NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
मोदी सरकार के दावों के विपरीत व्यापार घाटा लगातार बढ़ा, निर्यात में भारी गिरावट
वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल यानी 2014 से 2019 के दौरान कुल निर्यात में कम्पाउंड वार्षिक वृद्धि दर मात्र 4 प्रतिशत रहा जोकि यूपीए-2 के पांच साल के कार्यकाल के दौरान 17. 64 फीसदी था।
पुलकित कुमार शर्मा
09 Jul 2019
मोदी सरकार  व्यपार घाटा बढ़ा

मोदी जी हमेशा अपने भाषणों में निर्यात बढ़ाने की बात करते हैं। सैद्धांतिक तौर पर यह बात सही है कि निर्यात बढ़ने पर देश की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। लेकिन जब हम मोदी जी के पहले कार्यकाल में हुए निर्यात का अध्ययन करते है तो आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि उनके पहले कार्यकाल में  निर्यात की स्थिति अच्छी नहीं थी।  

वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल यानी 2014 से  2019 के दौरान कुल निर्यात में कम्पाउंड वार्षिक वृद्धि दर मात्र 4 प्रतिशत रहा जोकि यूपीए-2 के पांच साल के कार्यकाल के दौरान 17. 64 फीसदी था । 

 

 1 Untitled_0.jpg

स्रोत: Export Import Data Bank, Department of Commerce

 भारत में निर्यात की स्थिति -

वैश्विक अर्थव्यवस्था सुस्त होने,  दुनिया भर में उत्पाद कीमतों में कमी की वजह से और डॉलर के मूल्य में लगातार बढ़ोतरी का भारत की अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ा है, जिसके परिणामस्वरूप निर्यात प्रभावित हुआ है तथा निर्यात में कमी आयी है। अगर हम 2014-15 से पहले की बात करें तो निर्यात बेहतर था, वर्ष 2013 -2014 में निर्यात की वार्षिक वृद्धि दर 17% थी, जोकि 2014-15 और 2015-16 में घटकर क्रमश: -0.5% और -9% हो गयी। 

 मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान निर्यात को बढ़ाने की बहुत बाते कही थी कि देश के निर्यात को बढ़ाया जायेगा।  सरकार ने दावा किया है कि उनके कार्यकाल के दौरान निर्यात में बढ़ोतरी हुई है इससे देश में रोजगार व उत्पादन दोनों बढे है, परन्तु वाणिज्य मंत्रालय और बेरोजगारी के आंकड़े दावों के विपरीत ही स्थिति बयां करते नजर आते हैं । मोदी सरकार ने आर्थिक सुधार के नाम पर जीएसटी और नोटबंदी जैसे कदम उठाये, इन्होने देश के उत्पादन और व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव छोड़ा है । 

2 Untitled.jpg

स्रोत: Export Import Data Bank, Department of Commerce

भारत में आयात की स्थिति 

भारत, विश्व का एक बड़ा बाजार है, जिसे बड़े स्तर पर वस्तुओं व सेवाओं की जरूरत होती है ।   कुल वस्तुओं और सेवाओं की मांग का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है । देश में निर्यात की अपेक्षा आयात ज्यादा होता है। इसलिए हमेशा व्यापारिक घाटे की स्थिति बनी रहती है।  2018-19 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार आयात की वार्षिक वृद्धि दर 19.7 प्रतिशत जो कि निर्यात से ज्यादा है। 2016 के बाद से आयात में निर्यात की अपेक्षा वृद्धि दर अधिक रही है।  

3 Untitled.jpg

स्रोत: Export Import Data Bank, Department of Commerce

 व्यापर घाटा

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश का व्यापर घाटा हर साल बढ़ रहा है जो कि वर्ष  2014-15 में 840738.16 करोड़ था , वर्ष 2018-19 में बढ़कर 1286709 करोड़ हो गया है। देखने से साफ़ नजर आता है कि देश अपनी मांगो को पूरा करने में असमर्थ रहा है साथ ही अपने द्वारा उत्पादन की गयी वस्तुओं  और सेवाओं को विश्व बाजार की जरूरत नहीं बना पाया है। इसका सबसे बड़ा कारण देश के मध्यम, लघु और अति लघु वर्ग के उद्यमो का आर्थिक और आधुनिक तकनीकि के स्तर पर पिछड़ा होना है । इन उद्यमों से तैयार की गयी वस्तुओ की लागत तो बहुत अधिक आती है और साथ ही वस्तुओ की गुणवत्ता विश्व बाजार में उपलब्ध वस्तुओ की गुणवत्ता को मात नहीं दे पाती जिसके कारण देश का निर्यात सीमित बना रहता है।  इसलिए निर्यात कम हुआ है और व्यापार घाटा बढ़ता जा रहा है। 

4 Untitled.jpg

स्रोत: Export Import Data Bank, Department of Commerce

भारत के कम होते निर्यात और बढ़ते आयात की जो स्थितियां बनी है उसके लिए केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था ही जिम्मेदार नहीं है बल्कि सरकार की नीतियां भी बड़े पैमाने पर जिम्मेदार हैं ।  

 देश के निर्यात  को बढ़ाने व व्यापारिक घाटे को कम करने की सख्त जरूरत है, इसके लिए जरुरी है कि सरकार प्रभावी कदम उठाये ताकि देश  के निर्यात में वृद्धि आये ।

 

 

 

indian economy
Economy
Export Policy
IMPORT - EXPORT
trade deficit
Narendra modi
Modi
modi sarkar
foreign TRADE

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

क्या जानबूझकर महंगाई पर चर्चा से आम आदमी से जुड़े मुद्दे बाहर रखे जाते हैं?

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 11,919 नए मामले, 470 मरीज़ों की मौत
    18 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.37 फ़ीसदी यानी 1 लाख 28 हज़ार 762 हो गयी है।
  • New Rail Agreements
    एम. के. भद्रकुमार
    नये रेल समझौतों में मध्य एशिया के तेज़ एकीकरण की रूपरेखा का संकेत
    18 Nov 2021
    चीन, उज़्बेकिस्तान और पाकिस्तान जैसे प्रमुख क्षेत्रीय किरदारों के बीच इस बात का पूरा-पूरा अहसास है कि अफ़ग़ानिस्तान में क्षेत्रीय संपर्क और दीर्घकालिक शांति और स्थिरता आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए…
  • SKM haryana
    रवि कौशल
    हरियाणा के किसानों ने किया हिसार, दिल्ली की सीमाओं पर व्यापक प्रदर्शन का ऐलान
    18 Nov 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा, हरियाणा ज़िला स्तर पर किसानों को इकट्ठा करने के लिए कमेटी बनाएगा।
  • public education in India
    शिरीष खरे
    इतना अहम क्यों हो गया है भारत में सार्वजनिक शिक्षा के लिए बजट 2021?
    18 Nov 2021
    सार्वजनिक शिक्षा पर बजट के बारे में बात करने से पहले हमें इसकी एक बुनियादी बात भी रेखांकित करनी चाहिए कि सरकारी स्कूलों में धन कैसे आवंटित और खर्च किया जाता है। वहीं, इस क्षेत्र में प्रभावी वित्तपोषण…
  • AajKiBaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनावी मौसम में नये एक्सप्रेस-वे पर मिराज-सुखोई-जगुआर
    18 Nov 2021
    यूपी का चुनाव सिर्फ़ एक प्रदेश का चुनाव नहीं है, इसे 2024 के राष्ट्रीय आम चुनाव का सेमीफाइनल समझा जा रहा है. जिस शिद्दत से सत्ताधारी दल इस सेमीफाइनल को जीतने में लगा है, वैसी जबर्दस्त कोशिश विपक्षी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License