4 जनवरी को रक्षा मंत्री ने संसद को बताया कि भारत सरकार 1 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर देकर हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की मदद कर रही हैI लेकिन सच कुछ और है। आइए सुनते हैं इस विषय पर प्रबीर पुरकायस्थ और रक्षा विशेषज्ञ डी रघुनन्दन की बातचीत।
4 जनवरी को रक्षा मंत्री ने संसद को बताया कि भारत सरकार 1 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर देकर हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की मदद कर रही हैI लेकिन सच तो यह है कि HAL की वित्तीय हालत इतनी ख़राब है और अपने कर्मचारियों का वेतन देने के लिए भी वो कर्ज़ लेने के लिए मजबूर हैI एक तरफ HAL की पेमेंट्स रोकी जा रही हैं, दूसरी ओर रक्षा मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि रफ़ाल सौदे के लिए अब तक सरकार दसॉल्ट को लगभग 20,000 करोड़ रुपये दे चुकी है। भारत के अग्रणी सरकारी क्षेत्र कंपनी के लिए इस सबके क्या मायने हैं? आइए सुनते हैं इसी विषय पर प्रबीर पुरकायस्थ और रक्षा विशेषज्ञ डी रघुनन्दन ने बीच हुई परिचर्चा।