NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
मज़दूर-किसान
भारत
मथुरा में पराली जलाने के मामलें में 11 किसानों को जेल और 300 को नोटिस
वातावरण प्रदूषित करने की धारा 278 व 290 के तहत चालान कर 11 किसानों जेल भेज दिया गया, 300 किसानों को नोटिस दिया गया और  इन किसानों पर  13 लाख पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Nov 2019
paralai

वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है। इस प्रतिबंध के उल्लंघन के आरोप में जनपद मथुरा के 11 किसानों को सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

जिला प्रशासन ने पराली जलाने की सूचना मिलने के बाद भी किसानों को नहीं रोक पाने के मामले में छाता तहसील के दो लेखपालों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है।

छाता के उप जिलाधिकारी नितिन गौड़ ने बताया, जिला प्रशासन को मथुरा के छाता, कोसीकलां, शेरगढ़ व चैमुहां इलाके में पराली जलाने की सूचना लगातार मिल रही थी। इन पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी ने 39 अफसरों की ड्यूटी लगाई थी। लेकिन इनमें से अब तक एक बार भी मौके पर जाकर स्थिति को न देखने वाले बरका गांव के लेखपाल विजय सिंह एवं बिजवारी प्रथम क्षेत्र के लेखपाल दिनेश कुमार को निलंबित कर उनके खिलाफ जांच का आदेश दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने छाता में पराली जलाने पर गुलाब निवासी जाब, पूरन निवासी नरी, वीरमती पत्नी पूरन निवासी नरी, वीरपाल निवासी दद्दीगढ़ी, पप्पू निवाली भदावल, कोसीकलां में ओमी निवासी कमलानगर, तथा शेरगढ़ में पैगांव निवासी अशोक, महेंद्र, राजू, विशंभरा निवासी साहिल को गिरफ्तार किया है।

इन सभी के विरुद्ध वातावरण प्रदूषित करने की धारा 278 व 290 के तहत चालान कर सोमवार को जेल भेज दिया गया।उन्होंने बताया, इनके अलावा सैटेलाइट से मिली सूचनाओं और वीडियो के माध्यम से छाता इलाके में 300 से अधिक पराली जलाने की घटनाओं की सूचना मिली। इन घटनाओं की पुष्टि होने के बाद इन किसानों द्वारा बोए गए धान के रकबे के अनुसार कुल 13 लाख पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
 

(भाषा के इनपुट के साथ)

parali
parali in mathura
matura farmer punishment for burning of prali
supreme court decision on parali

Related Stories


बाकी खबरें

  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    बीमार लालू फिर निशाने पर क्यों, दो दलित प्रोफेसरों पर हिन्दुत्व का कोप
    21 May 2022
    पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार के दर्जन भर से अधिक ठिकानों पर सीबीआई छापेमारी का राजनीतिक निहितार्थ क्य है? दिल्ली के दो लोगों ने अपनी धार्मिक भावना को ठेस लगने की शिकायत की और दिल्ली…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ज्ञानवापी पर फेसबुक पर टिप्पणी के मामले में डीयू के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को ज़मानत मिली
    21 May 2022
    अदालत ने लाल को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि जमा करने पर राहत दी।
  • सोनिया यादव
    यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?
    21 May 2022
    प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक खुद औचक निरीक्षण कर राज्य की चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। हाल ही में मंत्री जी एक सरकारी दवा गोदाम पहुंचें, जहां उन्होंने 16.40 करोड़…
  • असद रिज़वी
    उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण
    21 May 2022
    भारत निर्वाचन आयोग राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा  करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश समेत 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों के लिए 10 जून को मतदान होना है। मतदान 10 जून को…
  • सुभाष गाताडे
    अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !
    21 May 2022
    ‘धार्मिक अंधविश्वास और कट्टरपन हमारी प्रगति में बहुत बड़े बाधक हैं। वे हमारे रास्ते के रोड़े साबित हुए हैं। और उनसे हमें हर हाल में छुटकारा पा लेना चाहिए। जो चीज़ आजाद विचारों को बर्दाश्त नहीं कर सकती,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License