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मोदी सरकार में महंगाई बढ़ना शुरू, अब दिखा है नोटबंदी और जीएसटी का असली असर
अब सरकार की गलत नीतियों को वजह से महंगाई फिर सिर उठाने लगी है।
सबरंग इंडिया
13 Sep 2017
महंगाई
महंगाई

यूपीए सरकार के ध्वस्त होने में महंगाई की मार का बड़ा हाथ था। बीजेपी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। संयोग से नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे के तेल के दामों में कमी आनी शुरू हो गई थी। इसके साथ मांग न रहने की वजह से अनाज और अन्य कमोडिटी के दाम भी घटने लगे थे। मोदी सरकार को इसका फायदा मिला और पिछले तीन साल के दौरान महंगाई काबू में रही। लेकिन अब सरकार की गलत नीतियों को वजह से महंगाई फिर सिर उठाने लगी है। जबकि बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में सबसे ज्यादा जोर महंगाई नियंत्रण पर दिया था।

आम लोगों को थोक से ज्यादा खुदरा महंगाई से ज्यादा वास्ता पड़ता है। अगस्त में यह महंगाई दर सीधे एक फीसदी बढ़ गई। जबकि कोर महंगाई दर (खाद्य और ईंधन) को छोड़ कर आधा फीसदी बढ़ कर 4.5 फीसदी बढ़ गई।दरअसल खुदरा महंगाई दर में यह बढ़ोतरी यूं ही नहीं है। इसके पीछे जीएसटी का लागू होना और केंद्रीय कर्मचारियों के एचआरए में बढ़ोतरी है। साथ ही खाद्य महंगाई दर में बढ़ोतरी भी इसकी बड़ी वजह है। खाद्य महंगाई दर में बढ़ोतरी भी मोदी सरकार की गलत नीतियों की वजह से हुई है। देश में कई इलाकों में किसान आंदोलन की वजह से उत्पादन और सप्लाई दोनों को चोट पहुंची और इस वजह से प्याज और टमाटर जैसी सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी हुई। खाद्य महंगाई दर को बढ़ाने यह अहम वजह रही। इसी तरह जीएसटी लागू होने से पान, तंबाकू (6.85 फीसदी), कपड़े फुटवियर (4.85 फीसदी), हाउसिंग ( 5.58 फीसदी) और विभिन्न श्रेणियों की वस्तुएं (3.85 फीसदी ) के दामों में बढ़ोतरी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि खाद्य महंगाई दर में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है।

 क्योंकि किसानों ने फसल की अच्छी कीमत न मिलने की वजह से कई जगह अपनी फसलों का रकबा (उत्पादन क्षेत्र) घटाया है। अब यह अच्छी तरह साफ हो चुका है जीएसटी, नोटबंदी और किसानों के लिए अच्छी कीमत न देने से महंगाई में इजाफा होता जा रहा है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि मोदी सरकार इस मोर्चे पर बिल्कुल चिंतित नहीं दिखती। हालांकि यह रवैया उसे भारी पड़ सकता है। क्योंकि नोटबंदी की वजह से असंगठित क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लोग बेरोजगार हुए हैं और यह सच है कि महंगाई सबसे ज्यादा गरीबों परेशान करती है।

Courtesy: सबरंग इंडिया ,
Original published date:
13 Sep 2017
महंगाई
नोटबंदी
GST

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