NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी सरकार के पाँच साल में कुल क़र्ज़ में हुई 54% की बढ़ोतरी
मार्च 2019 में केंद्र सरकार द्वारा लिया गया क़र्ज़ साढ़े 84 लाख करोड़ से ज़्यादा था, जो जून 2014 में करीब 55 लाख करोड़ था। इसके साथ ही आंतरिक और बाहरी सरकारी क़र्ज़ मिलाकर 57% की बढ़ोतरी देखी गई है।
पीयूष शर्मा
14 Jun 2019
मोदी सरकार के पाँच साल में कुल क़र्ज़ में हुई 54% की बढ़ोतरी

12 जून को प्रकाशित वित्त मंत्रालय के आर्थिक विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कुल क़र्ज़ अप्रैल-जून 2014 से मार्च 2019 के बीच 54% की बढ़ोतरी के साथ साढ़े 84 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया है। 
मार्च 2019 में कुल क़र्ज़ 84,68,086 रुपये है, जबकि ये कुल क़र्ज़ जून 2014 में 54,90,763 रुपये था। 
सरकारी क़र्ज़ पर वित्त मंत्रालय का डाटा ये भी दर्शाता है कि कुल क़र्ज़ देश की वर्तमान जीडीपी का 44.55% है जबकि जून 2014 में ये जीडीपी का 44.03% था। 

केंद्र सरकार की उधारी में हुए इस भारी इज़ाफ़े से उसके आंतरिक और बाहरी क़र्ज़ में मिलाकर 57% की बढ़ोतरी हुई है, यानी पाँच साल की मोदी सरकार में क़र्ज़ 48 लाख करोड़ से बढ़कर 75 लाख करोड़ पर पहुँच गया है। 
सरकारी क़र्ज़ में हुई इस बढ़ोतरी में आंतरिक क़र्ज़ में 60% का उछाल आया है। जो मार्च 2019 में 70 लाख करोड़ देखा गया है, जबकि आंतरिक क़र्ज़ जून 2014 में केवल 44 लाख करोड़ था। 

सरकार के क़र्ज़ में सालाना वृद्धि दर, जिसमें कि निजी और बाहर दोनों क़र्ज़ शामिल होते हैं, लगातार बढ़ रही है। 
दिसम्बर 2014 में क़र्ज़ की वार्षिक वृद्धि दर 9.18% थी जो दिसम्बर 2018 में बढ़ कर 11.63% हो गई, जो कि पिछले पाँच साल में उच्चतम है। वहीं दिसम्बर 2018 से मार्च 2019 तक वृद्धि दर 1.5% रही है। 
Govt_Debt.jpg

सौजन्य: आर्थिक विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार 

केंद्र सरकार आंतरिक क़र्ज़ पर बहुत ज़्यादा निर्भर करती है। 2019 में कुल क़र्ज़ में से आंतरिक क़र्ज़ का हिस्सा 83% का है, जबकि 2014 में ये 80% था और 2009 में 72% था। जैसे-जैसे आंतरिक क़र्ज़ में बढ़ोतरी हो रही है, बाहरी क़र्ज़ और उधारी में कमी देखी जा रही है। 
Govt_Debt_1.jpg

सौजन्य: आर्थिक विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

आंतरिक क़र्ज़ बाज़ार के ऋण पर बहुत ज़्यादा निर्भर करता है। बाज़ार के ऋण का हिस्सा मार्च 2019 तक 65% देखा गया है, जो कि बाज़ार के ऋण में जून 2014 से अब तक 54% का उछाल है। बाज़ार का ऋण, हालिया डाटा में 55 लाख करोड़ हैं, जबकि जून 2014 में ये 35 लाख करोड़ था। 

आर्थिक विभाग सरकारी क़र्ज़ का डाटा हर चार महीने पर जारी करता है, और इन चार महीनों के डाटा में भारत सरकार द्वारा लिए गए क़र्ज़ का पूरा ब्योरा मिलता है। 

debt
Central Government Debt
Public Debt
Department of Economic Affairs
Ministry of Finance

Related Stories

देश पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, मोदी राज में कर्जे में 123 फ़ीसदी की बढ़ोतरी 

आरटीआई से खुलासा: संकट में भी काम नहीं आ रही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

सर्वेक्षण: अनलॉक में भी असंगठित क्षेत्र के मज़दूर को बहुत राहत नहीं, मज़दूरी घटी, क़र्ज़ बढ़ा

COVID-19 लॉकडाउन : मोदी सरकार के असहनीय और आधे-अधूरे क़दम

रिलीफ पैकेज, कोविड अपडेट और अन्य

मज़दूर वर्ग के लिए मंदी का क्या अर्थ है?

क्या सरकार अपनी बिखरी अर्थव्यवस्था के लिए सुभाष गर्ग को बलिदान का बकरा बना रही है?

एससी/एसटी योजनाओं के लिए फ़ंड: कम आवंटन, अपर्याप्त ख़र्च

बजट 2019: मोदी अपने पीछे देश को भयानक कर्ज़ में छोड़ कर जा रहे हैं

किसान संसद : देश के विभिन्न कोनों से हज़ारों किसान दिल्ली की सडकों पर


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    शहरों की बसावट पर सोचेंगे तो बुल्डोज़र सरकार की लोककल्याण विरोधी मंशा पर चलाने का मन करेगा!
    25 Apr 2022
    दिल्ली में 1797 अवैध कॉलोनियां हैं। इसमें सैनिक फार्म, छतरपुर, वसंत कुंज, सैदुलाजब जैसे 69 ऐसे इलाके भी हैं, जो अवैध हैं, जहां अच्छी खासी रसूखदार और अमीर लोगों की आबादी रहती है। क्या सरकार इन पर…
  • रश्मि सहगल
    RTI क़ानून, हिंदू-राष्ट्र और मनरेगा पर क्या कहती हैं अरुणा रॉय? 
    25 Apr 2022
    “मौजूदा सरकार संसद के ज़रिये ज़बरदस्त संशोधन करते हुए RTI क़ानून पर सीधा हमला करने में सफल रही है। इससे यह क़ानून कमज़ोर हुआ है।”
  • मुकुंद झा
    जहांगीरपुरी: दोनों समुदायों ने निकाली तिरंगा यात्रा, दिया शांति और सौहार्द का संदेश!
    25 Apr 2022
    “आज हम यही विश्वास पुनः दिलाने निकले हैं कि हम फिर से ईद और नवरात्रे, दीवाली, होली और मोहर्रम एक साथ मनाएंगे।"
  • रवि शंकर दुबे
    कांग्रेस और प्रशांत किशोर... क्या सोचते हैं राजनीति के जानकार?
    25 Apr 2022
    कांग्रेस को उसकी पुरानी पहचान दिलाने के लिए प्रशांत किशोर को पार्टी में कोई पद दिया जा सकता है। इसको लेकर एक्सपर्ट्स क्या सोचते हैं।
  • विजय विनीत
    ब्लैक राइस की खेती से तबाह चंदौली के किसानों के ज़ख़्म पर बार-बार क्यों नमक छिड़क रहे मोदी?
    25 Apr 2022
    "चंदौली के किसान डबल इंजन की सरकार के "वोकल फॉर लोकल" के नारे में फंसकर बर्बाद हो गए। अब तो यही लगता है कि हमारे पीएम सिर्फ झूठ बोलते हैं। हम बर्बाद हो चुके हैं और वो दुनिया भर में हमारी खुशहाली का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License