NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
मोटर वाहन संशोधन अधिनियम के विरोध में हड़ताल, लोग परेशान
हड़ताल की वजह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई स्कूल बंद हैं। यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन्स (यूएफटीए) ने हड़ताल का आह्वान किया है। हालांकि दिल्ली मेट्रो और डीटीसी की बसों पर इस बंद का असर नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Sep 2019
protest against motor act

मोटर वाहन संशोधन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के विरोध में यूएफटीए संगठन के आह्वान पर आयोजित हड़ताल के कारण बृहस्पतिवार को निजी बस, टैक्सी, ऑटोरिक्शा सड़कों पर नहीं चले जिससे लोगों को सुबह अपने कार्यालय जाने में खासी परेशानी हुई।  हड़ताल की वजह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई स्कूल बंद हैं। हालांकि दिल्ली मेट्रो और डीटीसी की बसों पर इस बंद का असर नहीं है।

यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन्स (यूएफटीए) ने हड़ताल का आह्वान किया है। यूएफटीए में ट्रक, बस, ऑटो, टेम्पो, मेक्सी कैब और टैक्सियों का दिल्ली/एनसीआर में प्रतिनिधित्व करने वाले 41 यूनियन और संघ शामिल है। इस संगठन के महासचिव श्यामलाल गोला ने कहा कि इस हड़ताल में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 50 से ज्यादा यातायात संगठन और यूनियन हिस्सा ले रहे हैं।

बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह लोगों को कार्यालयों तक जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि यूएफटीए संगठन की ओर से आयोजित हड़ताल के बाद निजी बस, टैक्सी, ऑटोरिक्शा सड़कों से नदारद रहे।

यह हड़ताल मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों में संशोधन के खिलाफ बुलाई गई है। यूएफटीए ने सड़क यातायात जुर्माना में हुई बढ़ोतरी समेत मोटर वाहन अधिनियम के कुछ अन्य प्रावधानों को वापस लेने की मांग की है।

एक सरकारी कर्मचारी किशोर लाल ने कहा कि उन्हें मेट्रो से कार्यालय जाना पड़ा क्योंकि उनकी आवासीय कालोनी से चलने वाली बस आज नहीं आई। सीजीओ परिसर में काम करने वाले लाल ने कहा, ‘हमने कार्यालय जाने के लिए 15 मिनट तक बस की प्रतीक्षा की लेकिन वह नहीं आई। इसलिए अब हम मेट्रो ले रहे हैं।’

डीटीसी बसों में सामान्य दिनों की अपेक्षा आज ज्यादा यात्री नजर आ रहे हैं। कुछ ऑटोरिक्शा भी चल रहे हैं।  एक ऑटोरिक्शा चालक ने कहा कि उनकी रात्रिकालीन शिफ्ट सुबह आठ बजे समाप्त होती है, इसलिए वह अभी ऑटो चला रहे हैं और दोपहर तक यह भी बंद हो जाएगा।

वहीं, कई माता-पिता को अपने बच्चों के स्कूलों से संदेश मिला है कि बृहस्पतिवार को शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों की एक्शन कमेटी के महासचिव भरत अरोड़ा ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल की वजह से अधिकतर स्कूलों ने छुट्टी का ऐलान किया है।

जीडी सलवान पब्लिक स्कूल से मिले एक संदेश में कहा गया है कि दिल्ली और एनसीआर में निजी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल की वजह से स्कूल नर्सरी, केजी और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए बंद रहेगा। द्वारका के आईटीएल पब्लिक स्कूल, चिन्मय विद्यालय और मथुरा रोड स्थित डीपीएस ने भी इसी तरह के संदेश अभिभावकों को भेजे हैं।

आईटीएल पब्लिक स्कूल ने एक संदेश में कहा कि यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा बुलाए गए ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण, स्कूल 19 सितंबर 2019 को बंद रहेगा। कक्षा छठी से 12वीं तक की निर्धारित परीक्षा 20 सितंबर को होगी। डीपीएस मथुरा रोड ने कहा कि हड़ताल की वजह से 19 सितंबर को सभी छात्रों और शिक्षकों की छुट्टी है।

वहीं, मयूर विहार के एएसएन सीनियर सकेंडरी स्कूल ने माता-पिता से कहा है कि बृहस्पतिवार को हड़ताल को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जरूरी इंतजाम करें।

यूनाइटेड फ्रंट ऑफ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के चेयरमैन हरीश सब्बरवाल ने न्यूज़क्लिक से बताया  कि हमारी हड़ताल कामयाब रही है। हम सरकार से लगातार बातचीत कर रहे हैं। अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो हम अनिश्चितकालीन अनशन पर चले जायेंगे।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

New motor vehicle act_2019
Motor Vehicles Amendment Bill
Protest against the motor act 2019
UFTA Organization
New Delhi
transport wokers

Related Stories

डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया

दिल्ली: अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ बढ़ते हमलों के विरोध में सीपीआई(एम) का प्रदर्शन

दिल्ली: अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते हमलों के विरोध में माकपा का प्रदर्शन

सीएए-एनआरसी-एनपीआर के खिलाफ बहुजन-वंचित संगठनों का 'दिल्ली चलो' आंदोलन

CAA विरोध: दिल्ली में येचुरी, राजा सहित वामदलों के अन्य वरिष्ठ नेता हिरासत में लिए गए

सीएबी के ख़िलाफ़ दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन, कहा- 'भारत के विचार की हत्या'

अदालत का मंडी हाउस से विकलांग प्रदर्शनकारियों को हटाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से इंकार

हैदराबाद के बाद उन्नाव को लेकर ग़म और गुस्सा, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा

दिल्ली में विकलांग छात्रों का संघर्ष जारी, लेकिन किसी को परवाह नहीं!

फिर आंदोलन, फिर आश्वासन : दिल्ली आ रहे किसान यूपी गेट से लौटे  


बाकी खबरें

  • श्याम मीरा सिंह
    यूक्रेन में फंसे बच्चों के नाम पर PM कर रहे चुनावी प्रचार, वरुण गांधी बोले- हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए
    28 Feb 2022
    एक तरफ़ प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में यूक्रेन में फंसे कुछ सौ बच्चों को रेस्क्यू करने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ़ यूक्रेन में अभी हज़ारों बच्चे फंसे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे…
  • karnataka
    शुभम शर्मा
    हिजाब को गलत क्यों मानते हैं हिंदुत्व और पितृसत्ता? 
    28 Feb 2022
    यह विडम्बना ही है कि हिजाब का विरोध हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से होता है, जो खुद हर तरह की सामाजिक रूढ़ियों और संकीर्णता से चिपकी रहती हैं।
  • Chiraigaon
    विजय विनीत
    बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के बनारस में चिरईगांव के बाग़बानों का जो रंज पांच दशक पहले था, वही आज भी है। सिर्फ चुनाव के समय ही इनका हाल-चाल लेने नेता आते हैं या फिर आम-अमरूद से लकदक बगीचों में फल खाने। आमदनी दोगुना…
  • pop and putin
    एम. के. भद्रकुमार
    पोप, पुतिन और संकटग्रस्त यूक्रेन
    28 Feb 2022
    भू-राजनीति को लेकर फ़्रांसिस की दिलचस्पी, रूसी विदेश नीति के प्रति उनकी सहानुभूति और पश्चिम की उनकी आलोचना को देखते हुए रूसी दूतावास का उनका यह दौरा एक ग़ैरमामूली प्रतीक बन जाता है।
  • MANIPUR
    शशि शेखर
    मुद्दा: महिला सशक्तिकरण मॉडल की पोल खोलता मणिपुर विधानसभा चुनाव
    28 Feb 2022
    मणिपुर की महिलाएं अपने परिवार के सामाजिक-आर्थिक शक्ति की धुरी रही हैं। खेती-किसानी से ले कर अन्य आर्थिक गतिविधियों तक में वे अपने परिवार के पुरुष सदस्य से कहीं आगे नज़र आती हैं, लेकिन राजनीति में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License