NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
रंगमंच
समाज
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
मशहूर नाटककार-अभिनेता गिरीश कर्नाड का निधन
अपने आख़िरी वक़्त तक कर्नाड देश में चल रहे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमलों के विरोध में खड़े रहे थे। और लगातार एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर सत्ता पक्ष से सवाल करने का काम करते रहे थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jun 2019
गिरीश कर्नाड

प्रख्यात नाटककार, अभिनेता और निर्देशक गिरीश कर्नाड का सोमवार को उनके आवास पर निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। 

गिरीश कर्नाड रंगकर्म की दुनिया से जुड़े होने के अलावा एक प्रगतिशील इंसान भी थे, और सामाजिक तौर पर लगातार अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए आवाज़ उठाते रहे थे। गिरीश कर्नाड का निधन रंगकर्म की दुनिया के लिए ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दुनिया के लिए भी एक बड़ा नुक़सान है। 

आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि कर्नाड कुछ समय से बीमार चल रहे थे, जिसकी वजह से सोमवार की सुबह उनका निधन हो गया। 
बहुमुखी प्रतिभा के धनी कर्नाड ने अनेक नाटकों और फिल्मों में अभिनय किया जिनकी काफ़ी सराहना हुई।

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके कर्नाड को 1974 में पद्म श्री और 1992 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया। वह 1960 के दशक में ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के रोहड्स स्कॉलर भी रहे जिससे उन्होंने दर्शनशास्त्र, राजनीति शास्त्र और अर्थशास्त्र में मास्टर ऑफ़ आर्ट्स की डिग्री हासिल की।
उनके कन्नड़ भाषा में लिखे नाटकों का अंग्रेजी और कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया। 

उन्होंने मशहूर कन्नड़ फ़िल्म ‘‘संस्कार’’ (1970) से अभिनय और पटकथा लेखन के क्षेत्र में पदार्पण किया। यह फ़िल्म यू आर अनंतमूर्ति के एक उपन्यास पर आधारित थी। फ़िल्म का निर्देशन पट्टाभिराम रेड्डी ने किया और फ़िल्म को कन्नड़ सिनेमा के लिए पहला राष्ट्रपति गोल्डन लोटस पुरस्कार मिला। 

हालांकि, उन्होंने बतौर अभिनेता सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत की लेकिन उन्हें लेखक और विचारक के रूप में जाना जाता है।
कर्नाड अपनी पीढ़ी की सर्वाधिक प्रतिष्ठित कलात्मक आवाजों में से एक थे।

वह प्रतिष्ठित नाटककार थे। उनके नाटक ‘‘नागमंडल’’, ‘‘ययाति’’ और ‘‘तुगलक’’ ने उन्हें काफी ख्याति दिलाई।

उन्होंने ‘‘स्वामी’’ और ‘‘निशांत’’ जैसी हिंदी फिल्मों में भी काम किया।

उनके टीवी धारावाहिकों में ‘‘मालगुडी डेज़’’ शामिल हैं जिसमें उन्होंने स्वामी के पिता की भूमिका निभाई। वह 90 के दशक की शुरुआत में दूरदर्शन पर विज्ञान पत्रिका ‘‘टर्निंग प्वाइंट’’ के प्रस्तोता भी थे। 

अपने आख़िरी वक़्त तक कर्नाड देश में चल रहे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमलों के विरोध में खड़े रहे थे। और लगातार एक सामाजिक कार्यकर्ता के  तौर पर सत्ता पक्ष से सवाल करने का काम करते रहे थे। 

रंगकर्म के क्षेत्र के तमाम कलाकारों-लेखकों ने गिरीश कर्नाड के निधन को रंगकर्म और लेखन की दुनिया के लिए एक बड़ा नुक़सान बताया है और देश भर में उनके निधन को लेकर शोक की लहर है। इसके अलावा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच. डी कुमारस्वामी, पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल-सेक्युलर सुप्रीमो ए.डी देवेगौड़ा और केंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री डी. वी सदानंद गौड़ा ने उनके निधन पर संवेदना जताई है।

(भाषा से इनपुट के साथ)

girish karnad
tughlaq
girish karnad death
theater
indian theater
indian playwrights
indian cinema
activism
theater world

Related Stories

आग़ा हश्र काश्मीरी: गंगा-ज़मुनी संस्कृति पर ऐतिहासिक नाटक लिखने वाला ‘हिंदोस्तानी शेक्सपियर’

भारतीय रंगमंच का इतिहास वर्ग संघर्षों का ही नहीं, वर्ण संघर्षों का भी है : राजेश कुमार

एकतारा कलेक्टिव : प्रतिरोधी सिनेमा का निर्माण, एक समय में एक फ़िल्म


बाकी खबरें

  • modi
    राजेंद्र शर्मा
    थैंक यू मोदी जी--हम कम से कम एशिया गुरु तो हुए!
    06 Feb 2022
    कटाक्ष: वैसे ऐसा भी नहीं है कि हम हर मामले में एशिया गुरु के कुर्सी पर ही अटके हुए हों। और भी नंबर वन हैं दुनिया में कोविड की मौतों या दौलतवालों के नंबर वन के सिवा।
  • budget
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: बजट इस साल का; बात पच्चीस साल की
    06 Feb 2022
    इस बजट में गरीबों का, किसानों का, मजदूरों का, बेरोजगारों का, सभी का ध्यान रखा गया है। सब का यह ध्यान रखा गया है कि उन्हें गलती से भी कुछ न मिले और अगर मिले भी तो कम से कम मिले। 
  • hum bharat ke log
    अजय सिंह
    हम भारत के लोग : हम कहां-से-कहां पहुंच गये हैं
    06 Feb 2022
    भारत गणराज्य एक भंवर में फंस गया है। भंवर से उसे कैसे उबारा जाये, यह विकट प्रश्न है।
  • UP Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुरादाबादः भाजपा को सबक़ सिखाने की तैयारी
    05 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने मुरादाबाद को साफ रखने वाले सफाईकर्मियों के साथ-साथ मुसलमानों, आम नागरिक से बात की जो बदलाव की तैयारी में दिख रहे हैं।
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: 11 ज़िले, 58 सीटें, पहला दौर ही तय कर देगा यूपी का भविष्य
    05 Feb 2022
    चुनाव की घड़ी आ गई है। पांच राज्यों के चुनाव में सबसे पहले उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले दौर का मतदान होगा। मौसम सर्द है लेकिन यहां गर्मी की बातें हो रही हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि वे सारी '…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License