिल्ली-गोरखपुर-दिल्ली उड़ान के लिए 31,000 रुपये और मैंगलोर-कासरगोड-मंगलौर उड़ान के लिए 7,818 रुपये का भुगतान किया। इस  पर प्राइवेट चार्टर्ड एयरलाइन ऑपरेटरों ने कहा कि यह कमर्शियल दरों से काफी कम है। कालीकट -विक्रम के बीच की दूरी के लिए केवल 5693 रुपये भुगतान किए गए जो कामर्शियल दरों से बहुत कम है। इन सारी यात्राओं का भुगतान का एक चुनावी दावेदार के तौर पर भाजपा को करना चाहिए था लेकिन भुगतान प्रधानमंत्री कार्यालय से हुआ। इस तरह से यह एक ऐसा घोटाला है जिसे प्रधानमंत्री खुद कर रहे हैं और करते जा रहे हैं। जिसपर सवाल-जवाब करने वाला कोई नहीं है। यहाँ अजीब बात यह है कि प्रधानमंत्री खुद आरोपों के घेरे में हैं और सारे सवाल साल 1989 के राजीव गाँधी से कर रहे हैं। सवाल सबसे पूछे जाने चाहिए,जरूर पूछे जाने चाहिए लेकिन किस समय कौन जवाबदेह है ये देखना और सोचना ज़रूरी है।

Narendra modi election travel expenses
narendra modi vs rajeev gaandhi
pmo and iaf
pmo payment to iaf
commercial expenses of modi plane travel

Related Stories


बाकी खबरें

  • Privatisation
    अजय कुमार
    महाशय आप गलत हैं! सुधार का मतलब केवल प्राइवेटाइजेशन नहीं होता!
    12 Dec 2021
    भारत के नीतिगत संसार में सुधार का नाम आने पर प्राइवेटाइजेशन को खड़ा कर दिया जाता है। इसका नतीजा यह हुआ है कि भारत की बीहड़ परेशानियां प्राइवेटाइजेशन की वजह से खड़ी हुई गरीबी की वजह से जस की तस बनी…
  • god and man
    शंभूनाथ शुक्ल
    ईश्वर और इंसान: एक नाना और नाती की बातचीत
    12 Dec 2021
    मैंने अगला प्रश्न किया, कि क्या तुम मानते हो कि दुनिया में कोई ईश्वर है? अब वह थोड़ा झिझका और बोला, ‘कोई है तो जो हम सब को बनाता है’। मैंने एक जिज्ञासा उठाई, कि मनुष्य का पैदा होना एक बायोलॉजिकल…
  • unemployment
    रूबी सरकार
    ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ के नारों के साथ शिक्षित युवा रोज़गार गारंटी बिल की उठाई मांग
    12 Dec 2021
    युवाओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के 3 माह के भीतर सरकार को नौकरी मुहैया कराना चाहिए अथवा जब तक शिक्षित को नौकरी न मिले, तब तक सरकार की ओर से स्किल्ड लेबर की न्यूनतम मजदूरी के बराबर करीब साढ़े नौ…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    खुशहाली की बजाय बेहाली,संविधान से उलट राजसत्ता और यूपी का रिकार्ड
    11 Dec 2021
    वैश्विक असमानता रिपोर्ट के नये तथ्य और आंकड़े भारत की सामाजिक आर्थिक स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करते हैं. आखिर आजादी के इन चौहत्तर वर्षो में हमारे समाज में इस कदर असमानता और दुर्दशा क्यों बढ़ी है?…
  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: किसानो, कुछ तो रहम करो...लिहाज करो!
    11 Dec 2021
    मनाएं, किसान अपनी जीत का जश्न। बस, सरकार को हराने का शोर नहीं मचाएं। इस शोर से दुनिया भर में छप्पन इंच की छाती वालों की बदनामी होगी सो होगी, देश में मजदूरों-वजदूरों और न जाने किस-किस को कैसा गलत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License